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सिंगापुर में मिले एक लाख करोड़ निवेश के प्रस्ताव, 60 हजार करोड़ के हुए एमओयू: योगी आदित्यनाथ

लखनऊ, 24 फरवरी। उत्तर प्रदेश को वर्ष 2029-30 तक एक ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था बनाने के लक्ष्य के साथ सिंगापुर दौरे पर पहुंचे मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मंगलवार को कहा कि सिंगापुर में टीम यूपी को लगभग एक लाख करोड़ के निवेश प्रस्ताव मिले हैं। उनमें से 60 हजार करोड़ के एमओयू ‘इन्वेस्ट यूपी’ ने विभिन्न कंपनियाें के साथ हस्ताक्षरित किए हैं।

 

मुख्यमंत्री याेगी ने कहा कि दुनिया आज पूरी तरह पारदर्शी हो चुकी है। निवेशकों को उत्तर प्रदेश में हो रही प्रत्येक गतिविधि की जानकारी है। यही कारण है कि कम समय में ही यूपी को इतना बड़ा निवेश प्राप्त हुआ है। उन्होंने विश्वास जताया कि यह निवेश प्रदेश को एक ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था बनाने की दिशा में मील का पत्थर साबित होगा।

 

नौ वर्षों में यूपी ने तेजी से किया विकास

 

मुख्यमंत्री कार्यालय के मुताबिक मीडियाकर्मियों से बातचीत में मुख्यमंत्री याेगी ने बताया कि उनके साथ एक बड़ा प्रतिनिधिमंडल सिंगापुर व जापान की यात्रा पर आया है। सिंगापुर पहुंचने के बाद सुबह 8:30 बजे से देर रात तक लगातार बैठकें चलीं और दूसरे दिन भी प्रातःकाल से ही कार्यक्रम जारी रहे। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के विजनरी नेतृत्व में पिछले 11 वर्षों में भारत ने समग्र विकास के विभिन्न क्षेत्रों में उल्लेखनीय प्रगति की है। उसी विजन को आगे बढ़ाते हुए उत्तर प्रदेश ने बीते साढ़े आठ-नौ वर्षों में इन्फ्रास्ट्रक्चर, लॉजिस्टिक्स, सर्विस सेक्टर और जन-कल्याण के क्षेत्रों में तेज गति से विकास किया है। आज भारत और उत्तर प्रदेश की छवि विश्व स्तर पर अत्यंत सकारात्मक रूप में देखी जा रही है।

 

सिंगापुर में एक साै से अधिक शीर्ष प्रतिनिधियों से की मुलाकात

 

मुख्यमंत्री ने बताया कि पिछले दो दिनों में उन्होंने एक साै से अधिक प्रतिनिधियों से भेंट की है। सिंगापुर के राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री, उपप्रधानमंत्री, गृहमंत्री और ऊर्जा मंत्री के साथ भी उनकी सकारात्मक व सार्थक वार्ता हुई। इसके अतिरिक्त प्रमुख फिनटेक कंपनियों के अध्यक्ष व सीईओ के साथ भी बैठकें की गईं। कई कंपनियां पहले से भारत और उत्तर प्रदेश में निवेश कर रही हैं। योगी ने उल्लेख किया कि देश के सबसे बड़े एक्सप्रेस-वे के रूप में विकसित हो रहे गंगा एक्सप्रेस-वे में भी कुछ कंपनियों ने पहले से निवेश किया है। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश के प्रति निवेशकों की धारणा में 360 डिग्री का सकारात्मक परिवर्तन आया है।

 

जेवर में एमआरओ और कार्गो हब की दिशा में पहल

 

मुख्यमंत्री ने बताया कि प्रतिनिधिमंडल ने उन अत्याधुनिक स्थलों का भी दौरा किया, जहां सामान्य लोगों का प्रवेश कठिन होता है। शीघ्र शुरू होने वाले जेवर स्थित नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट के साथ कार्गो सुविधा और एमआरओ (मेंटेनेंस, रिपेयर एंड ओवरहॉलिंग) विकसित करने के लिए सिंगापुर की दक्षता का अध्ययन किया गया। योगी ने कहा कि वर्तमान में भारत सहित विश्व के अनेक विमान अपने एमआरओ कार्यों के लिए सिंगापुर आते हैं। यह सुविधा भारत में, विशेषकर जेवर में विकसित की जा सकती है। निवेशकों ने इस विषय पर गंभीर तैयारी कर रखी है और वे उत्तर प्रदेश के साथ संभावनाओं को आगे बढ़ाने के लिए तैयार हैं।

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