नई दिल्ली, 15 अगस्त। स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने पार्टी के नए मुख्यालय इंदिरा भवन में ध्वजारोहण किया। इस मौके पर कांग्रेस संसदीय दल की अध्यक्ष सोनिया गांधी, लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी, कोषाध्यक्ष अजय माकन और सेवादल के मुख्य संगठक बीवी श्रीनिवास सहित कई वरिष्ठ नेता मौजूद रहे। ध्वजारोहण के बाद वंदे मातरम और ‘विजयी विश्व तिरंगा प्यारा’ गीत गाया गया।
खरगे ने अपने संबोधन में कहा कि आज का दिन केवल स्वतंत्रता संग्राम को याद करने का नहीं बल्कि यह सवाल पूछने का भी है कि स्वतंत्रता सेनानियों का सपना कितना पूरा हुआ। उन्होंने कांग्रेस के 141 वर्षों के इतिहास और स्वतंत्रता संग्राम में पार्टी की भूमिका का जिक्र करते हुए कहा कि आजादी का मतलब केवल सत्ता परिवर्तन नहीं बल्कि गरीबी, भेदभाव, बेरोजगारी और भय से मुक्ति है। उन्होंने पंडित नेहरू, शास्त्री, इंदिरा गांधी, राजीव गांधी, नरसिंह राव, मनमोहन सिंह और सोनिया गांधी के योगदानों का विस्तार से उल्लेख किया। उन्होने कहा कि कांग्रेस ने देश को आधुनिक संस्थान, अधिकार और विकास की बुनियाद दी।
खरगे ने आरोप लगाया कि वर्तमान सरकार ने कोई नया अधिकार नहीं दिया और केवल नाम बदलने की राजनीति की है। आज युवाओं के सपने कुचले जा रहे हैं और गलत नीतियों ने उन्हें आंदोलन की राह पर धकेल दिया है। संविधान हर नागरिक को असहमति और शांतिपूर्ण आंदोलन का अधिकार देता है और कांग्रेस हमेशा युवाओं और गरीबों के साथ खड़ी रहेगी।
कांग्रेस अध्यक्ष ने कहा कि आज लोकतांत्रिक संस्थाओं पर दबाव है, वैज्ञानिक संस्थानों से विशेषज्ञों को इस्तीफा देना पड़ रहा है और सरकार एक खास विचारधारा के लोगों को थोप रही है। उन्होंने प्रधानमंत्री और गृहमंत्री पर संसद में सवालों से बचने का आरोप लगाया। खरगे ने राम मंदिर चढ़ावा चोरी को लेकर कहा कि श्रद्धालुओं की आस्था से दिए गए दान की सुरक्षा होनी चाहिए।
उन्होंने कहा कि कांग्रेस के लिए आजादी का मतलब हर नागरिक के जीवन में सम्मान और अवसर लाना है। असली उत्सव तब होगा जब हर बच्चा स्कूल जाए, सबको इलाज मिले, रोजगार और न्याय मिले, जातिगत भेदभाव खत्म हो और महिलाएं मुख्यधारा में आएं।
इसके बाद राहुल गांधी ने एक्स पर लिखा कि आजादी केवल एक तोहफा नहीं बल्कि एक जिम्मेदारी है। यह ज़िम्मेदारी है सत्य और अहिंसा के रास्ते पर चलने की, संविधान और तिरंगे के मूल्यों को दिल में रखने की और हर हाल में लोकतंत्र की रक्षा करने की।