शिमला, 21 जून। उत्तर भारत के मैदानी इलाकों में पड़ रही भीषण गर्मी के बीच हिमाचल प्रदेश की राजधानी शिमला में पर्यटन सीजन चरम पर पहुंच गया है। सुहावने मौसम और 25 डिग्री सेल्सियस के आसपास बने हुए दिन के तापमान ने बड़ी संख्या में पर्यटकों को अपनी ओर आकर्षित किया है। पंजाब, हरियाणा, चंडीगढ़ और दिल्ली से आने वाले सैलानियों की सबसे ज्यादा मौजूदगी देखने को मिल रही है। इस सप्ताहांत पर शहर के होटल लगभग 90 फीसदी तक भर गए हैं।
यहां के रिज मैदान, माल रोड, जाखू मंदिर और लोअर बाजार सहित प्रमुख स्थानों पर पर्यटकों की भीड़ नजर आ रही है। कार्ट रोड से माल रोड तक जाने वाली लिफ्ट के बाहर लंबी कतारें देखी जा रही हैं। शहर के अधिकांश पार्किंग स्थल भी वाहनों से भरे हुए हैं। शिमला के साथ-साथ कुफरी और नारकंडा जैसे पर्यटन स्थलों पर भी बड़ी संख्या में पर्यटक पहुंच रहे हैं, जिससे इन इलाकों में भी रौनक बढ़ गई है।
पर्यटकों की बढ़ती संख्या का असर यातायात पर भी दिखाई दे रहा है। कालका-शिमला राष्ट्रीय राजमार्ग पर शिमला के प्रवेश द्वारों के आसपास कई स्थानों पर वाहनों की लंबी कतारें लग रही हैं। सुबह और शाम के समय जाम की स्थिति अधिक देखने को मिल रही है। हालांकि पुलिस का कहना है कि भारी दबाव के बावजूद यातायात को सुचारु बनाए रखने के लिए विशेष प्रबंध किए गए हैं।
जिला पुलिस शिमला के अनुसार मई और जून 2026 के दौरान अब तक जिले के विभिन्न प्रवेश मार्गों से 16 लाख से अधिक वाहनों की आवाजाही दर्ज की गई है। इनमें मई में करीब 8.5 लाख और जून में अब तक लगभग 7.5 लाख वाहन आए हैं। औसतन रोजाना करीब 40 हजार वाहनों की आवाजाही हो रही है। पुलिस का कहना है कि यह किसी भी पर्यटन केंद्र पर अत्यधिक यातायात दबाव को दर्शाता है।
इस दबाव से निपटने के लिए यातायात ड्यूटी पर तैनात पुलिस और होमगार्ड कर्मियों की संख्या 136 से बढ़ाकर 220 की गई है। इसके अलावा करीब 50 स्वयंसेवकों और छात्र वालंटियरों को भी यातायात प्रबंधन में लगाया गया है। ट्रैफिक बाइक राइडर्स की संख्या भी 7 से बढ़ाकर 32 कर दी गई है, जो संवेदनशील स्थानों पर तत्काल पहुंचकर यातायात बहाल करने का काम कर रहे हैं।
पुलिस ने पूरे शहर को पांच सेक्टरों में बांटकर निगरानी व्यवस्था लागू की है। भारी वाहनों के खराब होने या सड़क अवरुद्ध होने की स्थिति से निपटने के लिए तीन क्रेन भी तैनात की गई हैं। शहर के भीतर यातायात दबाव कम करने के लिए कुफरी, मशोबरा, नारकंडा और अपर शिमला की ओर जाने वाले वाहनों को शोगी-मेहली बाईपास मार्ग से भेजा जा रहा है। पुलिस के अनुसार प्रतिदिन औसतन करीब 800 वाहनों को इस वैकल्पिक मार्ग पर डायवर्ट किया जा रहा है। वहीं अपर शिमला से चंडीगढ़ और दिल्ली की ओर जाने वाले वाहनों को ढली बाइफरकेशन से भी मोड़ा जा रहा है।
एसएसपी शिमला गौरव सिंह का कहना है कि पर्यटन सीजन के चरम पर भी यातायात व्यवस्था को नियंत्रित और सुचारु बनाए रखने के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। पुलिस ने पर्यटकों से यातायात नियमों का पालन करने, निर्धारित पार्किंग स्थलों का उपयोग करने और वैकल्पिक मार्ग अपनाने की अपील की है।