वाराणसी, 04 जनवरी। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने कहा कि वर्ष 2014 के बाद भारत का खेल मॉडल एथलीट-केंद्रित हुआ है। टैलेंट की वैज्ञानिक पहचान, आधुनिक प्रशिक्षण, पोषण और पारदर्शी चयन प्रक्रिया से खिलाड़ियों को आगे बढ़ने का अवसर मिला है। आज देश का हर सेक्टर रिफॉर्म एक्सप्रेस पर सवार है और स्पोर्ट्स सेक्टर में भी बड़े रिफॉर्म्स हो रहे हैं। नेशनल स्पोर्ट गवर्नेंस एक्ट और खेलो भारत नीति 2025 जैसे प्रावधानों से सही टैलेंट को अवसर मिलेगा।
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी रविवार को अपने संसदीय क्षेत्र वाराणसी में आयोजित 72वें राष्ट्रीय वॉलीबॉल टूर्नामेंट का वर्चुअली उद्घाटन करने के बादसंबाेधित कर रह थे। स्थानीय डॉ. संपूर्णानंद स्पोर्ट्स स्टेडियम में आयाेजित समाराेह में रविवार काे एक हजार से अधिक खिलाड़ियों, उनके कोच काे वर्चुअली संबाेधित करते हुए प्रधानमंत्री नरेन्द्र माेदी ने कहा कि 2014 से विभिन्न खेलों में भारत का प्रदर्शन लगातार बेहतर हुआ है और उन्हें जेन-जेड खिलाड़ियों को मैदान पर तिरंगा फहराते देखकर गर्व महसूस होता है।
खिलाड़ियों और कोच का उत्साह बढ़ाते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत अब केवल विकास का नहीं, बल्कि खेलों का भी वैश्विक केंद्र बन रहा है। उन्होंने कहा कि वॉलीबॉल साधारण खेल नहीं है। यह संतुलन और सहयोग का खेल है। इसमें संकल्प शक्ति भी दिखती है। वॉलीबॉल हमें टीम स्पिरिट से जोड़ती है। हर खिलाड़ी का मंत्र होता है 'टीम फर्स्ट'। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि वॉलीबॉल हमें सिखाती है कि जीत अकेले संभव नहीं होती, बल्कि समन्वय, विश्वास और टीम भावना से ही सफलता मिलती है। वॉलीबॉल में बॉल को हर हाल में ऊपर रखना ही इसका मंत्र है। यह खेल सिखाता है कि हर खिलाड़ी की भूमिका अहम होती है और सफलता तभी मिलती है, जब सभी अपनी जिम्मेदारी ईमानदारी से निभाएं।
उन्होंने कहा कि भारत की विकास यात्रा भी इसी भावना से आगे बढ़ रही है-स्वच्छता अभियान से लेकर डिजिटल भुगतान तक, ‘मेक इन इंडिया’ से लेकर विकसित भारत के लक्ष्य तक। प्रधानमंत्री ने कहा कि हमारा देश भी इसी भाव से आगे बढ़ रहा है। उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय स्तर तक पहुंचना किसी भी खिलाड़ी के लिए आसान नहीं होता। वर्षों की मेहनत, अनुशासन और संकल्प के बाद खिलाड़ी इस मंच तक पहुंचते हैं। अब काशी के मैदान पर उनकी तपस्या की परीक्षा होगी। उन्होंने चैंपियनशिप में भाग ले रहे सभी खिलाड़ियों को शुभकामनाएं दीं।
प्रधानमंत्री ने कहा कि देश के 28 से अधिक राज्यों की टीमें इस प्रतियोगिता में भाग ले रही हैं, जो ‘एक भारत–श्रेष्ठ भारत’ की सजीव तस्वीर प्रस्तुत करती हैं। प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि “एक कहावत है-बनारस के जानल चाहत हउआ, त बनारस आवे के पड़ी… अब आप सभी बनारस आ गए हैं, तो यहां की संस्कृति को भी करीब से समझेंगे।” उन्होंने कहा कि बनारस ने हमेशा खेल जगत को बेहतरीन खिलाड़ी दिए हैं। उन्होंने कहा कि काशी ने हजारों वर्षों से उन सभी का सत्कार किया है जो ज्ञान और कला की साधना के लिए यहां आते हैं। यह खेल प्रेमियों का शहर है, जहां कुश्ती, मुक्केबाजी, नौका दौड़, कबड्डी जैसे कई खेल प्रसिद्ध हैं। उन्होंने बताया कि 2030 कॉमनवेल्थ गेम्स और 2036 ओलंपिक की मेजबानी के लिए भारत गंभीरता से प्रयास कर रहा है, ताकि खिलाड़ियों को अधिक से अधिक अवसर मिल सकें। प्रधानमंत्री ने कहा कि खेल अवसंरचना में हुए बदलाव का लाभ काशी को भी मिला है। आधुनिक स्टेडियम और बड़े आयोजनों ने वाराणसी को राष्ट्रीय खेल मानचित्र पर नई पहचान दी है।
पहले जी-20 बैठक, प्रवासी भारतीय सम्मेलन और अब नेशनल वॉलीबॉल चैंपियनशिप हाेने से काशी लगातार बड़े आयोजनों का केंद्र बन रही है। इस अवसर पर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रधानमंत्री मोदी के वर्चुअल संबोधन के लिए आभार जताया। उन्हाेंने कहा कि यह आयोजन काशी और उत्तर प्रदेश के लिए गौरव का क्षण है। मुख्यमंत्री ने कहा कि बीते साढ़े ग्यारह वर्षों में देश ने अभूतपूर्व परिवर्तन देखा है। प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में भारत ने अपनी प्राचीन विरासत के साथ आधुनिक विकास का ऐसा मॉडल प्रस्तुत किया है, जिस पर आज हर भारतवासी गर्व कर रहा है। कल्याणकारी योजनाओं के माध्यम से समाज के अंतिम पायदान पर खड़ा व्यक्ति भी शासन की योजनाओं का लाभ लेकर आत्मनिर्भर बन रहा है। उन्होंने कहा कि खेल केवल समय बिताने का माध्यम नहीं, बल्कि जीवन के सर्वांगीण विकास का आधार हैं। भारतीय मनीषा प्राचीन काल से ही यह सिखाती आई है कि स्वस्थ शरीर में ही स्वस्थ मन और सफल जीवन का वास होता है। इसी सोच को आगे बढ़ाते हुए ‘खेलो इंडिया’, ‘फिट इंडिया मूवमेंट’, सांसद खेलकूद प्रतियोगिता और प्रदेश में विकसित हो रहे आधुनिक खेल अवसंरचना ने खेल संस्कृति को नई दिशा दी है। मुख्यमंत्री ने चैंपियनशिप का विधिवत् उद्घाटन करने के बाद खिलाड़ियों एवं भारी संख्या में उपस्थित खिलाड़ियों, जनप्रतिनिधियों और खेल प्रेमियों का स्वागत व अभिनंदन किया।
इस दौरान मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने डॉ संपूर्णानंद स्पोर्ट्स स्टेडियम के विभिन्न खेल प्रभागों का अवलोकन किया तथा शूटिंग रेंज में मौजूद खिलाड़ियों से वार्ता भी की। इस अवसर पर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक,राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) रविन्द्र जायसवाल, आयुष एवं खाद्य सुरक्षा राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) डॉ दयाशंकर मिश्र 'दयालु', जिला पंचायत अध्यक्ष पूनम मौर्या, महापौर अशोक तिवारी,विधायक डॉ नीलकंठ तिवारी, एमएलसी हंसराज विश्वकर्मा, एमएलसी धर्मेन्द्र राय, कमिश्नर एस. राजलिंगम, ओलिंपियन मेडलिस्ट आईएएस अधिकारी सुहास एलवाई, जिलाधिकारी सत्येंद्र कुमार आदि भी मौजूद रहे।