|

नीट पेपर लीक ने लाखों युवाओं के सपने तोड़े : मुख्यमंत्री सुक्खू

Himgiri Samachar:

शिमला, 13 जुलाई। मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने कहा है कि नीट परीक्षा के पेपर लीक की घटना ने देशभर के लाखों युवाओं के सपनों को तोड़ दिया है और उनके भविष्य के साथ खिलवाड़ किसी भी कीमत पर स्वीकार नहीं किया जा सकता। उन्होंने कहा कि परीक्षा प्रणाली की विश्वसनीयता बनाए रखना सरकारों की जिम्मेदारी है और ऐसी घटनाएं छात्रों का भरोसा कमजोर करती हैं।

 

मुख्यमंत्री सोमवार को शिमला स्थित प्रदेश कांग्रेस मुख्यालय में युवा कांग्रेस के 'छात्रों की गूंज' अभियान की शुरुआत के अवसर पर बोल रहे थे। उन्होंने कहा कि इस अभियान के माध्यम से प्रदेश की सभी विधानसभा क्षेत्रों में छात्रों से जुड़े मुद्दों को लेकर जनसंपर्क कार्यक्रम और विरोध प्रदर्शन किए जाएंगे। उन्होंने कहा कि युवाओं की आवाज को मजबूती से उठाया जाएगा और शिक्षा व रोजगार से जुड़े सवालों पर जनजागरण किया जाएगा।

 

सुक्खू ने कहा कि केंद्र सरकार की अग्निवीर योजना से हिमाचल के युवाओं में सेना भर्ती को लेकर पहले जैसा उत्साह नहीं रहा है। उनके अनुसार पहले बड़ी संख्या में प्रदेश के युवा सेना में भर्ती होते थे, लेकिन चार वर्ष की सेवा अवधि वाले मॉडल ने इस रुझान को प्रभावित किया है।

 

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार पुलिस और अन्य विभागों में नियमित पदों पर पारदर्शी भर्ती कर रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि पिछली भाजपा सरकार के कार्यकाल में पुलिस भर्ती परीक्षा और तत्कालीन कर्मचारी चयन आयोग की परीक्षाओं के प्रश्नपत्र लीक हुए थे और उनकी खरीद-फरोख्त हुई थी। उन्होंने कहा कि भर्ती प्रक्रिया को पारदर्शी बनाने के लिए राज्य चयन आयोग का गठन किया गया है।

 

उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार शिक्षा क्षेत्र में लगातार सुधार कर रही है। उनके अनुसार वर्ष 2021 में गुणवत्ता शिक्षा के मामले में हिमाचल 21वें स्थान पर था और अब पांचवें स्थान पर पहुंच गया है। उन्होंने दावा किया कि आधुनिक सीबीएसई स्कूल खोले जा रहे हैं और शिक्षकों की नियुक्तियां की जा रही हैं। उनका कहना था कि हिमाचल जल्द ही शिक्षा के क्षेत्र में देश का अग्रणी राज्य बनेगा।

 

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार स्वास्थ्य सुविधाओं को भी मजबूत कर रही है। मेडिकल कॉलेजों में 3 टेस्ला एमआरआई मशीनें लगाई जा रही हैं और रोबोटिक सर्जरी की सुविधा शुरू की जा चुकी है। उन्होंने कहा कि प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देने के लिए सरकार प्राकृतिक खेती से पैदा फसलों पर न्यूनतम समर्थन मूल्य दे रही है। साथ ही गाय का दूध 61 रुपये और भैंस का दूध 71 रुपये प्रति लीटर की दर से खरीदा जा रहा है।

 

RELATED NEWS

0 Comments

leave a comment