नई दिल्ली, 01 जनवरी। रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने आज कहा कि बीते कुछ वर्षों से रेलवे नेटवर्क के क्षमता निर्माण कार्य इस स्तर पर पहुंच गये हैं कि अब गाड़ियों में प्रतीक्षा सूची को समाप्त करने की दिशा में कदम उठाये जाएं। उन्होंने कहा कि दो साल में कुछ सेक्टरों की गाड़ियों की प्रतीक्षा सूची मुक्त हो जाने की आशा है।
वैष्णव ने यहां रेल भवन में संवाददाताओं से मुलाकात में कहा कि बीते कुछ वर्षों में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के विज़न के अनुरूप रेलवे नेटवर्क के विस्तार एवं क्षमता वृद्धि की दिशा में बहुत काम हुआ है। हमारा मानना है कि जितनी मांग है, उसे क्षमता विस्तार किये बिना पूरा करना संभव नहीं है। इसीलिए बीते 11 साल में करीब 35 हजार किलोमीटर नयी पटरियां बिछायीं गयीं हैं। बीते साल करीब सात हजार किलोमीटर पटरियों को बदला गया है। लोकोमोटिव्स का उत्पादन बढ़ा है। 11 साल में करीब 42 हजार नये कोच बनाये गये हैं। जिन शहरों से गाड़ियां बन कर चलतीं हैं और जिन शहरों में गाड़ियां समाप्त होतीं हैं, उनमें स्टेशनों की क्षमता का विस्तार किया जा रहा है। संरक्षा के नये उपाय एवं नई तकनीक क्रियान्वित की जा रहीं हैं। यानी बहुत बड़े पैमाने पर काम हो रहा है।
उन्होंने कहा कि विद्युतीकृत मार्गों में ओवर हेड इलेक्ट्रिक (ओएचई) तारों की क्षमता एवं विद्युत पारेषण क्षमता का विस्तार किया जा रहा है। वर्ष 1960 के फ्रांसीसी तकनीक पर आधारित ओएचई प्रणाली को 2x25 किलोवाट प्रणाली में बदला जा रहा है और जिन लाइनों का पहली बार विद्युतीकरण किया जा रहा है, वहां पर सीधे इसी प्रणाली को लगाया जा रहा है। इससे तेजगति वाली गाड़ियां एवं एक सेक्शन पर कई गाड़ियां एकसाथ चलाना संभव होगा।
उन्होंने कहा कि अब एक ऐसी स्थिति आने वाली है जब हम एक-एक सेक्टर चुन कर उसे मांग के आधार पर सीटें दे सकें। इस प्रकार से उन सेक्टरों में प्रतीक्षा सूची को शून्य या समाप्त किया जा सकेगा। इस प्रकार से एक से दो साल में ऐसा समय आना चाहिए जब कुछ सेक्टरों पर गाड़ियों में मांग के आधार पर सीटें उपलब्ध करायीं जा सकेंगी और इस प्रकार से वहां प्रतीक्षा सूची पूरी तरह से समाप्त हो जाएगी।
रेल मंत्री ने कहा कि नया साल 2026 रेलवे के सुधारों का वर्ष है। बीते कई वर्षों में देश में अनेक क्षेत्रों में सुधार हुए हैं। देश के आपराधिक प्रक्रिया संबंधी कानूनों को बदला गया है। जीएसटी का सुधार हुआ। आयकर सुधार हुआ। इसी प्रकार से अब रेलवे के बड़े सुधार होंगे।
रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने कहा कि मुंबई-अहमदाबाद हाईस्पीड परियाेजना को चरणबद्ध ढंग से चालू किया जाएगाऔर सबसे पहले 15 अगस्त 2027 को गुजरात के नवसारी जिले में बिलिमोरा से सूरत के बीच पहली बुलेट ट्रेन चलेगी। इसके बाद वापी से सूरत, वापी से अहमदाबाद, ठाणे से अहमदाबाद एवं आखिर में मुंबई से अहमदाबाद के बीच परिचालन शुरू किया जाएगा।
वैष्णव ने यहां रेल भवन में वंदे भारत एक्सप्रेस के स्लीपर संस्करण के उद्घाटन की घोषणा करने के बाद संवाददाताओं से बातचीत में यह जानकारी दी। मुंबई अहमदाबाद बुलेट ट्रेन परियोजना के कार्यान्वयन के बारे में एक सवाल के जवाब में उन्होंने कहा कि पहली बुलेट ट्रेन 15 अगस्त 2027 से चलेगी। पहले चरण में बुलेट ट्रेन सूरत से बिलीमोरा (नवसारी) के बीच 48 किलोमीटर के खंड पर संचालित होगी। इसके बाद चरणबद्ध तरीके से वापी–सूरत, वापी–अहमदाबाद, ठाणे–अहमदाबाद और अंत में मुंबई–अहमदाबाद पूरे रूट पर बुलेट ट्रेन सेवा शुरू की जाएगी।
रेल मंत्रालय के अनुसार, मुंबई–अहमदाबाद बुलेट ट्रेन परियोजना के तहत अब तक 508 किलोमीटर में से 330 किलोमीटर वायाडक्ट और 408 किलोमीटर पियर का निर्माण पूरा हो चुका है। 17 नदी पुल, 5 पीएससी और 11 स्टील ब्रिज तैयार किए गए हैं। परियोजना के विभिन्न हिस्सों में सुरंग, ट्रैक, स्टेशन और डिपो का कार्य तेजी से प्रगति पर है।
मुंबई–अहमदाबाद बुलेट ट्रेन परियोजना की प्रगति
(12 दिसंबर 2025 तक)
-कुल 508 किमी में से 330 किमी वायाडक्ट और 408 किमी पियर का कार्य पूर्ण
-17 नदी पुल, 5 पीएससी (प्री-स्ट्रेस्ड कंक्रीट) और 11 स्टील ब्रिज का निर्माण पूरा
-230 मीटर लंबे स्टील ब्रिज का पहला 130 मीटर स्पैन तैयार
-235 किमी ट्रैक पर 4.7 लाख से अधिक साउंड बैरियर लगाए गए
-560 ट्रैक किमी (130 रूट किमी) आरसी ट्रैक बेड का निर्माण पूरा
-मुख्य लाइन वायाडक्ट के 85 किमी हिस्से में करीब 3700 OHE मास्ट लगाए गए
-पालघर जिले में 7 पहाड़ी सुरंगों पर खुदाई कार्य जारी
-बीकेसी से शिल्फाटा (महाराष्ट्र) के बीच 21 किमी सुरंग में से 5 किमी ----एनएटीएम टनल का कार्य पूरा
-सूरत और अहमदाबाद में रोलिंग स्टॉक डिपो का निर्माण जारी
-गुजरात के सभी स्टेशनों पर सुपर-स्ट्रक्चर का काम अंतिम चरण में
-महाराष्ट्र में मुंबई भूमिगत स्टेशन पर बेस स्लैब कास्टिंग का कार्य चल रहा है।
रेल मंत्रालय के अनुसार, परियोजना तेजी से आगे बढ़ रही है और तय समयसीमा के अनुसार 2027 में देश को पहली बुलेट ट्रेन की सौगात मिलने जा रही है।