शिमला, 04 जनवरी। हिमाचल प्रदेश में जनवरी की कड़ाके की ठंड ने जनजीवन को पूरी तरह जकड़ लिया है और पूरे राज्य में भीषण शीतलहर का असर बना हुआ है। वहीं,मौसम विभाग ने अगले कुछ दिनों के लिए बर्फबारी, घने कोहरे और ठंड जारी रहने को लेकर अलर्ट और पूर्वानुमान जारी किया है।
विभाग के अनुसार 5 और 6 जनवरी को प्रदेश के उच्च पर्वतीय इलाकों में एक बार फिर बर्फबारी होने की संभावना है। इससे तापमान में और गिरावट आ सकती है, जबकि निचले और मैदानी क्षेत्रों में 8 जनवरी तक सुबह और शाम के समय घना कोहरा छाने का येलो अलर्ट जारी किया गया है। मौसम विभाग ने बताया है कि 7 से 10 जनवरी के बीच प्रदेश के अधिकतर हिस्सों में मौसम शुष्क रहने का अनुमान है, हालांकि ठंड से राहत के कोई खास संकेत नहीं हैं। रविवार को प्रदेश भर में मौसम साफ बना रहा और शिमला व मनाली जैसे प्रमुख हिल स्टेशनों पर सुबह से धूप खिली रही, लेकिन सुंदरनगर, बिलासपुर और पांवटा साहिब में घना कोहरा छाए रहने से दृश्यता पर असर पड़ा।
राज्य में इस समय शीतलहर अपने चरम पर है और न्यूनतम तापमान लगातार सामान्य से नीचे बना हुआ है। प्रदेश के पांच स्थानों पर न्यूनतम तापमान शून्य से नीचे दर्ज किया गया है, जिनमें सबसे ठंडा इलाका लाहौल-स्पीति का कुकुमसेरी रहा, जहां न्यूनतम तापमान माइनस 6.3 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया, जबकि स्पीति का ताबो माइनस 6.1 डिग्री, किन्नौर का कल्पा माइनस 3.0 डिग्री, रिकांगपिओ माइनस 0.4 डिग्री और नारकंडा माइनस 0.1 डिग्री सेल्सियस के साथ शून्य से नीचे रहा।
इसके अलावा कई शहरों में तापमान शून्य के आसपास या उससे थोड़ा ऊपर दर्ज किया गया, जिनमें मनाली का न्यूनतम तापमान 0.2 डिग्री, सेओबाग 0.4 डिग्री, सोलन 0.6 डिग्री, भुंतर 0.8 डिग्री, पालमपुर 1.0 डिग्री, कुफरी 1.6 डिग्री और बजौरा 1.6 डिग्री सेल्सियस रहा। राजधानी शिमला में न्यूनतम तापमान 3.6 डिग्री, धर्मशाला 3.5 डिग्री, सराहन 4.0 डिग्री, जुब्बड़हट्टी 4.8 डिग्री, मंडी 5.0 डिग्री, सुंदरनगर 5.5 डिग्री, ऊना 5.5 डिग्री, नाहन 5.5 डिग्री, कसौली 5.7 डिग्री, कांगड़ा 6.6 डिग्री, देहरा गोपीपुर 7.0 डिग्री, बिलासपुर 7.5 डिग्री, नेरी 7.5 डिग्री, हमीरपुर 7.7 डिग्री, बेरठिन 7.7 डिग्री और पांवटा साहिब में 8.0 डिग्री सेल्सियस न्यूनतम तापमान दर्ज किया गया।
लगातार गिरते तापमान, शीतलहर और कोहरे के कारण आम लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है और पहाड़ी से लेकर मैदानी इलाकों में प्रस्तावित बर्फबारी से ठंड और बढ़ने की आशंका जताई जा रही है।