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हिमाचल में घर बैठे भी कर सकते हैं जनगणना, 1 जून से ऑनलाइन भर सकेंगे 33 सवालों की जानकारी,

Himgiri Samachar:
शिमला, 29 मई। हिमाचल प्रदेश में जनगणना-2027 का पहला चरण 16 जून से शुरू होने जा रहा है। यह चरण 15 जुलाई 2026 तक चलेगा। इस दौरान पूरे प्रदेश में मकान सूचीकरण और आवास गणना का काम किया जाएगा। खास बात यह है कि इस बार जनगणना पूरी तरह डिजिटल तकनीक के जरिए होगी। लोग अपने मोबाइल, लैपटॉप या कंप्यूटर से घर बैठे भी अपनी जानकारी भर सकेंगे।


शिमला में शुक्रवार को पत्रकार वार्ता के दौरान जनगणना कार्य निदेशालय हिमाचल प्रदेश की निदेशक दीप शिखा शर्मा ने बताया कि जनगणना देश की सबसे बड़ी प्रशासनिक और सांख्यिकीय प्रक्रिया है। इसके जरिए परिवारों, मकानों, मूलभूत सुविधाओं और सामाजिक-आर्थिक स्थिति से जुड़ी जानकारी जुटाई जाएगी। उन्होंने कहा कि जनगणना से मिलने वाले आंकड़े आगे सरकार की विकास योजनाओं की दिशा तय करने में अहम भूमिका निभाएंगे।


1 से 15 जून तक खुद भर सकेंगे जानकारी


उन्होंने कहा कि इस बार लोगों को स्व-गणना यानी सेल्फ एन्यूमरेशन की सुविधा भी दी गई है। इसके तहत नागरिक 1 जून से 15 जून 2026 तक se.census.gov.in पोर्टल पर जाकर खुद अपनी जानकारी भर सकेंगे। ऑनलाइन प्रक्रिया पूरी करने के बाद एक यूनिक आईडी जारी होगी, जिसका इस्तेमाल आगे जनगणना के दौरान किया जाएगा।


दीप शिखा शर्मा ने बताया कि लोगों को कुल 33 सवालों के जवाब देने होंगे। इनमें मकान की स्थिति, कमरों की संख्या, बिजली, पानी, शौचालय, इंटरनेट, रसोई ईंधन और परिवार से जुड़ी दूसरी जानकारियां शामिल हैं। उन्होंने कहा कि ऑनलाइन जानकारी भरने के बाद भी प्रगणक घर-घर जाकर उसका सत्यापन करेंगे।


मोबाइल ऐप से होगी पूरी गणना, 20,630 प्रगणकों और पर्यवेक्षकों की होगी तैनाती


जनगणना का यह पहला मौका होगा जब हिमाचल में पूरी प्रक्रिया डिजिटल माध्यम से पूरी की जाएगी। इसके लिए HLO यानी हाउस लिस्टिंग ऑपरेशन मोबाइल ऐप तैयार किया गया है। इसी ऐप के जरिए प्रगणक मौके पर जानकारी दर्ज करेंगे और डेटा सीधे ऑनलाइन अपलोड होगा।


जनगणना निदेशालय के मुताबिक इससे गलतियों की संभावना कम होगी और पूरी प्रक्रिया ज्यादा पारदर्शी और तेज बनेगी। प्रदेश में पहले चरण के लिए करीब 20,630 प्रगणकों और पर्यवेक्षकों की तैनाती की जाएगी। इनका प्रशिक्षण 1 जून से 12 जून तक आयोजित होगा। इसके लिए राज्यभर में मास्टर ट्रेनर और फील्ड ट्रेनर पहले ही तैयार किए जा चुके हैं।


जनगणना पर खर्च होंगे 86 करोड़ रुपये


उन्होंने बताया कि हिमाचल प्रदेश में जनगणना-2027 की प्रक्रिया पर करीब 86 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे। अधिकारियों का कहना है कि जनगणना से मिलने वाले आंकड़े आगे शिक्षा, स्वास्थ्य, सड़क, पेयजल, बिजली, आवास और डिजिटल कनेक्टिविटी जैसी योजनाओं के लिए आधार बनेंगे।


दीप शिखा शर्मा ने लोगों से अपील की कि वे सही जानकारी दें और स्व-गणना सुविधा का अधिक से अधिक इस्तेमाल करें। उन्होंने कहा कि जनगणना के दौरान दी गई सभी जानकारियां जनगणना अधिनियम-1948 के तहत पूरी तरह गोपनीय रखी जाती हैं और उनका इस्तेमाल केवल सरकारी योजनाओं और सांख्यिकीय उद्देश्यों के लिए किया जाता है।



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