शिमला, 24 अप्रैल। मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने महिला आरक्षण को लेकर भाजपा के धरना-प्रदर्शन पर तीखी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा इस मुद्दे पर राजनीति कर रही है और लोगों का ध्यान भटकाने की कोशिश कर रही है। मुख्यमंत्री ने कहा कि महिला आरक्षण विधेयक 2023 में ही पारित हो चुका है और कांग्रेस ने इसका समर्थन किया था, ऐसे में अब इस पर प्रदर्शन करने का कोई औचित्य नहीं बनता।
मुख्यमंत्री ने शुक्रवार को शिमला में कहा कि अगर भाजपा सच में महिला आरक्षण लागू करना चाहती है, तो उसे यह बताना चाहिए कि अब तक इसे लागू क्यों नहीं किया गया। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा अब इसे परिसीमन और सीटों की संख्या बढ़ने से जोड़कर टाल रही है। उनके अनुसार, इस तरह के विरोध प्रदर्शन यह संकेत देते हैं कि भाजपा खुद इस कानून को लागू करने को लेकर गंभीर नहीं है।
उन्होंने यह भी कहा कि राज्य में आपदा के समय या अन्य महत्वपूर्ण मुद्दों पर भाजपा ने कोई बड़ा विरोध नहीं किया। मुख्यमंत्री के मुताबिक, जब आरडीजी बंद हुई या केंद्र से घोषित आर्थिक सहायता लाने का सवाल था, तब भाजपा ने कोई धरना नहीं दिया। उन्होंने कहा कि वर्तमान प्रदर्शन केवल राजनीतिक लाभ लेने के लिए किए जा रहे हैं।
कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे के खिलाफ दर्ज एफआईआर के सवाल पर मुख्यमंत्री ने कहा कि यह उनकी आवाज दबाने की कोशिश है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस इससे डरने वाली नहीं है और पार्टी पूरी तरह अपने नेतृत्व के साथ खड़ी है।
वहीं, कमला नेहरू अस्पताल से गायनी वार्ड को स्थानांतरित करने के मुद्दे पर मुख्यमंत्री ने कहा कि यह फैसला महिलाओं को बेहतर इलाज देने के लिए लिया गया है। उनके अनुसार इंदिरा गांधी मेडिकल कॉलेज अस्पताल में बेहतर सुविधाएं उपलब्ध हैं, जिससे मरीजों को फायदा होगा। उन्होंने कहा कि इस तरह के फैसलों पर अनावश्यक विरोध करना सही नहीं है।