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प्रधानमंत्री मोदी ने केरल भाजपा के बूथ कार्यकर्ताओं को दिए जीत के मंत्र, संपर्क, मेहनत और रणनीति पर जोर

Himgiri Samachar:

नई दिल्ली, 02 अप्रैल। भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के वरिष्ठ नेता और प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने केरल में 09 अप्रैल को होने वाले विधानसभा चुनाव को लेकर ‘मेरा बूथ सबसे मजबूत संवाद–केरलम’ कार्यक्रम के तहत भाजपा कार्यकर्ताओं को जीत सुनिश्चित करने के लिए विस्तृत रणनीति और कई अहम टिप्स दिए। उन्होंने बूथ स्तर को चुनावी सफलता की कुंजी बताते हुए कार्यकर्ताओं से संपर्क, मेहनत और सशक्त संदेश के जरिए मतदाताओं तक पहुंचने का आह्वान किया।

 

मोदी ने गुरुवार को पार्टी कार्यकर्ताओं से वर्चुअल संवाद करते हुए राज्य में चुनावी माहौल को भाजपा-एनडीए के पक्ष में बताया। उन्होंने कहा कि केरल में इस बार केवल नई सरकार ही नहीं बल्कि “नई व्यवस्था” के लिए माहौल बन चुका है और जनता परिवर्तन का मन बना चुकी है।

 

प्रधानमंत्री ने बूथ स्तर पर काम कर रहे कार्यकर्ताओं की भूमिका को निर्णायक बताते हुए कहा कि “यदि बूथ मजबूत होगा तो जीत पक्की होगी।” उन्होंने कार्यकर्ताओं से आग्रह किया कि वे अपने-अपने बूथ को मजबूत बनाने के लिए पूरी ताकत झोंक दें और हर परिवार तक व्यक्तिगत रूप से पहुंचें।

 

संवाद के दौरान तिरुवनंतपुरम की आशा वर्कर और पार्टी कार्यकर्ता अनीता से बातचीत में मोदी ने कहा कि इस क्षेत्र ने पारंपरिक राजनीति की धारणा को तोड़ा है। उन्होंने आरोप लगाया कि वाम लोकतांत्रिक मोर्चा (एलडीएफ) और संयुक्त लोकतांत्रिक मोर्चा (यूडीएफ) लंबे समय तक सत्ता में अदला-बदली करते रहे, लेकिन अब भाजपा के उभार से दोनों दल अधिक चिंतित हैं और भाजपा को निशाना बना रहे हैं।

 

वायनाड की कार्यकर्ता विनीता के.के. से बातचीत में प्रधानमंत्री ने राज्य की जनता की अपेक्षाओं के बारे में पूछा। विनीता ने बताया कि लोगों के बीच “मोदी मॉडल” की सरकार की मांग है और वे राज्य को वर्तमान चुनौतियों से बाहर निकालने के लिए मजबूत नेतृत्व चाहते हैं। इस पर मोदी ने कहा कि भाजपा को जनता के इस विश्वास को और मजबूत करना होगा और उसे ठोस योजनाओं में बदलना होगा।

 

भूतपूर्व सैनिक और कार्यकर्ता श्रीकुमार वी से संवाद में मोदी ने कहा कि पूर्व सैनिकों में देशभक्ति की भावना प्रबल होती है, वे भाजपा की विचारधारा से जुड़ाव महसूस करते हैं। उन्होंने राज्य के युवाओं की समस्याओं पर भी चिंता जताई और कहा कि एलडीएफ और यूडीएफ के शासन में युवाओं को रोजगार के लिए पलायन करना पड़ रहा है। उन्होंने कहा कि भाजपा उद्योग, इंफ्रास्ट्रक्चर और स्टार्टअप्स को बढ़ावा देकर युवाओं को अवसर देना चाहती है।

 

एक अन्य कार्यकर्ता दिलीप से बातचीत में प्रधानमंत्री ने कांग्रेस और वाम दलों पर भ्रष्टाचार और समाज में विभाजन फैलाने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि दोनों दल “कट्टर वोट बैंक” की राजनीति कर रहे हैं और राज्य की आस्था एवं संसाधनों के साथ खिलवाड़ कर रहे हैं। उन्होंने कार्यकर्ताओं से कहा कि वे घर-घर जाकर इन मुद्दों को लोगों तक पहुंचाएं और भ्रष्टाचार के मामलों के प्रति जागरूकता बढ़ाएं।

 

दिल्ली में आयोजित एआई समिट का उल्लेख करते हुए मोदी ने कांग्रेस पर अंतरराष्ट्रीय मंच पर देश की छवि खराब करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि इस प्रकार की घटनाओं से केरल जैसे राज्यों के उन लोगों पर असर पड़ता है, जो विदेशों में काम करते हैं। उन्होंने कांग्रेस पर गैर-जिम्मेदाराना बयानबाजी का आरोप लगाते हुए कहा कि इससे देश की वैश्विक प्रतिष्ठा को नुकसान पहुंचता है।

 

प्रधानमंत्री ने कहा कि विकसित केरल के लिए “टैलेंट, टेक्नोलॉजी, ट्रेड और टूरिज्म” चार प्रमुख स्तंभ हैं और भाजपा-एनडीए का फोकस इन्हीं क्षेत्रों पर है। उन्होंने युवाओं को कौशल विकास और वैश्विक अवसरों से जोड़ने की बात कही।

 

मोदी ने निर्देश दिया कि 9 अप्रैल से पहले प्रत्येक कार्यकर्ता अपने बूथ के हर परिवार से कम से कम तीन बार मुलाकात करे। उन्होंने कहा कि केवल औपचारिक संपर्क नहीं, बल्कि घर पर बैठकर विस्तार से बातचीत की जाए और भाजपा के पक्ष में मतदान के लिए समझाया जाए।

 

कार्यकर्ताओं को अधिक मेहनत करने की सलाह देते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि यदि पहले छह घंटे काम करते थे तो अब नौ घंटे करें और यदि नौ घंटे करते थे तो 12 घंटे तक काम बढ़ाएं। उन्होंने यह भी सुझाव दिया कि अब प्रचार अकेले नहीं, बल्कि परिवार के साथ मिलकर किया जाए ताकि जनसंपर्क का दायरा और बढ़ सके।

 

मोदी ने क्रिकेट का उदाहरण देते हुए कहा कि जैसे खिलाड़ी नॉकआउट चरण में अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करते हैं, वैसे ही चुनाव के अंतिम दिनों में कार्यकर्ताओं को अपनी ऊर्जा, फोकस और आत्मविश्वास को चरम पर ले जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि वोटिंग के दिन तक सक्रियता लगातार बढ़ती रहनी चाहिए।

 

प्रधानमंत्री ने कार्यकर्ताओं से कहा कि वे लोगों को समझाएं कि केरल को “डबल इंजन सरकार” की जरूरत है, जो राज्य और केंद्र दोनों स्तर पर विकास को गति दे सके। उन्होंने आरोप लगाया कि यूडीएफ और एलडीएफ ने केंद्र की इंफ्रास्ट्रक्चर योजनाओं में बाधा डाली है, जिसे जनता तक स्पष्ट रूप से बताया जाना चाहिए।

 

मोदी ने कार्यकर्ताओं से कहा कि वे घर-घर जाकर यूडीएफ और एलडीएफ के कथित भ्रष्टाचार, कुप्रबंधन और “कम्युनल एजेंडे” के बारे में लोगों को जागरूक करें। उन्होंने कहा कि जनता को यह याद दिलाना जरूरी है कि किस प्रकार इन दलों की नीतियों से राज्य को नुकसान हुआ है और समाज में विभाजन पैदा हुआ है।

 

प्रधानमंत्री ने विशेष रूप से जोर दिया कि भाजपा सरकार की योजनाओं जैसे गरीबों के लिए आवास, मुफ्त राशन और स्वास्थ्य सेवाएं को सही आंकड़ों और तथ्यों के साथ लोगों तक पहुंचाया जाए। उन्होंने सुझाव दिया कि वीडियो और स्टैटिस्टिक्स के जरिए इन योजनाओं का प्रभाव दिखाया जाए ताकि मतदाता तथ्यों के आधार पर निर्णय ले सकें।

 

मोदी ने कहा कि केरल के युवाओं को रोजगार के लिए पलायन करना पड़ता है, जो एक बड़ी चिंता है। कार्यकर्ताओं को यह संदेश देने को कहा गया कि भाजपा उद्योग, इंफ्रास्ट्रक्चर और स्टार्टअप्स को बढ़ावा देकर राज्य में रोजगार के अवसर बढ़ाना चाहती है।

 

प्रधानमंत्री ने हर बूथ के लिए पांच साल का रोडमैप बनाने का सुझाव दिया। उन्होंने कहा कि इसमें स्थानीय लोगों की अपेक्षाओं और विकास की योजनाओं का स्पष्ट ब्लूप्रिंट होना चाहिए, जिसे “मोदी की गारंटी” के रूप में जनता के सामने रखा जा सके।

 

उन्होंने कार्यकर्ताओं से अपील की कि वे राज्य से बाहर रह रहे केरल के मतदाताओं से संपर्क करें और उन्हें वोट डालने के लिए प्रेरित करें, ताकि मतदान प्रतिशत बढ़े और भाजपा को लाभ मिले।

 

प्रधानमंत्री ने कहा कि केरल में भाजपा-एनडीए के प्रति जो सकारात्मक माहौल बन रहा है, उसे ठोस समर्थन और वोट में बदलना सबसे बड़ी जिम्मेदारी है। उन्होंने कार्यकर्ताओं से कहा कि वे इस विश्वास को “अटूट भरोसे” में बदलें।

 

अंत में मोदी ने भरोसा जताया कि यदि कार्यकर्ता इन सभी सुझावों पर पूरी निष्ठा से अमल करते हैं, तो केरल में भाजपा-एनडीए के लिए ऐतिहासिक परिणाम संभव है। उन्होंने कहा, “हमें हर बूथ जीतना है, तभी केरल में बदलाव संभव होगा।”

 

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