नई दिल्ली, 05 अगस्त। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी का 23 जुलाई का एक वीडियो फेसबुक से हटाने के मामले में संचार एवं सूचना संबंधी संसदीय समिति ने मेटा प्रमुख मार्क जुकरबर्ग से तीन दिन के भीतर बिना शर्त माफी मांगने को कहा है। समिति ने कहा है कि अगर ऐसा नहीं हुआ तो मेटा को भारत में मिलने वाली कानूनी सुरक्षा एवं छूट वापस लेने पर विचार किया जा सकता है।
संसदीय समिति ने बुधवार को मेटा के प्रमुख मार्क जुकरबर्ग से बिना शर्त माफी की मांग की है। समिति ने कहा है कि यदि पत्र मिलने के तीन दिनों के भीतर माफी नहीं मांगी गई, तो सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम की धारा 79(3) के तहत उपलब्ध कानूनी सुरक्षा वापस लेने और उन्हें एक प्रकाशक के रूप में कार्रवाई के दायरे में लाने पर विचार किया जा सकता है।
इसी मामले में सूचना एवं प्रौद्योगिकी मंत्रालय और मेटा के अधिकारियों के बीच दो दिवसीय बैठक आज यहां शुरू हुई। सरकार ने मेटा की ग्लोबल टीम को भी दिल्ली बुलाया है।
संसदीय समिति ने संचार एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय को लिखे पत्र में कहा है कि यह निर्णय 03 अगस्त 2026 को आयोजित संचार एवं सूचना प्रौद्योगिकी संबंधी संसदीय स्थायी समिति की बैठक में लिया गया। बैठक में गृह मंत्रालय, इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय तथा स्नैपचैट, गूगल, एक्स, मेटा और यूट्यूब के प्रतिनिधि शामिल हुए थे।
समिति ने प्रधानमंत्री मोदी के उस वीडियो को गंभीरता से लिया, जिसमें उन्होंने परीक्षा विवादों और पेपर लीक के खिलाफ सरकार की कार्रवाई के संबंध में छात्रों और जेन-जी को संबोधित किया था। समिति के अनुसार इस वीडियो को फेसबुक से लगभग 5–6 घंटे के लिए हटा दिया गया था।
बैठक में बाल यौन शोषण सामग्री और महिलाओं के खिलाफ अपमानजनक सामग्री प्रसारित करने वाले सोशल मीडिया प्लेटफॉर्मों पर भी चिंता जताई गई। समिति ने कहा कि यदि कोई इंटरमीडियरी प्लेटफॉर्म ऐसी सामग्री हटाने में विफल रहता है, तो उसके खिलाफ भी आईटी अधिनियम की धारा 79(3) के तहत कार्रवाई की जानी चाहिए।
इसके अलावा, हैदराबाद साइबर पुलिस द्वारा निवेश धोखाधड़ी के एक मामले में गूगल इंडिया के प्रमुख को सह-आरोपी बनाए जाने के मुद्दे पर भी चर्चा हुई। शिकायतकर्ताओं का आरोप है कि फर्जी निवेश ऐप्स के जरिए उन्हें 48 लाख रुपये से अधिक का नुकसान हुआ। समिति ने इच्छा व्यक्त की कि भारत सरकार गूगल इंडिया के खिलाफ भी इसी प्रकार की कार्रवाई पर विचार करे। प्रधानमंत्री का वीडियो हटाने पर मेटा से जवाब तलब, मार्क जुकरबर्ग से माफी की मांग की है।