मंडी, 15 फ़रवरी। पूर्व मुख्यमंत्री एवं नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर ने सात दिवसीय मंडी अंतर्राष्ट्रीय शिवरात्रि महोत्सव की प्रदेशवासियों और मंडी देव समाज को शुभकामनाएं प्रेषित करते हुए कहा है कि ये पर्व देवताओं के महाकुंभ के रूप में हर वर्ष मनाया जाता है। सैकड़ों देवी देवताओं की उपस्थिति और हजारों देवलुओं के बीच देवमय वातावरण हमारी प्राचीन संस्कृति और सनातन की ताकत है। उन्होंने विशेष रूप से मंडीवासियों को इस खास पर्व की बधाई देते हुए बाबा भूतनाथ, राज देवता माधोराय और समस्त पधारे देवी-देवताओं से सुख समृद्धि और शांति की प्रार्थना की है।
जयराम ठाकुर ने प्रदेश की वर्तमान सुक्खू सरकार पर तीखा हमला बोलते हुए कहा है कि राज्य की आर्थिकी सुधारने वाले महत्वपूर्ण प्रोजेक्ट्स को सरकार ने अपनी ज़िद, भ्रष्टाचार की संभावनाएँ तलाशने की प्रवृत्ति और घोर कुप्रबंधन से बदहाल कर दिया है। उन्होंने कहा कि यदि यह तथाकथित व्यवस्था परिवर्तन वाली मित्रों की सरकार नालागढ़ मेडिकल डिवाइस पार्क जैसे प्रोजेक्ट को समय से पूरा करती, तो यह हिमाचल प्रदेश के लिए एक गेम चेंजर साबित होता, लेकिन सुक्खू सरकार ने अपनी राजनैतिक दुर्भावना के चलते प्रदेश के हितों की बलि चढ़ा दी है।
जयराम ठाकुर ने आंकड़ों का हवाला देते हुए कहा कि नालागढ़ के अलावा देश के तीन अन्य राज्यों में ऐसे पार्क प्रगति पर है। यमुना एक्सप्रेस-वे (उत्तर प्रदेश) में कंपनियों को प्लॉट आवंटित हो चुके हैं, उज्जैन (मध्य प्रदेश) में उन्नत तकनीक वाली कंपनियां निवेश कर रही हैं और कांचीपुरम (तमिलनाडु) वेंटिलेटर व पेसमेकर जैसे उपकरणों को बनाने वाली कंपनियों के निवेश की संभावनाएं बनाकर देश को चिकित्सा उपकरण के क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में आगे कदम बढ़ा रहा है, जबकि हिमाचल में हमारी पूर्व की भाजपा सरकार द्वारा कड़ी प्रतिस्पर्धा के बाद हासिल किया गया यह प्रोजेक्ट आज सरकार की हठधर्मिता के कारण दम तोड़ रहा है।
नेता प्रतिपक्ष ने प्रदेश की चरमराती स्वास्थ्य सेवाओं पर गहरी चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि मित्रों के सुख की सरकार में जनता का सुख पूरी तरह छिन चुका है और जिस हिमकेयर योजना ने प्रदेश के लाखों लोगों को बीमारी से लड़ने का हौसला और मुफ्त इलाज का अधिकार दिया था, उसे यह सरकार साजिश के तहत खत्म करने पर तुली है।
उन्होंने आरोप लगाया कि वर्तमान में हिमकेयर के 400 करोड़ रुपए, आयुष्मान भारत के 250 करोड़ रुपए और सहारा योजना के 120 करोड़ रुपए की देनदारियां लंबित होने के कारण सरकारी अस्पतालों में मुफ्त इलाज ठप हो गया है। वेंडरों ने बकाया भुगतान न मिलने पर सर्जिकल सामान और दवाइयों की आपूर्ति रोक दी है, जिससे गरीब मरीजों के ऑपरेशन टल रहे हैं और कैंसर जैसे गंभीर रोगों से पीड़ित मरीजों को हजारों रुपए के इंजेक्शन व दवाइयां बाहर से खरीदनी पड़ रही हैं।