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प्रदेश कांग्रेस कार्यसमिति बैठक: सरकार–संगठन तालमेल पर चर्चा, महिला आरक्षण मुद्दे पर सुक्खू ने भाजपा को घेरा

Himgiri Samachar:

शिमला, 16 अप्रैल। हिमाचल प्रदेश कांग्रेस की नई कार्यकारिणी के गठन के बाद गुरुवार को शिमला स्थित राजीव भवन में प्रदेश कांग्रेस कार्यसमिति की पहली बैठक शुरू हुई। बैठक में मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू, उप मुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री, प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष विनय कुमार, प्रदेश प्रभारी रजनी पाटिल सहित कई मंत्री, पार्टी विधायक, जिला अध्यक्ष और संगठन के पदाधिकारी शामिल हुए। बैठक में संगठन को मजबूत करने, सरकार और संगठन के बीच तालमेल बेहतर बनाने और आगामी पंचायत चुनावों को लेकर रणनीति पर चर्चा की गई।

 

बैठक के दौरान मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने कहा कि सरकार और संगठन के बीच पूरा समन्वय है और दोनों मिलकर प्रदेश के विकास के लिए काम कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि पंचायत चुनाव पार्टी के चुनाव चिन्ह पर नहीं होते हैं, इसलिए कांग्रेस किसी भी कार्यकर्ता को चुनाव लड़ने से नहीं रोकेगी। पार्टी का कोई भी कार्यकर्ता कहीं से भी चुनाव लड़ सकता है।

 

महिला आरक्षण विधेयक के मुद्दे पर मुख्यमंत्री सुक्खू ने भाजपा पर निशाना साधते हुए कहा कि भाजपा इस बिल के बहाने राजनीतिक लाभ लेने की कोशिश कर रही है। उन्होंने कहा कि बिना परिसीमन के महिला आरक्षण बिल लाया गया है और इस विषय पर राजनीति नहीं होनी चाहिए। सुक्खू ने कहा कि कांग्रेस पार्टी हमेशा से महिलाओं के अधिकारों के पक्ष में रही है। उन्होंने याद दिलाया कि महिला आरक्षण से जुड़ा विधेयक सबसे पहले सोनिया गांधी के नेतृत्व में राज्यसभा में पारित हुआ था। इसके अलावा राजीव गांधी के समय 73वें और 74वें संवैधानिक संशोधनों के जरिए पंचायती राज संस्थाओं और नगर निकायों में महिलाओं को 33 प्रतिशत आरक्षण दिया गया था।

 

प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष विनय कुमार की अध्यक्षता में हुई इस बैठक में संगठन को जमीनी स्तर पर मजबूत बनाने और कार्यकर्ताओं की भागीदारी बढ़ाने पर भी चर्चा हुई। प्रदेश प्रभारी रजनी पाटिल ने कहा कि बैठक में सरकार और संगठन के बीच बेहतर तालमेल पर विस्तार से विचार किया गया और पंचायत चुनावों के लिए संगठनात्मक तैयारी को मजबूत करने पर जोर दिया गया।

 

रजनी पाटिल ने यह भी स्पष्ट किया कि प्रदेश कांग्रेस में “एक व्यक्ति–एक पद” के सिद्धांत को सख्ती से लागू किया जाएगा। उन्होंने कहा कि जो नेता सरकार में जिम्मेदारी निभा रहे हैं, वे संगठन का पद नहीं रखेंगे और जो संगठन में काम कर रहे हैं, उन्हें सरकार में पद नहीं मिलेगा। इससे नए कार्यकर्ताओं को आगे आने का अवसर मिलेगा और संगठन में जवाबदेही भी तय होगी।

 

महिला आरक्षण विधेयक पर केंद्र सरकार को घेरते हुए रजनी पाटिल ने कहा कि कांग्रेस इस बिल के पक्ष में है, लेकिन इसे लागू करने से पहले जनगणना और परिसीमन की प्रक्रिया पूरी करना जरूरी है। उन्होंने कहा कि केवल कानून बनाने से महिलाओं को अधिकार नहीं मिलेंगे, उसे जमीन पर लागू करना भी जरूरी है।

 

कांग्रेस के वरिष्ठ नेता आनंद शर्मा की नाराज़गी की चर्चाओं पर भी प्रदेश प्रभारी ने प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि आनंद शर्मा कांग्रेस के पुराने और वरिष्ठ नेता हैं और वे पार्टी के साथ ही रहेंगे। उन्होंने बताया कि हाल ही में उनकी आनंद शर्मा से मुलाकात भी हुई है। रजनी पाटिल ने कहा कि संगठन में काम करने वाले नेताओं के बीच कभी-कभी नाराज़गी होना स्वाभाविक है, लेकिन सभी नेता मिलकर पार्टी को आगे बढ़ाएंगे।

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