शिमला, 08 अप्रैल। मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने भाजपा पर एक बार फिर तीखा राजनीतिक हमला करते हुए कहा है कि प्रदेश भाजपा इस समय पांच गुटों में बंटी हुई है और राज्य में अपने अस्तित्व की लड़ाई लड़ रही है। असम में चुनाव प्रचार से लौटने के बाद बुधवार को शिमला में मीडिया से बातचीत के दौरान मुख्यमंत्री ने कहा कि भाजपा के अलग-अलग गुट आपस में ही राजनीतिक संघर्ष में उलझे हुए हैं, जबकि प्रदेश के हितों के मुद्दों पर वह सरकार का साथ नहीं दे रही है। उन्होंने विशेष रूप से राजस्व घाटा अनुदान (आरडीजी) के मुद्दे पर भाजपा की चुप्पी पर सवाल उठाए।
मुख्यमंत्री सुक्खू ने कहा कि हिमाचल प्रदेश में किसी प्रकार का आर्थिक संकट नहीं है बल्कि राज्य सरकार वित्तीय अनुशासन को मजबूत करने के लिए कुछ आवश्यक कदम उठा रही है। उन्होंने कहा कि इन कदमों का उद्देश्य प्रदेश की अर्थव्यवस्था को मजबूत बनाना और हिमाचल को आत्मनिर्भर दिशा में आगे बढ़ाना है। उन्होंने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार आरडीजी में कटौती कर राज्य के विकास की रफ्तार को प्रभावित कर रही है। मुख्यमंत्री ने कहा कि आरडीजी किसी सरकार का नहीं बल्कि हिमाचल के लोगों का अधिकार है और इस मुद्दे पर प्रदेश भाजपा को सरकार के साथ खड़ा होना चाहिए था।
मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि भाजपा आरडीजी की बहाली को लेकर केंद्रीय वित्त मंत्री से मिलने सरकार के प्रतिनिधिमंडल के साथ नहीं गई, जिससे यह स्पष्ट होता है कि प्रदेश के हितों के मुद्दों पर भाजपा गंभीर नहीं है। इस दौरान उन्होंने पूर्व भाजपा सरकार के समय चलाई गई हिमकेयर योजना में भ्रष्टाचार के आरोप भी लगाए। हालांकि उन्होंने स्पष्ट किया कि वर्तमान सरकार हिमकेयर योजना को बंद नहीं करेगी, बल्कि इसमें सुधार कर मरीजों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराने का प्रयास किया जाएगा।
सेवा विस्तार और पुनर्नियुक्ति के मुद्दे पर मुख्यमंत्री सुक्खू ने कहा कि सरकार ने अधिकारियों और कर्मचारियों को सेवा विस्तार देने पर पूर्ण प्रतिबंध लगाने का निर्णय लिया है। उन्होंने स्पष्ट किया कि भविष्य में सामान्य परिस्थितियों में किसी भी अधिकारी या कर्मचारी को सेवा विस्तार या पुनर्नियुक्ति नहीं दी जाएगी। केवल विशेष परिस्थितियों और उत्कृष्ट कार्य को ध्यान में रखते हुए ही ऐसे मामलों पर विचार किया जाएगा। उन्होंने यह भी कहा कि हाल ही में सोशल मीडिया पर जिस सेवा विस्तार को लेकर चर्चा हो रही है, वह कोई नया आदेश नहीं बल्कि पिछले वर्ष दिसंबर महीने में दी गई पुनर्नियुक्ति से जुड़ा मामला है।
पंचायत चुनावों के संदर्भ में उपायुक्तों को आरक्षण से जुड़ी दी गई पांच प्रतिशत शक्तियों पर रोक लगाने के फैसले को लेकर मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार समय-समय पर प्रशासनिक निर्णय लेती रहती है और इस मामले में उच्च न्यायालय के फैसले का सरकार पूरा सम्मान करती है।
असम विधानसभा चुनाव के संदर्भ में मुख्यमंत्री सुक्खू ने कहा कि वहां कांग्रेस की स्थिति मजबूत है और पार्टी सकारात्मक माहौल में चुनाव लड़ रही है। वहीं कांग्रेस नेता पवन खेड़ा को लेकर भाजपा की ओर से दिए जा रहे बयानों पर प्रतिक्रिया देते हुए उन्होंने कहा कि पवन खेड़ा ने तथ्यों के आधार पर अपनी बात रखी है, जबकि भाजपा इस मुद्दे पर दुष्प्रचार कर रही है।