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शहरी निकाय-पंचायत चुनाव के बाद सुक्खू सरकार का ‘रोजगार दांव’, 1456 पदों पर भर्ती का एलान

Himgiri Samachar:
शिमला, 06 जून। शहरी निकाय और पंचायत चुनाव संपन्न होने के बाद हुई पहली कैबिनेट बैठक में हिमाचल प्रदेश की सुक्खू सरकार ने सरकारी नौकरियों का बड़ा पिटारा खोल दिया। मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू की अध्यक्षता में शनिवार को हुई मंत्रिमंडल की बैठक में स्वास्थ्य, शिक्षा, राजस्व और अन्य विभागों में कुल 1456 पदों को भरने का फैसला लिया गया। इसके साथ ही सरकार ने कर्मचारियों, किसानों, भूमिहीन परिवारों और स्वास्थ्य सेवाओं से जुड़े कई अहम फैसलों को भी मंजूरी दी।


सबसे बड़ा फैसला विभिन्न विभागों में रिक्त पदों को भरने को लेकर रहा। कैबिनेट ने भर्ती निदेशालय के माध्यम से 400 वर्क इंस्पेक्टर पद भरने को मंजूरी दी। स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग में 300 मेडिकल ऑफिसर, 250 मल्टी टास्क वर्कर (क्लास-4) और 200 स्टाफ नर्सों की भर्ती का रास्ता साफ किया गया।


इसके अलावा स्वास्थ्य विभाग में 76 ऑपरेशन थिएटर असिस्टेंट, 36 रेडियोग्राफर और 50 लैब टेक्नीशियन ग्रेड-2 समेत 162 अन्य पद भरने का निर्णय लिया गया। राज्य के विभिन्न मेडिकल कॉलेजों में 75 सहायक प्रोफेसरों की नियुक्ति होगी। मंडी जिले के नेरचौक स्थित श्री लाल बहादुर शास्त्री मेडिकल कॉलेज में कार्डियोलॉजी विभाग के लिए दो सहायक प्रोफेसर और दो सीनियर रेजिडेंट पद भी भरे जाएंगे।


हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय, शिमला में विभिन्न विभागों के 17 सहायक प्रोफेसरों की भर्ती को भी मंजूरी दी गई। इसके अलावा हिमाचल प्रदेश प्रशासनिक सेवा (एचपीएएस) के तीन पद भरे जाएंगे। मंडी मंडलायुक्त कार्यालय में दो जूनियर ऑफिस असिस्टेंट (आईटी) पद सृजित कर भरे जाएंगे, जबकि होमगार्ड एवं नागरिक सुरक्षा विभाग में एक जूनियर ऑफिस असिस्टेंट (आईटी) और दिव्यांग वर्ग के लिए आरक्षित एक मल्टी टास्क वर्कर पद भरा जाएगा।


कैबिनेट ने कांगड़ा जिले के देहरा सिविल अस्पताल में विभिन्न श्रेणियों के 12 पद तथा ब्लॉक मेडिकल ऑफिसर कार्यालय देहरा में तीन पद सृजित कर भरने को मंजूरी दी। हमीरपुर के नेरी स्थित कॉलेज ऑफ हॉर्टिकल्चर एंड फॉरेस्ट्री में भी तीन नए पद भरे जाएंगे। वहीं जुब्बल स्थित ठाकुर रामलाल गर्ल्स स्पोर्ट्स हॉस्टल को खेल विद्यालय में अपग्रेड करने के साथ 23 पदों के सृजन और भर्ती को मंजूरी दी गई।


भूमिहीन परिवारों और छोटे किसानों को राहत, नियमित होंगे कब्जे


रोजगार के अलावा कैबिनेट ने कई नीतिगत फैसले भी लिए। सरकार ने सरकारी भूमि पर वर्षों से रह रहे भूमिहीन परिवारों और छोटे किसानों को राहत देने के लिए "सरकारी भूमि पर कुछ अतिक्रमणों के नियमितीकरण नीति-2026" को मंजूरी दी। यह नीति सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों के अनुरूप तैयार की गई है और केंद्र सरकार को मंजूरी के लिए भेजी गई है।


किसानों को राहत देते हुए सरकार ने कृषि ऋण ब्याज अनुदान योजना शुरू करने का फैसला लिया है। इसके तहत जिन किसानों की जमीन नीलामी के खतरे में है, उन्हें तीन लाख रुपये तक के कृषि ऋण पर 50 प्रतिशत ब्याज सरकार वहन करेगी। इससे राज्य के 6356 किसानों को लाभ मिलने की उम्मीद है।


करुणामूलक नियुक्तियों के ख़ारिज मामलों की होगी समीक्षा


कैबिनेट ने पहले विभिन्न विभागों द्वारा खारिज किए गए करुणामूलक नियुक्ति के मामलों की एक बार फिर समीक्षा करने का भी फैसला लिया। पात्र और वास्तविक मामलों को आवश्यक छूट देकर दोबारा विचार के लिए लिया जाएगा।


कर्मचारियों और जॉब ट्रेनी को राहत


कर्मचारियों के लिए भी कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए। अध्ययन अवकाश पर जाने वाले कर्मचारियों को अब पूरा वेतन मिलेगा। पहले अध्ययन अवकाश ले चुके कर्मचारियों को भी बकाया राशि का भुगतान किया जाएगा। 31 मार्च 2026 तक सात वर्ष की निरंतर सेवा पूरी कर चुके अंशकालिक कर्मचारियों को दैनिक वेतनभोगी बनाया जाएगा। जॉब ट्रेनी को 15 दिन का पितृत्व अवकाश देने को भी मंजूरी दी गई।


हिमकेयर में बढ़ेगा बीमा कवर


स्वास्थ्य क्षेत्र में सरकार ने हिमकेयर योजना का दायरा बढ़ाने का फैसला किया। अब इसे बीमा मॉडल पर लागू किया जाएगा और पात्र परिवारों को पांच लाख रुपये के बजाय सात लाख और दस लाख रुपये तक का स्वास्थ्य बीमा कवर मिलेगा।


भांग की खेती का रास्ता साफ


कैबिनेट ने हिमाचल प्रदेश एनडीपीएस नियम, 1989 में संशोधन को मंजूरी दी, जिससे चिकित्सा और वैज्ञानिक उद्देश्यों के लिए नियंत्रित तरीके से भांग की खेती, प्रसंस्करण, भंडारण और परिवहन का रास्ता खुलेगा।


राजीव गांधी स्वरोजगार स्टार्टअप योजना के चौथे चरण को भी मंजूरी दी गई। इसके तहत पात्र युवाओं को ई-बस खरीदने पर 50 प्रतिशत और डीजल बस खरीदने पर 30 प्रतिशत सब्सिडी दी जाएगी ताकि स्वरोजगार को बढ़ावा मिल सके।


80 पोस्ट कोड भर्ती विज्ञापन वापस, लौटेगी 4.27 करोड़ फीस


सरकार ने हमीरपुर कर्मचारी चयन आयोग द्वारा जारी 80 पोस्ट कोड की भर्तियों के विज्ञापन वापस लेने और अभ्यर्थियों को 4.27 करोड़ रुपये परीक्षा शुल्क लौटाने का भी फैसला किया।


मंत्रिमंडल ने शिमला जिले के जुब्बल, कोटखाई और रोहड़ू क्षेत्र में आग से प्रभावित 15 परिवारों के लिए विशेष राहत पैकेज को मंजूरी दी। पूरी तरह नष्ट हुए मकानों के लिए प्रत्येक परिवार को सात लाख रुपये की सहायता दी जाएगी। कुल 84.70 लाख रुपये वितरित किए जाएंगे।


इसके अलावा चरागाह नीति-2026 को मंजूरी दी गई, जिसके तहत वन और पशुपालन विभाग संयुक्त पोर्टल विकसित करेंगे। खनिजों के घरेलू उपयोग के लिए परिवहन करने वाले ट्रैक्टर चालकों को राहत देते हुए कंपाउंडिंग शुल्क 4500 रुपये से घटाकर 500 रुपये कर दिया गया है।


कैबिनेट ने मंडी के सरकाघाट सिविल अस्पताल को 100 से बढ़ाकर 150 बिस्तरों वाला अस्पताल बनाने, बिलासपुर के कलोल प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में अपग्रेड करने, बद्दी सिविल अस्पताल को 200 बिस्तरों वाले अस्पताल में बदलने और सोलन के मंनपुरा में नया प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र खोलने का फैसला भी लिया। हमीरपुर जिले के मंझेली में नया स्वास्थ्य उपकेंद्र भी खोला जाएगा।


मंत्रिमंडल ने सोलन के शूलिनी मेले को राष्ट्रीय स्तर का दर्जा देने के साथ चंबा और कांगड़ा के दो मेलों को राज्य स्तरीय तथा चार अन्य मेलों को जिला स्तरीय दर्जा देने को भी मंजूरी दी।

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