शिमला, 27 अप्रैल। राजधानी शिमला में ट्रैफिक और पार्किंग की समस्या से निपटने के लिए हाइड्रोलिक पार्किंग बनाने की योजना पर काम शुरू होगा। प्रदेश के लोक निर्माण एवं शहरी विकास मंत्री विक्रमादित्य सिंह ने बताया कि शहर के करीब 15 स्थानों को इस परियोजना के लिए चिन्हित किया गया है और इसे 1200 करोड़ रुपये की शहरी विकास योजना के तहत लागू किया जाएगा।
उन्होंने बताया कि इन परियोजनाओं के लिए विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (डीपीआर) तैयार कर केंद्र को भेजी जाएगी और मंजूरी मिलने के बाद काम शुरू किया जाएगा। प्रस्तावित योजनाओं में शिमला के भीड़भाड़ वाले इलाकों में ट्रैफिक कम करना, हाइड्रोलिक पार्किंग सिस्टम विकसित करना, भूमिगत उपयोगिता पाइप बिछाना और कांगड़ा में एयरोसिटी जैसी योजनाएं शामिल हैं। मंत्री के मुताबिक इन प्रयासों से शहर में पार्किंग की सुविधा बढ़ेगी और ट्रैफिक व्यवस्था में सुधार होगा।
विक्रमादित्य सिंह यह बातें सोमवार को शिमला में 14वीं जिला स्तरीय आईटीआई (महिला) स्पोर्ट्स मीट के समापन समारोह के दौरान कह रहे थे, जो आईटीआई चौड़ा मैदान में आयोजित किया गया। उन्होंने कहा कि खेल गतिविधियां छात्रों के सर्वांगीण विकास के लिए जरूरी हैं और शिक्षण संस्थानों से निकलने वाले खिलाड़ी देश और प्रदेश का नाम रोशन करते हैं।
उन्होंने आईटीआई में दी जा रही स्किल शिक्षा पर भी जोर दिया और कहा कि इससे युवाओं को सरकारी और निजी क्षेत्रों में रोजगार के अवसर मिलते हैं, साथ ही स्वरोजगार की संभावनाएं भी बढ़ती हैं। उन्होंने कहा कि प्रदेश की आईटीआई में आधुनिक सुविधाओं के साथ प्रशिक्षण दिया जा रहा है और कैंपस प्लेसमेंट के जरिए छात्रों को मल्टीनेशनल कंपनियों में रोजगार मिल रहा है।
कार्यक्रम के दौरान मंत्री ने स्पोर्ट्स मीट के आयोजन के लिए 41 हजार रुपये की राशि विधायक निधि से देने की घोषणा की। इसके अलावा शिमला आईटीआई को बेहतर प्रदर्शन के लिए 15 हजार रुपये और छात्रा ममता को 5 हजार रुपये की प्रोत्साहन राशि देने की भी घोषणा की गई।
चार दिन तक चली इस स्पोर्ट्स मीट में वॉलीबॉल, कबड्डी, खो-खो, बैडमिंटन, एथलेटिक्स और सांस्कृतिक प्रतियोगिताओं का आयोजन किया गया। विभिन्न स्पर्धाओं में अलग-अलग आईटीआई संस्थानों की छात्राओं ने भाग लिया। ओवरऑल चैंपियनशिप और कल्चरल ट्रॉफी दोनों ही शिमला आईटीआई के नाम रही, जबकि छात्रा ममता को बेस्ट एथलीट चुना गया।