शिमला, 02 जून। राजधानी शिमला में सील्ड रोड पर वाहनों की आवाजाही को लेकर मंगलवार को हुए अधिवक्ताओं के प्रदर्शन के बाद पुलिस ने कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी है। सचिवालय के बाहर प्रदर्शन और सड़क जाम करने के मामले में पुलिस थाना पूर्व (ईस्ट) शिमला में एफआईआर दर्ज की गई है। पुलिस का कहना है कि प्रतिबंधित क्षेत्र में बिना अनुमति प्रदर्शन किया गया और सार्वजनिक मार्ग अवरुद्ध होने से आम लोगों को भारी असुविधा हुई।
दरअसल, मंगलवार को हाईकोर्ट के सैकड़ों अधिवक्ता पहले मुख्यमंत्री आवास ओक ओवर और बाद में सचिवालय पहुंचे थे। मुख्यमंत्री से मुलाकात नहीं होने पर अधिवक्ता सचिवालय के बाहर सड़क पर बैठ गए, जिससे सर्कुलर रोड पर लंबा जाम लग गया। कई घंटों तक राजधानी की यातायात व्यवस्था प्रभावित रही और सरकारी कर्मचारियों, स्थानीय लोगों, पर्यटकों तथा स्कूल से लौट रहे बच्चों को परेशानी का सामना करना पड़ा।
पुलिस की प्रेस विज्ञप्ति : प्रतिबंधित क्षेत्र में प्रदर्शन और यातायात बाधित करने का आरोप
हिमाचल प्रदेश पुलिस द्वारा जारी प्रेस विज्ञप्ति में कहा गया है कि सचिवालय क्षेत्र में हुई घटना के संबंध में त्वरित कानूनी कार्रवाई अमल में लाई गई है। पुलिस के अनुसार कुछ व्यक्तियों ने बिना अनुमति प्रतिबंधित क्षेत्र में प्रवेश कर प्रदर्शन किया और यातायात को बाधित किया, जिससे आम जनता एवं वाहन चालकों को असुविधा हुई।
पुलिस ने बताया कि मामले में भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की प्रासंगिक धाराओं के तहत सार्वजनिक मार्ग में अवरोध उत्पन्न करने, वैध आदेशों की अवहेलना करने और लोक असुविधा पैदा करने से संबंधित प्रावधानों के तहत मामला दर्ज किया गया है।
प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार प्रारंभिक जांच में यह सामने आया है कि प्रदर्शनकारियों ने निर्धारित प्रदर्शन स्थलों की उपलब्धता के बावजूद प्रतिबंधित क्षेत्र में एकत्र होकर प्रदर्शन किया। इससे सचिवालय और आसपास के क्षेत्रों की यातायात व्यवस्था प्रभावित हुई तथा आम नागरिकों को परेशानी का सामना करना पड़ा।
पुलिस ने स्पष्ट किया है कि वह नागरिकों और संगठनों के शांतिपूर्ण एवं विधिसम्मत तरीके से अपने विचार व्यक्त करने के लोकतांत्रिक अधिकार का सम्मान करती है, लेकिन सार्वजनिक मार्गों को अवरुद्ध करना, यातायात व्यवस्था में बाधा उत्पन्न करना या आम जनता को असुविधा पहुंचाना स्वीकार्य नहीं है। ऐसे मामलों में कानून के अनुसार सख्त कार्रवाई की जाएगी।
सील्ड रोड पर रोक से भड़के थे वकील, समान नियम लागू करने की उठाई मांग
प्रदर्शनकारी अधिवक्ताओं का कहना था कि वे वर्षों से छोटा शिमला-सचिवालय-हाईकोर्ट सील्ड रोड का उपयोग करते आ रहे हैं, लेकिन हाल के दिनों में पुलिस उनकी गाड़ियों को रोक रही है और उन्हें कार्ट रोड से जाने को कहा जा रहा है। उनका तर्क था कि कार्ट रोड पहले से ही भारी ट्रैफिक दबाव झेल रही है और इससे अदालत पहुंचने में देरी हो रही है।
प्रदर्शन के दौरान वकीलों ने "वीआईपी कल्चर नहीं चलेगा" और "अंग्रेजों का कानून नहीं चलेगा" जैसे नारे लगाए। इसी दौरान पूर्व सांसद एवं पूर्व प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष प्रतिभा सिंह के वाहन को लेकर भी विवाद हुआ। प्रदर्शनकारी अधिवक्ताओं ने मांग की कि नियम सभी पर समान रूप से लागू किए जाएं। इसके बाद पुलिस ने संबंधित वाहन का 1500 रुपये का चालान किया।
बार एसोसिएशन के पदाधिकारियों का कहना था कि उनका विरोध केवल अधिवक्ताओं के परमिट तक सीमित नहीं था, सील्ड रोड पर नियमों के समान अनुपालन का मुद्दा भी था।
मुख्यमंत्री से वार्ता के बाद खत्म हुआ आंदोलन, जांच जारी
कई घंटे चले गतिरोध के बाद मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू और अधिवक्ताओं के प्रतिनिधिमंडल के बीच बैठक हुई। बार एसोसिएशन के अनुसार मुख्यमंत्री ने मामले की समीक्षा के लिए एक कमेटी गठित करने और उसकी सिफारिशों के आधार पर अधिवक्ताओं को परमिट जारी करने का आश्वासन दिया। इसके बाद प्रदर्शन समाप्त कर दिया गया।