शिमला, 25 अगस्त। हिमाचल प्रदेश के कई विभागों में अधिकारियों और कर्मचारियों की दैनिक हाजिरी बायोमेट्रिक मशीन या ऑनलाइन माध्यम से दर्ज नहीं हो रही है। सरकार के अनुसार इसके पीछे फील्ड कर्मचारियों की ड्यूटी का स्वरूप, दुर्गम क्षेत्रों में इंटरनेट और नेटवर्क की कमी, बिजली की समस्या तथा कई कार्यालयों में बायोमेट्रिक मशीन उपलब्ध नहीं होना प्रमुख कारण हैं। मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने आनी के विधायक लोकेंद्र कुमार के सवाल के लिखित जवाब में मंगलवार को विधानसभा में यह जानकारी दी।
मुख्यमंत्री ने बताया कि 18 विभागों के तहत आने वाले बोर्डों, निगमों के कार्यालयों और संस्थानों में कर्मचारियों की दैनिक हाजिरी बायोमेट्रिक या ऑनलाइन माध्यम से नहीं लग रही है। इनमें निर्वाचन विभाग, कृषि, गृह, उद्यान, आवास, जल शक्ति, भाषा एवं कला संस्कृति, लोक निर्माण, सैनिक कल्याण, पर्यटन, जनजातीय विकास, सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता, वित्त, वन, सामान्य प्रशासन, आयुष, ग्रामीण विकास और राजस्व विभाग शामिल हैं।
फील्ड कर्मचारियों के लिए एक जगह हाजिरी लगाना मुश्किल
सरकार ने बताया कि जल शक्ति विभाग के फील्ड कर्मचारियों की दैनिक हाजिरी बायोमेट्रिक या ऑनलाइन माध्यम से दर्ज नहीं की जा रही है। इसका कारण यह है कि बायोमेट्रिक मशीन सामान्य तौर पर किसी एक निश्चित स्थान पर लगाई जाती है, जबकि फील्ड कर्मचारियों का कार्यक्षेत्र अलग-अलग स्थानों पर होता है। ऐसे कर्मचारियों के लिए फिलहाल बायोमेट्रिक या ऑनलाइन हाजिरी दर्ज कराने की कोई व्यवहारिक व्यवस्था नहीं है। इनकी उपस्थिति विभागीय नियमों के अनुसार उपस्थिति पंजिका में दर्ज की जाती है।
मुख्यमंत्री ने बताया कि बहुउद्देशीय परियोजनाएं एवं ऊर्जा, वन, पशुपालन, गृह, उद्यान, लोक निर्माण, पर्यटन, परिवहन, युवा सेवाएं एवं खेल, गैर पारंपरिक ऊर्जा स्रोत, वित्त, ग्रामीण विकास और राजस्व सहित कई विभागों में फील्ड स्टाफ की बायोमेट्रिक हाजिरी नहीं लग रही है।
इन विभागों में फील्ड कर्मचारियों के सामने अलग-अलग तरह की दिक्कतें हैं। कई जगह फील्ड में तैनात कर्मचारी के लिए कार्यालय पहुंचकर बायोमेट्रिक हाजिरी लगाना व्यवहारिक नहीं है। दुर्गम क्षेत्रों में इंटरनेट और मोबाइल नेटवर्क उपलब्ध नहीं होने, कनेक्टिविटी की कमी तथा तकनीकी समस्याओं के कारण भी ऑनलाइन हाजिरी दर्ज नहीं हो पाती।
कई कार्यालयों में मशीन ही नहीं लगी
मुख्यमंत्री ने बताया कि सहकारिता विभाग के जिला कार्यालयों के तहत आने वाले विभिन्न विकास खंड स्तर के कार्यालयों में बायोमेट्रिक मशीनें स्थापित नहीं की गई हैं। ऐसे कार्यालयों में कर्मचारियों की हाजिरी उपस्थिति पंजिका में दर्ज की जाती है।
मत्स्य विभाग के कुछ अधीनस्थ जिला स्तरीय और मंडलीय कार्यालयों तथा मत्स्य फार्मों में भी बायोमेट्रिक मशीनें स्थापित नहीं हैं। इस कारण वहां कर्मचारियों की दैनिक हाजिरी बायोमेट्रिक माध्यम से दर्ज नहीं हो रही है।
खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता मामले विभाग के पांगी और काजा स्थित कार्यालयों में इंटरनेट और बिजली की पर्याप्त सुविधा नहीं होने के कारण कर्मचारियों की दैनिक हाजिरी आधार-सक्षम बायोमेट्रिक उपस्थिति प्रणाली के माध्यम से सुचारू रूप से दर्ज नहीं हो पा रही है।
पुलिस और अग्निशमन के फील्ड स्टाफ के लिए अलग स्थिति
मुख्यमंत्री ने बताया कि पुलिस विभाग में फील्ड स्टाफ के पुलिस कर्मचारियों की हाजिरी बायोमेट्रिक मशीन और ऑनलाइन माध्यम से नहीं लग रही है। वहीं कार्यालयों में तैनात कर्मचारियों की हाजिरी बायोमेट्रिक मशीन और ऑनलाइन माध्यम से दर्ज की जा रही है।
गृह रक्षा एवं नागरिक सुरक्षा विभाग और अग्निशमन सेवाएं विभाग के फील्ड स्टाफ 24 घंटे की शिफ्ट में ड्यूटी करते हैं। उन्हें किसी भी समय हादसे की जगह पर तत्काल पहुंचना पड़ सकता है। ऐसे में इन कर्मचारियों को निर्धारित कार्यालय समय में कार्यालय में उपस्थित रहकर बायोमेट्रिक हाजिरी लगाना संभव नहीं होता। सरकार ने इसे फील्ड स्टाफ के लिए बायोमेट्रिक उपस्थिति प्रणाली लागू करने में व्यवहारिक समस्या बताया है।
विजिलेंस के थानों में तैनात अधिकारियों और कर्मचारियों की भी बायोमेट्रिक हाजिरी नहीं लग रही है। मुख्यमंत्री के अनुसार इन थानों में अभी तक बायोमेट्रिक मशीनें स्थापित नहीं की गई हैं।
जहां मशीन लगी, वहां फील्ड स्टाफ भी लगा रहा हाजिरी
सूचना एवं जनसंपर्क विभाग के जिन कार्यालयों में बायोमेट्रिक मशीनें स्थापित कर दी गई हैं, वहां तैनात फील्ड स्टाफ भी बायोमेट्रिक मशीन के माध्यम से हाजिरी लगा रहा है।
कृषि विभाग के कृषि विकास और प्रसार केंद्र अनुभागों में बायोमेट्रिक या ऑनलाइन माध्यम से हाजिरी लगाने की व्यवस्था नहीं है। सरकार ने इसका कारण बताया कि प्रत्येक अनुभाग में केवल एक या दो अधिकारी या कर्मचारी ही कार्यरत हैं।
भाषा एवं कला संस्कृति विभाग के क्षेत्रीय कार्यालयों में कर्मचारियों की हाजिरी बायोमेट्रिक आधार पर लगाई जा रही है। केवल जिला भाषा अधिकारी कार्यालय किन्नौर स्थित रिकांगपिओ में बायोमेट्रिक हाजिरी नहीं लग रही है।
हाईकोर्ट द्वारा सभी विभागों में व्यवस्था अनिवार्य करने के आदेश
मुख्यमंत्री ने बताया कि हाईकोर्ट के पारित आदेशों के अनुपालन में राज्य सरकार ने सभी विभागों, बोर्डों, निगमों और विश्वविद्यालयों में बायोमेट्रिक उपस्थिति प्रणाली लागू करने के लिए 18 नवंबर 2022 को आदेश जारी किए थे। इन आदेशों में बायोमेट्रिक उपस्थिति को अनिवार्य किया गया है।
उन्होंने यह भी बताया कि यदि किसी सरकारी कर्मचारी को सक्षम प्राधिकारी की ओर से सामान्य कार्यालय समय के अतिरिक्त, यानी कार्यालय समय शुरू होने से पहले या समाप्त होने के बाद ड्यूटी करने के लिए विधिवत निर्देश दिया जाता है, तो ऐसी वास्तविक अतिरिक्त ड्यूटी के बदले नियमानुसार प्रतिपूरक अवकाश देने का प्रावधान है।