शिमला, 16 मई। हिमाचल प्रदेश में होने वाले पंचायत चुनावों की तस्वीर अब पूरी तरह साफ हो गई है। नामांकन वापसी की प्रक्रिया पूरी होने के बाद राज्य में अब कुल 70,224 उम्मीदवार चुनाव मैदान में रह गए हैं। राज्य निर्वाचन आयोग के अनुसार पंचायत चुनाव तीन चरणों में 26, 28 और 30 मई को कराए जाएंगे। मतदान मतपेटियों के माध्यम से होगा, जबकि पंचायत समिति और जिला परिषद सदस्यों के चुनाव परिणाम 31 मई को घोषित किए जाएंगे।
प्रदेशभर में पंचायत चुनावों के लिए कुल 86,725 उम्मीदवारों ने नामांकन पत्र दाखिल किए थे। इनमें से जांच के दौरान 793 नामांकन पत्र रद्द कर दिए गए। इसके बाद 85,932 नामांकन वैध पाए गए थे। नाम वापसी की अंतिम तारीख तक 15,708 उम्मीदवारों ने अपने नाम वापस ले लिए, जिसके बाद अब 70,224 प्रत्याशी चुनाव मैदान में बचे हैं।
इस बार सबसे ज्यादा चुनावी मुकाबला कांगड़ा जिले में देखने को मिलेगा। यहां 17,643 उम्मीदवार विभिन्न पदों के लिए मैदान में हैं। इसके बाद मंडी जिले में 11,728 और चंबा में 7,315 उम्मीदवार चुनाव लड़ रहे हैं। वहीं सबसे कम प्रत्याशी लाहौल-स्पीति जिले में हैं, जहां केवल 425 उम्मीदवार चुनाव मैदान में उतरे हैं।
जिलावार आंकड़ों पर नजर डालें तो बिलासपुर में 4,145, हमीरपुर में 4,849, किन्नौर में 1,034, कुल्लू में 4,098, शिमला में 6,118, सिरमौर में 3,919, सोलन में 4,195 और ऊना में 4,755 उम्मीदवार चुनाव लड़ेंगे।
नाम वापसी के आंकड़ों में मंडी जिला सबसे आगे रहा, जहां 2,837 उम्मीदवारों ने अपने नाम वापस लिए। इसके बाद शिमला में 2,495, सिरमौर में 2,017, कांगड़ा में 1,805 और कुल्लू में 1,693 उम्मीदवारों ने नामांकन वापस लिया। सबसे कम नाम वापसी लाहौल-स्पीति में हुई, जहां केवल 65 उम्मीदवारों ने अपने नाम वापस लिए।
प्रदेश में पंचायत चुनावों को लेकर अब चुनावी गतिविधियां तेज हो गई हैं। उम्मीदवार गांव-गांव जाकर प्रचार में जुट गए हैं और आगामी दिनों में चुनावी मुकाबला और दिलचस्प होने की संभावना है।