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हिमाचल में महंगा होगा पेट्रोल-डीजल, 5 रुपये तक सेस लगाएगी सुक्खू सरकार, विधानसभा में बिल पारित

Himgiri Samachar:

शिमला, 23 मार्च। हिमाचल प्रदेश में पेट्रोल और हाई स्पीड डीजल महंगा हो सकता है। प्रदेश विधानसभा में मूल्य परिवर्धित कर (संशोधन) विधेयक, 2026 पारित होने के बाद राज्य सरकार अब पेट्रोल और डीजल पर प्रति लीटर अधिकतम 5 रुपये तक सेस लगा सकेगी। इस विधेयक के पारित होने से पहले सदन में इस पर जोरदार बहस हुई और विपक्षी भाजपा ने विरोध जताते हुए नारेबाजी की तथा वॉकआउट कर दिया।

 

मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने यह विधेयक सदन में पेश करते हुए कहा कि पेट्रोल और डीजल पर लगाए जाने वाले सेस से मिलने वाली राशि विधवाओं और अनाथ बच्चों के कल्याण के लिए खर्च की जाएगी। उन्होंने कहा कि सरकार का उद्देश्य कमजोर वर्गों को सहयोग देना है और यह फैसला सामाजिक जिम्मेदारी के तहत लिया गया है। मुख्यमंत्री ने यह भी भरोसा दिलाया कि सेस लागू होने के बावजूद सरकार यह सुनिश्चित करेगी कि हिमाचल प्रदेश में पेट्रोल और डीजल की कीमतें पड़ोसी राज्यों पंजाब और हरियाणा से अधिक न हों।

 

मुख्यमंत्री ने बिल पर हुई चर्चा का जवाब देते हुए कहा कि केंद्र सरकार भी पेट्रोल और डीजल पर विभिन्न प्रकार के सेस लगाती रही है और आरडीजी जैसी केंद्रीय सहायता बंद कर दी गई है। ऐसे में राज्य सरकार को अपने संसाधनों से सामाजिक योजनाओं के लिए धन जुटाना पड़ रहा है। उन्होंने विपक्ष पर निशाना साधते हुए कहा कि भाजपा का विरोध विधवाओं और अनाथ बच्चों के हितों के खिलाफ है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार इन वर्गों के कल्याण के लिए प्रतिबद्ध है और इसी उद्देश्य से यह कदम उठाया गया है।

 

इससे पहले विधेयक पर चर्चा के दौरान नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर और भाजपा के विधायकों रणधीर शर्मा, सतपाल सिंह सत्ती, त्रिलोक जमवाल और विनोद कुमार ने इसका विरोध किया। उनका कहना था कि पेट्रोल और डीजल पर सेस लगाने से प्रदेश में महंगाई बढ़ेगी और इसका असर आम लोगों से लेकर ट्रक ऑपरेटरों तक सभी पर पड़ेगा। विपक्ष का यह भी कहना था कि पड़ोसी राज्यों की तुलना में ईंधन महंगा होने से लोग बाहर से पेट्रोल-डीजल भरवाकर लाएंगे, जिससे प्रदेश के पेट्रोल पंपों की बिक्री प्रभावित हो सकती है।

 

विपक्षी विधायकों ने यह भी आशंका जताई कि अंतरराष्ट्रीय परिस्थितियों, खासकर ईरान-इजरायल और अमेरिका के बीच तनाव के कारण पहले ही तेल की कीमतें बढ़ने की संभावना है। ऐसे समय में राज्य सरकार द्वारा अतिरिक्त सेस लगाना लोगों पर अतिरिक्त बोझ डालेगा। कुछ विधायकों ने यह भी कहा कि इससे सीमेंट सहित अन्य जरूरी वस्तुओं की कीमतों पर भी असर पड़ सकता है।

 

हालांकि मुख्यमंत्री ने इन आशंकाओं को खारिज करते हुए कहा कि सरकार संतुलन बनाकर निर्णय ले रही है और यह ध्यान रखा जाएगा कि प्रदेश की जनता पर अनावश्यक बोझ न पड़े। उन्होंने दोहराया कि सेस से मिलने वाली राशि पूरी तरह से विधवाओं और अनाथ बच्चों के कल्याण के लिए इस्तेमाल की जाएगी।

 

मुख्यमंत्री के जवाब के दौरान विपक्षी भाजपा के विधायकों ने नारेबाजी की और विरोध स्वरूप सदन से वॉकआउट कर दिया। इसके बाद हिमाचल प्रदेश मूल्य परिवर्धित कर (संशोधन) विधेयक, 2026 को ध्वनिमत से पारित कर दिया गया। विधेयक पारित होने के साथ ही अब राज्य सरकार को पेट्रोल और हाई स्पीड डीजल पर अधिकतम 5 रुपये प्रति लीटर तक सेस लगाने का अधिकार मिल गया है।

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