शिमला, 23 मार्च। भारतीय जनता युवा मोर्चा के हिमाचल प्रदेश अध्यक्ष सन्नी शुक्ला ने प्रदेश सरकार द्वारा पेश किए गए वर्ष 2026–27 के बजट को युवाओं और औद्योगिक विकास की उम्मीदों के विपरीत बताया है। उनका कहना है कि बजट में रोजगार बढ़ाने और औद्योगिक क्षेत्रों को मजबूत करने के लिए कोई ठोस योजना सामने नहीं आई है, जिससे प्रदेश के शिक्षित युवाओं में निराशा का माहौल है।
सन्नी शुक्ला ने सोमवार को कहा कि प्रदेश का युवा लंबे समय से सरकारी नौकरियों की उम्मीद लगाए बैठा है, लेकिन हमीरपुर चयन आयोग के भंग होने के बाद से भर्ती प्रक्रिया लगभग ठप पड़ी हुई है। हजारों पद खाली होने के बावजूद बजट में इन भर्तियों को दोबारा शुरू करने के लिए कोई स्पष्ट समयसीमा या योजना नहीं बताई गई। उनका कहना है कि कई परीक्षाओं के परिणाम भी लंबे समय से लंबित हैं और सरकार की चुप्पी से लाखों अभ्यर्थियों की उम्मीदों को झटका लगा है। उन्होंने कहा कि यदि सरकारी क्षेत्र में नियुक्तियां नहीं बढ़तीं, तो युवाओं का भविष्य प्रभावित होगा।
उन्होंने यह भी कहा कि प्रदेश के प्रमुख औद्योगिक क्षेत्र जैसे बद्दी-बरोटीवाला-नालागढ़ (बीबीएन), काला अंब, पांवटा साहिब और ऊना को इस बजट में अपेक्षित महत्व नहीं मिला है। उनके अनुसार पिछले वर्ष के मुकाबले इस बार बजट का आकार कम होने से औद्योगिक ढांचे और लॉजिस्टिक्स सुविधाओं पर असर पड़ सकता है। उन्होंने आरोप लगाया कि निवेश के अनुकूल माहौल मजबूत न होने से नए उद्योग राज्य में आने से हिचक रहे हैं, जिससे रोजगार के अवसर भी सीमित हो रहे हैं।
सन्नी शुक्ला ने बेरोजगारी के मुद्दे पर भी चिंता जताई। उन्होंने पीएलएफएस के आंकड़ों का हवाला देते हुए कहा कि प्रदेश में 15 से 29 वर्ष आयु वर्ग के युवाओं में बेरोजगारी दर करीब 29.9 प्रतिशत तक पहुंच गई है। इसके बावजूद बजट में स्थानीय युवाओं को निजी क्षेत्र में प्राथमिकता देने या उनके कौशल विकास के लिए नए प्रशिक्षण केंद्रों की कोई स्पष्ट योजना नहीं दिखाई देती। उन्होंने कहा कि सरकार ग्रीन इकोनॉमी जैसे दीर्घकालिक लक्ष्यों की बात तो कर रही है, लेकिन मौजूदा बेरोजगारी संकट के समाधान के लिए तत्काल कदम जरूरी हैं।
भाजयुमो ने सरकार से मांग की है कि औद्योगिक क्षेत्रों के लिए विशेष रोजगार पैकेज घोषित किया जाए और लंबित परीक्षा परिणाम जल्द जारी कर खाली पदों पर नियुक्तियां शुरू की जाएं। सन्नी शुक्ला ने कहा कि यदि इन मांगों पर जल्द कार्रवाई नहीं होती है, तो संगठन युवाओं के हितों की रक्षा के लिए लोकतांत्रिक तरीके से आंदोलन की रणनीति बनाएगा।