नई दिल्ली, 08 अप्रैल। केंद्र सरकार ने देश में इस साल की खरीफ की फसल (एक अप्रैल से 30 सितंबर) के लिए फॉस्फेटिक और पोटाशिक (पीएंडके) उर्वरकों पर पोषक तत्व आधारित सब्सिडी (एनबीएस) को मंजूरी दे दी।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक में उर्वरक विभाग के प्रस्ताव को स्वीकृति दी गई। इस साल की खरीफ फसलों के लिए अनुमानित बजट लगभग 41,533.81 करोड़ रुपये है, जो पिछले साल की खरीफ की फसलों की तुलना में करीब 4,317 करोड़ रुपये अधिक है। पिछले वर्ष खरीफ 2025 के लिए बजट 37,216.15 करोड़ रुपये था।
केंद्र ने कहा कि इस निर्णय से किसानों को डीएपी और एनपीकेएस ग्रेड सहित 'पीएंडके' उर्वरकों की उपलब्धता सुनिश्चित होगी और उन्हें सब्सिडी दरों पर किफायती मूल्य पर उर्वरक मिलेंगे।
केंद्र ने बताया कि अंतरराष्ट्रीय बाजार में उर्वरकों हालिया कीमतों को ध्यान में रखते हुए सब्सिडी दरों को मंजूरी दी गई है। वर्तमान में सरकार 28 ग्रेड के 'पीएंडके' उर्वरक, जिनमें डीएपी भी शामिल है, किसानों को सब्सिडी दरों पर दी जा रही है।
उल्लेखनीय है कि एनबीएस योजना अप्रैल 2010 से लागू है और इसके तहत उर्वरक कंपनियों को अनुमोदित दरों पर सब्सिडी दी जाती है ताकि किसानों तक उर्वरक सस्ती दरों पर पहुंच सके।
केंद्र सरकार ने अरुणाचल प्रदेश की दो जल विद्युत परियोजनाओं में निवेश को मंजूरी दी है। इसमें अरुणाचल प्रदेश के अंजॉ जिले में 1200 मेगावाट की कलाई-II जलविद्युत परियोजना और कामले, क्रा दाडी और कुरुंग कुमे जिलों में 1720 मेगावाट की कमला जलविद्युत परियोजना शामिल है।
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की अध्यक्षता में कैबिनेट की आर्थिक मामलों की समिति ने निवेश को मंजूरी दे दी। केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव ने राष्ट्रीय मीडिया केंद्र में आयोजित पत्रकार वार्ता में इन फैसलों की जानकारी दी।
पहली परियोजना की लागत 14105.83 करोड़ रुपये है और जिसे 78 महीनों में पूरा किया जाना है। दूसरी परियोजना की 26,069.50 करोड़ रुपये लागत है और इसका निर्माण 96 महीनों में पूरा किया जाएगा।
कलाई-II जलविद्युत परियोजना से प्रतिवर्ष 4852.95 एमयू (मिलियन यूनिट) ऊर्जा उत्पन्न होने की उम्मीद है। लोहित बेसिन की पहली जलविद्युत परियोजना होने के नाते, यह राज्य में बिजली आपूर्ति को मजबूत करेगी, चरम मांग प्रबंधन में सहायता करेगी और राष्ट्रीय ग्रिड को संतुलित करने में योगदान देगी।
केद्र सरकार राज्य की इक्विटी हिस्सेदारी के लिए 750 करोड़ रुपये की केंद्रीय वित्तीय सहायता के अतिरिक्त, सहायक अवसंरचना के अंतर्गत सड़कों, पुलों और संबंधित पारेषण लाइनों के निर्माण के लिए बजटीय सहायता के रूप में 599.88 करोड़ रुपये प्रदान करेगी।
कमला जलविद्युत परियोजना इससे 6870 एमयू ऊर्जा उत्पन्न होने की उम्मीद है। इस परियोजना से उत्पन्न बिजली अरुणाचल प्रदेश राज्य में बिजली आपूर्ति की स्थिति को मजबूत करेगी, चरम मांग प्रबंधन में सहायता करेगी, राष्ट्रीय ग्रिड संतुलन में योगदान देगी और ब्रह्मपुत्र घाटी में बाढ़ नियंत्रण में लाभ प्रदान करेगी।
कमला परियोजना का कार्यान्वयन एनएचपीसी लिमिटेड और अरुणाचल प्रदेश सरकार के बीच एक संयुक्त उद्यम कंपनी के माध्यम से किया जाएगा। भारत सरकार बाढ़ नियंत्रण घटक के लिए 4743.98 करोड़ रुपये और सहायक बुनियादी ढांचे के लिए 1340 करोड़ रुपये की बजटीय सहायता प्रदान करेगी।