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कैबिनेट फैसले : दो वर्ष सेवा पूरी कर चुके अनुबंध कर्मी होंगे नियमित, हाइड्रो प्रोजेक्टों के अधिग्रहण को मंजूरी

Himgiri Samachar:

शिमला, 05 अप्रैल। वित्त वर्ष 2025-26 की पहली कैबिनेट बैठक में सुक्खू सरकार ने कई बड़े फैसले लिए। मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू की अध्यक्षता में शनिवार को आयोजित कैबिनेट की बैठक में राज्य के अनुबंधित और दैनिक वेतनभोगी कर्मचारियों को राहत देते हुए उन्हें नियमित करने की मंजूरी दी है। इसके साथ ही जलविद्युत परियोजनाओं का अधिग्रहण, स्वास्थ्य सेवाओं का सुदृढ़ीकरण, ईवी चार्जिंग स्टेशन की स्थापना और शराब दुकानों की नीलामी जैसे मुद्दों पर भी अहम फैसले लिए गए।

 

अनुबंध और दैनिक वेतनभोगियों को सौगात

 

कैबिनेट ने 31 मार्च 2025 तक दो साल की निरंतर सेवा पूरी कर चुके अनुबंध कर्मचारियों को नियमित करने का निर्णय लिया है। साथ ही चार वर्ष की सेवा पूर्ण करने वाले दैनिक वेतनभोगी और आकस्मिक भुगतान कर्मचारियों को भी नियमित किया जाएगा।

 

जलविद्युत परियोजनाओं का अधिग्रहण करेगी सरकार

 

कैबिनेट ने 382 मेगावाट सुन्नी, 210 मेगावाट लूहरी स्टेज-1, 66 मेगावाट धौलासिद्ध, 500 मेगावाट डूगर और 180 मेगावाट बैरा सुईल जलविद्युत परियोजनाओं को अधिग्रहित करने को मंजूरी दी है। इन परियोजनाओं में से कुछ पूर्व में एसजेवीएनएल और एनएचपीसी को आवंटित थीं। अधिग्रहण प्रक्रिया के तहत स्वतंत्र मूल्यांकनकर्ता और प्रशासक की नियुक्ति भी की जाएगी।

 

इसके अलावा सरकार ने बिलासपुर के स्वाहण और शिमला जिले के रोहड़ू अस्पतालों में 50-50 बिस्तरों वाले क्रिटिकल केयर ब्लॉक स्थापित करने को मंजूरी दी है। इसके अलावा, चंबा और हमीरपुर मेडिकल कॉलेज से संबद्ध जिला अस्पतालों में एकीकृत जनस्वास्थ्य प्रयोगशालाएं भी स्थापित होंगी। कैबिनेट में शिमला, ऊना और सुंदरनगर के अस्पतालों में निर्माणाधीन मातृ एवं शिशु अस्पताल खंडों के लिए आवश्यक उपकरणों की खरीद को भी स्वीकृति दी गई है, जिससे इन अस्पतालों का शीघ्र संचालन सुनिश्चित हो सके।

 

चिकित्सकों के मानदेय में बड़ी बढ़ोतरी

 

कैबिनेट ने वरिष्ठ रेजिडेंट्स और ट्यूटर स्पेशलिस्ट्स का मासिक मानदेय 60,000 रुपये से बढ़ाकर 1,00,000 रुपये कर दिया गया है। वहीं सुपर स्पेशलिस्ट्स और सुपर स्पेशलिस्ट रेजिडेंट्स को अब 1,30,000 रुपये प्रतिमाह मानदेय मिलेगा।

 

निःशुल्क लैब जांचों की श्रेणियों में इजाफा

 

रोगी कल्याण समितियों को मजबूत करने और अधिक लोगों को लाभ पहुंचाने के उद्देश्य से तीन नई श्रेणियां—अनाथ, विधवा व उनके आश्रित बच्चे, एकल नारी और निराश्रित महिलाएं को निःशुल्क नैदानिक सेवाओं के दायरे में लाया गया है। इसके साथ अब लाभार्थियों की कुल श्रेणियां 14 हो गई हैं।

 

डिप्टी सीएम मुकेश अग्निहोत्री की अध्यक्षता वाली संसाधन जुटाने पर बनी कैबिनेट उपसमिति की सिफारिशों को भी कैबिनेट ने स्वीकृति दी है। ये सिफारिशें राज्य की राजस्व आय बढ़ाने हेतु विभिन्न उपाय सुझाती हैं।

 

करीब 400 शेष खुदरा शराब दुकानों की व्यक्तिगत आधार पर त्वरित पुनः नीलामी को भी कैबिनेट ने मंजूरी दी है।

 

शिमला के मशोबरा स्थित होटल वाइल्डफ्लावर हॉल के अंतरिम संचालन के लिए ईआईएच लिमिटेड से प्रबंधन सेवा अनुबंध किया जाएगा। इससे राज्य सरकार को प्रति माह 1.77 करोड़ की आय होगी और संपत्ति की देखभाल सुनिश्चित की जा सकेगी।

 

पर्यावरण के अनुकूल परिवहन को बढ़ावा देने के लिए कैबिनेट ने राज्यभर के सरकारी परिसरों में 402 इलेक्ट्रिक वाहन चार्जिंग स्टेशन स्थापित करने की स्वीकृति दी है। ये स्टेशन विश्राम गृह, सर्किट हाउस, जल शक्ति और लोक निर्माण विभाग कार्यालयों समेत विभिन्न सरकारी परिसरों में लगाए जाएंगे।

 

कैबिनेट ने हिमाचल प्रदेश खुले स्थान (विकृति की रोकथाम) अधिनियम, 1985 को सात नगर निगम, 17 नगर परिषदों और 23 नगर पंचायतों में लागू करने का निर्णय लिया है। इसका उद्देश्य सार्वजनिक स्थलों पर अनाधिकृत विज्ञापन, पोस्टर और चित्र आदि पर रोक लगाना है।

 

मंडी जिले की धर्मपुर विधानसभा क्षेत्र के मारही में स्थित अटल आदर्श विद्यालय को आगामी शैक्षणिक सत्र 2025-26 से संचालित करने की भी स्वीकृति प्रदान की गई है।

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