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शिमला जिला परिषद के नतीजे कांग्रेस के लिए निराशाजनक, समीक्षा की जरूरत : रोहित ठाकुर

Himgiri Samachar:
शिमला, 11 सितंबर। शिमला जिला परिषद के अध्यक्ष और उपाध्यक्ष पद पर भारतीय जनता पार्टी की जीत को शिक्षा मंत्री रोहित ठाकुर ने कांग्रेस के लिए निराशाजनक बताया है। उन्होंने कहा कि शिमला जिला लंबे समय से कांग्रेस का मजबूत क्षेत्र रहा है। ऐसे में पंचायतीराज चुनावों के इन परिणामों की गंभीरता से समीक्षा और आत्ममंथन करने की जरूरत है। उन्होंने कहा कि पार्टी यह देखेगी कि किन क्षेत्रों में कमी रही और किन कारणों से अपेक्षित परिणाम नहीं मिल सके।


रोहित ठाकुर ने शुक्रवार को कहा कि शिमला जिले में कांग्रेस की मजबूत लीडरशिप रही है। जुब्बल-कोटखाई विधानसभा क्षेत्र से सभी जिला परिषद सदस्य कांग्रेस के जीतकर आने की बात कहते हुए उन्होंने कहा कि जिले के दूसरे विधानसभा क्षेत्रों में पार्टी को उम्मीद के अनुरूप परिणाम नहीं मिले। इसी वजह से कांग्रेस जिला परिषद अध्यक्ष और उपाध्यक्ष के पद हासिल नहीं कर सकी। उन्होंने कहा कि कमियों की पहचान कर उन्हें दूर किया जाएगा और संगठन को मजबूत करने के लिए जरूरी कदम उठाए जाएंगे।


शिक्षा मंत्री ने कहा कि इस विषय पर कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष से भी चर्चा की जाएगी। विधानसभा चुनाव में करीब एक वर्ष का समय शेष है और पार्टी को इस अवधि में मजबूती के साथ आगे बढ़ने की जरूरत है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस जिला परिषद चुनाव के परिणामों को स्वीकार करती है और आने वाले समय में बेहतर प्रदर्शन के लिए संगठन को मजबूत करेगी।


दिल्ली में सरकार और संगठन को लेकर हुई चर्चा


रोहित ठाकुर ने अपने दिल्ली दौरे को लेकर कहा कि शिक्षा विभाग से संबंधित उनका कार्यक्रम पहले से निर्धारित था और इसी सिलसिले में वह दिल्ली गए थे। उन्होंने कहा कि दिल्ली जाने के दौरान कांग्रेस के नेताओं से मुलाकात होना स्वाभाविक है। इस दौरान हिमाचल प्रदेश में सरकार और संगठन से जुड़े विभिन्न मुद्दों पर चर्चा हुई। उन्होंने कहा कि कुछ अन्य मंत्री भी दिल्ली में मौजूद थे और कांग्रेस सरकार के चार साल के कार्यकाल को लेकर भी बातचीत हुई।


उन्होंने कहा कि पार्टी से जुड़ी कुछ बातें आंतरिक होती हैं और उन्हें सार्वजनिक नहीं किया जा सकता। कैबिनेट बैठक के अचानक स्थगित होने को लेकर रोहित ठाकुर ने मंत्रियों के बीच किसी तरह के मतभेद या मनमुटाव से इनकार किया। उन्होंने कहा कि सभी मंत्री कैबिनेट बैठक में हिस्सा लेने के लिए शिमला पहुंचे थे। बाद में बैठक स्थगित कर दी गई। बैठक स्थगित किए जाने के कारण की जानकारी उन्हें नहीं है। उन्होंने स्पष्ट किया कि इसे मंत्रियों के बीच मतभेद से जोड़ना सही नहीं है।


हिमाचल की साक्षरता उपलब्धि पर पूर्व सरकारों को भी श्रेय


हिमाचल प्रदेश के साक्षरता दर में देश में दूसरे स्थान पर आने पर शिक्षा मंत्री ने कहा कि सीमित संसाधनों वाले पहाड़ी प्रदेश का करीब पांच प्रतिशत से 99.5 प्रतिशत तक पहुंचने का सफर लंबे समय से किए जा रहे प्रयासों का परिणाम है। उन्होंने कहा कि इस उपलब्धि की मजबूत नींव प्रदेश के पहले मुख्यमंत्री डॉ. यशवंत सिंह परमार ने रखी थी।


रोहित ठाकुर ने कहा कि इसके बाद प्रदेश की अलग-अलग सरकारों ने शिक्षा को प्राथमिकता देते हुए लगातार निवेश किया। शिक्षा के प्रति निरंतर प्रयास और राजनीतिक प्रतिबद्धता से हिमाचल देश के अग्रणी राज्यों में पहुंचा है। उन्होंने कहा कि शिक्षा के क्षेत्र में मिली यह उपलब्धि केवल मौजूदा सरकार की नहीं है, इसमें पूर्व की सरकारों के प्रयास भी शामिल हैं। उन्होंने इस उपलब्धि के लिए प्रदेश के शिक्षकों को भी बधाई दी।

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