शिमला, 24 फ़रवरी। मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने कहा है कि आगामी राज्यसभा चुनाव के लिए कांग्रेस उम्मीदवार का फैसला पार्टी हाईकमान करेगा और पूरी ताकत से अपने प्रत्याशी को जिताएगी। दिल्ली दौरे से लौटने के बाद मंगलवार को पत्रकारों से अनौपचारिक बातचीत में मुख्यमंत्री ने ये बात कही।
सुक्खू ने कहा कि राज्यसभा चुनाव में अभी नामांकन के लिए समय है और हाईकमान सभी पहलुओं पर मंथन करेगा। गौरतलब है कि पिछली बार कांग्रेस विधायकों की बगावत के कारण राज्यसभा सीट पार्टी के हाथ से निकल गई थी। अब नौ अप्रैल को मौजूदा राज्यसभा सांसद इंदु गोस्वामी का कार्यकाल पूरा हो रहा है। चुनाव आयोग ने चुनाव कार्यक्रम घोषित कर दिया है। अधिसूचना 26 फरवरी को जारी होगी और नामांकन पांच मार्च तक भरे जाएंगे। मतदान 16 मार्च को होगा और इसी दिन चुनाव परिणाम घोषित होगा।
बता दें कि कांग्रेस की ओर से कई संभावित नाम चर्चा में हैं। इनमें पूर्व केंद्रीय मंत्री आनंद शर्मा का नाम प्रमुख है, जो पहले भी राज्यसभा के लिए चुने जा चुके हैं। इसके अलावा पूर्व प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष और पूर्व सांसद प्रतिभा सिंह की दावेदारी भी एक खेमा आगे बढ़ा रहा है। सुक्खू सरकार में स्वास्थ्य मंत्री धनीराम शांडिल का नाम भी चर्चा में है, जो पूर्व लोकसभा सांसद और कांग्रेस वर्किंग कमेटी के सदस्य रह चुके हैं।
इसके साथ ही पूर्व विधानसभा अध्यक्ष और पूर्व मंत्री कौल सिंह ठाकुर भी सार्वजनिक रूप से कह चुके हैं कि यदि हाईकमान मौका देता है तो वह तैयार हैं।
पिछले राज्यसभा चुनाव का हवाला देते हुए राजनीतिक हलकों में यह भी चर्चा है कि वर्ष 2024 में जब केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा का कार्यकाल पूरा हुआ था, तब कांग्रेस ने वरिष्ठ नेता अभिषेक मनु सिंघवी को उम्मीदवार बनाया था। उस समय विधानसभा में बहुमत होने के बावजूद कांग्रेस उम्मीदवार चुनाव हार गए थे। कांग्रेस के छह विधायकों की बगावत और निर्दलीय विधायकों के समर्थन से भाजपा उम्मीदवार हर्ष महाजन जीत गए थे।
इस बीच मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि राजस्व घाटा अनुदान (आरडीजी) के मुद्दे पर भाजपा को प्रदेश हित में सहयोग करना चाहिए।
मुख्यमंत्री ने कहा कि पूर्व जयराम ठाकुर सरकार को सबसे ज्यादा आरडीजी मिली थी, लेकिन इसके बावजूद प्रदेश का कर्ज कम नहीं हुआ और देनदारियों का बोझ बढ़ गया। उन्होंने बताया कि वित्त आयोग ने आरडीजी को न तो खारिज किया है और न ही मंजूर किया है बल्कि रिपोर्ट में इसे “नोटेड” लिखा है। ऐसे में केंद्र सरकार परिस्थितियों के अनुसार हिमाचल को आरडीजी दे सकती है। सुक्खू ने कहा कि इस मुद्दे पर उन्होंने मल्लिकार्जुन खड़गे और राहुल गांधी से विस्तृत चर्चा की है।
उन्होंने हिमाचल की तुलना केरल से करने को अनुचित बताते हुए कहा कि संविधान के तहत राजस्व घाटे की भरपाई के लिए आरडीजी दी जाती रही है और इसका केरल पर कोई प्रभाव नहीं पड़ता। मुख्यमंत्री ने भाजपा से सहयोग की अपील करते हुए आरोप लगाया कि पिछली सरकार ने करीब 47 हजार करोड़ रुपये का कर्ज लिया और भारी देनदारियां छोड़ीं।
जंतर-मंतर पर संभावित प्रदर्शन को लेकर सुक्खू ने कहा कि यह राजनीतिक रणनीति का हिस्सा हो सकता है और इस पर विचार-विमर्श के बाद ही फैसला लिया जाएगा। वहीं दिल्ली स्थित हिमाचल सदन में दिल्ली पुलिस की कार्रवाई को उन्होंने संवैधानिक प्रक्रिया के खिलाफ बताया और कहा कि संबंधित आयुक्त को पहले सूचना दी जानी चाहिए थी। उनके मुताबिक कार्यकर्ताओं ने कमरे विधिवत बुक किए थे और भुगतान भी किया गया था।
मुख्यमंत्री ने एआई इंपैक्ट समिट में यूथ कांग्रेस कार्यकर्ताओं के प्रदर्शन का समर्थन करते हुए यूथ कांग्रेस अध्यक्ष उदय भान चिब की गिरफ्तारी को अनुचित बताया। उन्होंने कहा कि ऐसे मामलों में सामान्यतः समझाकर छोड़ दिया जाता है।