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महायोगी सत्येंद्र का योग साधना के अभ्यास में लीन वीडियो सोशल मीडिया पर हुआ वायरल

Himgiri Samachar:

मंडी, 25 फरवरी। हिमाचल प्रदेश: जिला कुल्लु की सराज घाटी के ऊँचे पहाड़ों पर साधना करने गए एक सिद्धयोगी की झलकियां देख! तब लोग हैरान रह गए जब उनहोंने महायोगी सत्येंद्र नाथ को भारी बर्फवारी में बर्फ से ढका देखा। लगभग एक महीने से अपनी योग साधना के अभ्यास में लीन सिद्ध योगी की सोशल मीडिया पर एक विडिओ आते ही तहलका मच गया। क्योंकि आज से पहले लोगों ने ऐसी योग साधना नहीं देखि थी। योगी पर बर्फ़ टिक गई थी और एक मोबाइल कैमरा उनको एक ओर से रिकार्ड करता है और उनकी ओर जाता है। विडिओ में साफ़ देखा जा सकता है कि बादल और धुंध के बीच बैठे योगी के पीछे से कम्कम्पा देने वाला बर्फीला तूफ़ान भी चल रहा है। विडिओ के आते ही सोशल मीडिया पर भी अटकलों का दौर शुरू हो गया। किसी ने विडिओ को AI जेनरेटेड बताया तो किसी ने योगी को ही मृत घोषित कर दिया। किसी ने कहा ये पुतला है मनुष्य नहीं। लोग विडिओ बनाने वाले पर भी भड़के हुए थे कह रहे थे कि कम से कम ऐसी अवस्था में तो योगी की विडिओ ना बनाई जाए। लेकिन सत्य क्या है ये हम आपको बताते हैं। 

 

तस्वीरों में दिख रहे योगी को ईशपुत्र के नाम से लोग जानते हैं। उनके गुरु ईशनाथ थे उनका शिष्य होने के कारण इनको लोग ईशपुत्र पुकारते हैं। ईशपुत्र हिमालय की सिद्ध परम्परा के योगी हैं। इनका वास्तविक नाम महायोगी सत्येंद्र नाथ है। ये कौलान्तक पीठ के पीठाधीश्वर हैं जो हिमालय के सिद्धों की एकमात्र पीठ है और देव परम्परा को आधार मान कर चलती हैं। ईशपुत्र के चाहने वाले बहुत से देशों में फैले हुए हैं। 8 से भी अधिक देशों में कौलान्तक पीठ योग और देवधर्म का प्रचार करती है। ईशपुत्र क्योंकि एक पीठाधीश्वर हैं तो उनके आसपास सदैव उनके शिष्य रहते हैं। ईशपुत्र हिमालय के योगी हैं तो इनको सदा पहाड़ों, घने जंगलों, नदियों, झरनो पर साधना, ध्यान, समाधी का अभ्यास करते हुए देखा जा सकता हैं। 

 

बाल्यावस्था से ही अपने एक अन्य गुरु सिद्ध सिद्धांत नाथ जी द्वारा बताये साधना मार्ग का ईशपुत्र अभ्यास कर रहे हैं। अपनी कॉलेज की पढाई पूरी कर ईशपुत्र ने 'कौलान्तक पीठ' के समस्त कार्यों को पूरी तरह से संभाल लिया। लगभग एक माह से साधना अभ्यास कर रहे ईशपुत्र के साथ सराज घाटी के पहाड़ों पर उनको 2 शिष्य भी योग अभ्यास और ध्यान के लिए गए हुए थे। इसी दौरान हिमपात शुरू हो गया और बर्फीला तूफ़ान चलने लगा। चारो ओर बादल और धुंध थी। ऐसे में घबराये शिष्य ईशपुत्र के पास पहुंचते हैं। किन्तु वो उनको गहन ध्यान की अवस्था में पाते हैं और उनके विडिओ अपने मोबाइल में कैद कर लेते हैं। जब ये विडिओ सोशल मीडिया पर आता है तो लोग हैरान रह जाते हैं। अधिकांश को ऐसा लगता है कि ये स्टूडियो में शूट की गयी क्लिप है। लेकिन सच्चाई ये हैं कि ये योग साधना की एक झलक है।  

 

 

अब रही बात कि ये विडिओ किसने बनाया तो ये राहुल नाम के एक शिष्य ने बनाया है। जो कि ईशपुत्र के सारे विडिओ अपने मोबाइल में कैद करता है क्योंकि दुनिया भर में फैले शिष्यों तक ईशपुत्र को और ईशपुत्र के संदेशों को पहुँचाने का यही सबसे सरल और आधुनिक माध्यम है। साथ ही इन् विडिओ को बनाने के पीछे मकसद नई पीढ़ी के युवाओं को योग, साधना से परिचित करवाना और योग ध्यान के लिए प्रेरित करना भी होता है। इस विडिओ को बनाते समय राहुल के साथ-साथ सावर्णि नाथ नाम के ईशपुत्र के सेवक भी साथ ही थे। ये केवल मात्र एक ही विडिओ नहीं बल्कि पूरे महीने में बहुत से ऐसी वीडिओज़ हैं जिसे देख कर आम आदमी का चौक जाना लाज़मी है। लेकिन सावर्णि नाथ जी के अनुसार ये कोई चमत्कार नहीं है। बल्कि अग्नि योग का अभ्यास मात्र है जिसे कोई भी सीख कर और अभ्यास कर संपन्न कर सकता है। 

 

 

योगी सत्येंद्र नाथ बचपन से ही बर्फ में साधना का अभ्यास कर रहे हैं, इसलिए उनके लिए ये सरल हैं। लेकिन ऐसे पहाड़ों पर जा कर बैठना जानलेवा साबित हो सकता है।  हर वर्ष बर्फ और ठण्ड के कारण बहुत से लोगों की जान जाती है। लेकिन इसमें कोई दोराय नहीं की योग में अद्भुत शक्ति होती है। अभ्यास द्वारा ऐसा किया जा सकता है। लेकिन शरीर को बिना अभ्यास बर्फ के संपर्क में लाना बेहद खतरनाक होता है। इसलिए वर्षो का अभ्यास बहुत जरूरी है।

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