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राम मंदिर पर राजनीति बंद करे कांग्रेस, अपनी हिंदू विरोधी मानसिकता से बाज आए : वीरेंद्र कंवर

Himgiri Samachar:

ऊना, 18 जुलाई। पूर्व मंत्री, भारतीय जनता पार्टी के वरिष्ठ नेता तथा राष्ट्रीय वॉलीबॉल फेडरेशन के अध्यक्ष वीरेंद्र कंवर ने राम मंदिर प्रकरण को लेकर कांग्रेस पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि जिस पार्टी ने वर्षों तक भगवान श्रीराम के अस्तित्व पर सवाल उठाए और राम मंदिर निर्माण का विरोध किया, वही आज राम के नाम पर राजनीति कर जनता की धार्मिक भावनाओं से खिलवाड़ करने का प्रयास कर रही है।

 

वीरेंद्र कंवर ने शनिवार को एक बयान में कहा कि देश की जनता कांग्रेस का इतिहास भली-भांति जानती है। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस ने न्यायालय में शपथपत्र देकर भगवान श्रीराम के अस्तित्व पर प्रश्नचिह्न लगाया था और लंबे समय तक राम मंदिर निर्माण का विरोध किया। आज वही कांग्रेस राम मंदिर में हुई एक मानवीय चूक को राजनीतिक मुद्दा बनाकर अपनी दोहरी मानसिकता का परिचय दे रही है।

 

उन्होंने कहा कि राम मंदिर में जो घटना हुई है, वह किसी भी दृष्टि से दुर्भाग्यपूर्ण है, लेकिन यह एक मानवीय अपराध है, न कि आस्था या व्यवस्था पर प्रश्नचिह्न। इस मामले में दोषियों की पहचान कर उनके विरुद्ध कड़ी कानूनी कार्रवाई की जा रही है और न्यायिक प्रक्रिया पूरी गंभीरता से आगे बढ़ रही है। ऐसे में इस घटना की आड़ लेकर करोड़ों राम भक्तों की आस्था को कटघरे में खड़ा करना अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण और निंदनीय है।

 

कंवर ने कहा कि कांग्रेस को अयोध्या की राजनीति करने के बजाय हिमाचल प्रदेश में अपनी सरकार के कामकाज पर ध्यान देना चाहिए। प्रदेश के मंदिरों की व्यवस्थाओं को आधुनिक और डिजिटल बनाने की दिशा में ठोस कदम उठाने की आवश्यकता है, ताकि भविष्य में किसी भी प्रकार की अनियमितता या मानवीय चूक की संभावना न्यूनतम हो सके।

 

उन्होंने कहा कि एक ओर कांग्रेस राम मंदिर और भगवान श्रीराम की आस्था का विरोध करती रही है, वहीं दूसरी ओर उसी राम मंदिर में हुई घटना को राजनीतिक हथियार बनाकर अपनी सियासी जमीन तलाश रही है। यह कांग्रेस के दोगले चरित्र और अवसरवादी राजनीति का स्पष्ट उदाहरण है।

 

वीरेंद्र कंवर ने कहा कि जिन करोड़ों राम भक्तों, संतों और कार्यकर्ताओं के संघर्ष, समर्पण और बलिदान से भव्य राम मंदिर का निर्माण संभव हुआ, वे उसकी गरिमा और व्यवस्था बनाए रखने में भी पूरी तरह सक्षम हैं। दोषियों को कठोर सजा मिलनी चाहिए, लेकिन इस बहाने भगवान श्रीराम और राम भक्तों की आस्था पर प्रहार करना किसी भी स्थिति में स्वीकार्य नहीं है।

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