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हिमाचल दिवस पर मुख्यमंत्री सुक्खू की अधिकारियों के 3 फीसदी वेतन स्थगन को वापस लेने की घोषणा

Himgiri Samachar:

शिमला, 15 अप्रैल। हिमाचल प्रदेश का 79वां हिमाचल दिवस बुधवार को पूरे प्रदेश में उत्साह और उल्लास के साथ मनाया गया। राज्य स्तरीय समारोह किन्नौर जिला मुख्यालय रिकांगपिओ में आयोजित किया गया, जहां मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने राष्ट्रीय ध्वज फहराया और भव्य परेड की सलामी ली। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने कई महत्वपूर्ण घोषणाएं कीं। इनमें क्लास-I और क्लास-II अधिकारियों के वेतन से 3 प्रतिशत की अस्थायी कटौती (डिफरमेंट) को वापस लेने का बड़ा फैसला प्रमुख रहा।

 

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार ने वित्तीय अनुशासन बनाए रखते हुए यह निर्णय लिया है और इससे कर्मचारियों को राहत मिलेगी। हालांकि मुख्यमंत्री, मंत्रियों, विधायकों, मुख्य सचिव, डीजीपी और वरिष्ठ अधिकारियों के वेतन में 30 और 20 प्रतिशत की अस्थायी कटौती फिलहाल जारी रहेगी।

 

समारोह में मुख्यमंत्री ने किन्नौर जिले की पात्र महिलाओं को ‘इंदिरा गांधी प्यारी बहना सुख सम्मान निधि योजना’ के तहत हर महीने 1500 रुपये देने की घोषणा भी की। इसके साथ ही रिकांगपिओ के सभी सरकारी संस्थानों, स्कूलों और घरों को भू-तापीय ऊर्जा आधारित केंद्रीय हीटिंग प्रणाली से जोड़ने की योजना का ऐलान किया गया, जो इस क्षेत्र के लिए एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।

 

मुख्यमंत्री ने तरांडा गांव को जोड़ने के लिए ट्रैफिक टनल निर्माण हेतु 8 करोड़ रुपये देने की घोषणा की। उन्होंने यह भी बताया कि किन्नौर का पॉलिटेक्निक कॉलेज, जो अभी रोहड़ू में चल रहा है, उसे जल्द ही ऊरनी में स्थानांतरित किया जाएगा। चोल्टू हाई स्कूल को वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय में अपग्रेड करने और वहां सीबीएसई पाठ्यक्रम लागू करने की भी घोषणा की गई।

 

उन्होंने कहा कि रिकांगपिओ में बन रहा राजीव गांधी डे-बोर्डिंग स्कूल अगले छह महीनों में पूरा कर लिया जाएगा। निगुलसरी-भावानगर 4 किलोमीटर सड़क, जो 12 करोड़ रुपये की लागत से बनी है, से किन्नौर और स्पीति क्षेत्र के लोगों को लाभ मिलेगा। रिकांगपिओ और शिमला के बीच हेलीकॉप्टर टैक्सी सेवा भी शुरू कर दी गई है, जिससे लोगों की आवाजाही आसान होगी।

 

मुख्यमंत्री ने बताया कि 415 करोड़ रुपये की लागत से 125 किलोमीटर लंबी 66 केवी पूह-काजा ट्रांसमिशन लाइन परियोजना पर काम शुरू किया जा रहा है, जिससे किन्नौर और स्पीति घाटी के लगभग 17,500 लोगों को फायदा होगा। इसके अलावा सुमदो-काजा लाइन के सर्वे का काम भी पूरा हो चुका है।

 

उन्होंने यह भी कहा कि 1 जून से शिपकी-ला मार्ग से चीन के साथ सीमा व्यापार फिर शुरू होने जा रहा है, जो प्रदेश के लिए बड़ी उपलब्धि है। शिपकी-ला मार्ग से कैलाश मानसरोवर यात्रा शुरू करने का मामला भी केंद्र सरकार के समक्ष उठाया गया है और इस दिशा में सकारात्मक संकेत मिल रहे हैं। सीमा पर्यटन को बढ़ावा देने के प्रयासों से स्थानीय लोगों की आय बढ़ रही है।

 

मुख्यमंत्री ने घोषणा की है कि राज्य पुलिस के सभी पात्र गैर-राजपत्रित कर्मचारियों को सेवानिवृत्ति के दिन एक मानद उच्च पद (वन रैंक अप) दिया जाएगा, जिससे पुलिस कर्मियों का मनोबल बढ़ेगा। उन्होंने यह भी बताया कि वर्ष 2016 से 2021 के बीच सेवानिवृत्त हुए चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों की लंबित ग्रेच्युटी और अवकाश नकदीकरण का भुगतान मई माह तक कर दिया जाएगा, जिस पर करीब 50 करोड़ रुपये खर्च होंगे।

 

मुख्यमंत्री ने कहा कि 16वें वित्त आयोग द्वारा राजस्व घाटा अनुदान बंद किए जाने से प्रदेश को हर साल 8 से 10 हजार करोड़ रुपये का नुकसान होगा। इसके बावजूद राज्य सरकार किसानों, बागवानों, पशुपालकों और मछुआरों को प्राथमिकता देते हुए विकास कार्य जारी रखेगी।

 

उन्होंने बताया कि पिछले तीन वर्षों में गाय के दूध का समर्थन मूल्य 32 रुपये से बढ़ाकर 61 रुपये प्रति लीटर और भैंस के दूध का 47 रुपये से बढ़ाकर 71 रुपये प्रति लीटर किया गया है। प्राकृतिक खेती से पैदा गेहूं, मक्की और हल्दी के लिए भी न्यूनतम समर्थन मूल्य तय किया गया है। मछुआरा परिवारों को बंद मौसम के दौरान साल में एक बार 3500 रुपये की सहायता दी जाएगी।

 

स्वास्थ्य क्षेत्र में सुधारों का जिक्र करते हुए मुख्यमंत्री ने बताया कि चार मेडिकल कॉलेजों में रोबोटिक सर्जरी की सुविधा शुरू की गई है। आईजीएमसी शिमला में पीईटी स्कैन की सुविधा शुरू हो चुकी है और टांडा मेडिकल कॉलेज में भी जल्द उपलब्ध होगी। कुल्लू, ऊना, चंबा, नाहन, बिलासपुर और धर्मशाला में एमआरआई मशीनें लगाई जाएंगी।

 

शिक्षा क्षेत्र में सुधार के तहत इस वर्ष 151 सरकारी स्कूलों को सीबीएसई से जोड़ा जा रहा है। धार्मिक और पर्यटन स्थलों के विकास के लिए ज्वालामुखी और नैना देवी में 150-150 करोड़ रुपये के बुनियादी ढांचा कार्य किए जाएंगे।

 

समारोह में मुख्यमंत्री ने सुननाम में 8.72 करोड़ रुपये की सीवरेज योजना और काफनू पंचायत में 2.51 करोड़ रुपये की बाढ़ सुरक्षा योजना की आधारशिला भी रखी तथा 4.88 करोड़ रुपये से बनी सोल्डिंग-चौरा सड़क का उद्घाटन किया।

 

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