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देश में कच्चे तेल, पेट्रोल, डीजल, एलपीजी और प्राकृतिक गैस की सप्लाई स्थिर : सरकार

Himgiri Samachar:

नई दिल्ली, 11 जून। केंद्र सरकार ने गुरुवार को कहा कि पश्चिम एशिया में मौजूदा संकट के बादजूद देश में कच्चे तेल, पेट्रोल, डीजल, एलपीजी और प्राकृतिक गैस की सप्लाई स्थिर बनी हुई है। सरकार ने कहा कि रिफाइनरियां अपनी पूरी क्षमता से काम कर रही हैं।

 

पेट्रोलियम एवं नेचुरल गैस मंत्रालय की संयुक्त सचिव सुजाता शर्मा ने नई दिल्ली में अंतर-मंत्रालयी प्रेसवार्ता में कहा कि कुछ रिटेल आउटलेट्स पर मांग बढ़ने की खबर मिली है। फिर भी ऑयल मार्केटिंग कंपनियां पूरे नेटवर्क में सप्लाई को सुचारू और बिना किसी रुकावट के बनाए रखने के लिए काम कर रही हैं। उन्होंने कहा कि पिछले तीन दिनों में घरेल रसोई गैस (कुकिंग) एलपीजी सिलेंडर की 1.40 करोड़ बुकिंग मिलीं है, जिनके मुकाबले 1.49 करोड़ डिलीवरी पूरी की गईं है।

 

उन्होंने बताया कि इसी दौरान लगभग 22,340 टन कमर्शियल एलपीजी सिलेंडर बेची गई, जबकि 5 किलोग्राम वाले एलपीजी सिलेंडर की करीब 1.91 लाख यूनिट्स की भी सप्लाई की गई है। सुजाता शर्मा ने कहा कि कुछ रिटेल आउटलेट्स पर अभी भी काफी बिक्री हो रही है, लेकिन हम सरकारी तेल मार्केटिंग कंपनियों में सप्लाई सुचारू रूप से बनाए रखने की कोशिश कर रहे हैं।

 

विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने कहा कि पिछले कुछ दिनों में पश्चिम एशिया में भारतीय नाविकों से जुड़ी कई घटनाएं सामने आई हैं। सरकार नाविक समुदाय की भलाई और सुरक्षा को बहुत महत्व देती है। उन्होंने कहा कि कल हमने ओमान के तट के पास एक जहाज पर हुए हमले की निंदा की, जिसमें दुर्भाग्य से तीन भारतीय नागरिकों की मौत हो गई। जायसवाल ने कहा कि हमने अपना कड़ा विरोध दर्ज कराने के लिए यूएस के चार्ज डी'अफेयर्स किया था। इस क्षेत्र में जहाजों पर लगातार हो रहे हमले बेहद चिंताजनक हैं और ये क्षेत्र में चल रहे संघर्ष का सीधा नतीजा हैं। इन हमलों को रोका जाना चाहिए। हम क्षेत्र में शांति और स्थिरता की जल्द बहाली सुनिश्चित करने के लिए बातचीत और कूटनीति का भी आह्वान करते हैं।

 

विदेश मंत्रालय के अतिरिक्त सचिव (खाड़ी) असीम आर महाजन ने कहा कि हमारा पूरा ध्यान इस क्षेत्र में भारतीय समुदाय की सुरक्षा और भलाई सुनिश्चित करने पर है। उन्होंने कहा कि जानकारी साझा करने और ज़रूरी कदम उठाने के लिए हम राज्य सरकारों और केंद्र शासित प्रदेशों के लगातार संपर्क में हैं। महाजन ने कहा कि भारतीय दूतावास और वाणिज्य दूतावास समुदाय की सक्रिय रूप से मदद कर रहे हैं। वे 24x7 हेल्पलाइन चला रहे हैं, स्थानीय अधिकारियों के साथ करीबी संपर्क बनाए हुए हैं और यात्रा, नियमों, कांसुलर सेवाओं तथा कल्याणकारी उपायों के बारे में नियमित रूप से एडवाइज़री जारी कर रहे हैं।

 

इसके अलावा रसायन और उर्वरक मंत्रालय में अतिरिक्त सचिव अपर्णा एस. शर्मा ने बताया कि देश में उर्वरक का कुल स्टॉक अच्छी स्थिति में है। उन्होंने कहा कि स्टॉक की स्थिति को देखते हुए पूरे देश में इसकी उपलब्धता पहले से ही 51 फीसदी है। इसमें कच्चा माल और तैयार उर्वरक की सप्लाई पक्की करने के लिए लंबे समय के आपूर्ति समझौते ने बड़ी भूमिका निभाई है। उन्होंने कहा कि इसके अलावा हमारे कई संयुक्त उद्यम हैं और विदेशों में अपने मिशन के जरिए हम स्ट्रेट ऑफ होर्मुज (एसओएच) के बाहर के देशों के साथ कच्चा माल और तैयार उर्वरक की सप्लाई के लिए सक्रिय रूप से बातचीत कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि बिक्री हमेशा की तरह जोरों पर रही है। भारतीय किसानों ने पूरे देश में लगभग 11.38 एलएमटी ऑर्गेनिक खाद और अन्य उर्वरक खरीदे हैं।

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