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शिमला एलएसडी ड्रग्स केस : कुल्लू के होटल में हुई थी डील, हार्ड डिस्क से मिटाई सीसीटीवी फुटेज, होटल मालिक गिरफ्तार

Himgiri Samachar:
शिमला, 18 मई। शिमला में सामने आए एक करोड़ रुपये के एलएसडी ड्रग्स तस्करी मामले की जांच में नया खुलासा हुआ है। अब इस मामले में कुल्लू के एक होटल मालिक को भी गिरफ्तार किया गया है। पुलिस के अनुसार होटल में हुई ड्रग्स डील के सबूत मिटाने के लिए सीसीटीवी फुटेज हार्ड डिस्क से डिलीट कर दी गई थी। फॉरेंसिक जांच में इसका खुलासा होने के बाद पुलिस ने होटल के पार्टनर मालिक संजीव कुमार (35) निवासी भुंतर जिला कुल्लू को गिरफ्तार किया है।


यह मामला पुलिस थाना न्यू शिमला में 10 मार्च को दर्ज किया गया था। पुलिस ने उस दिन पंजाब के मोगा निवासी संदीप शर्मा और सिरमौर की युवती प्रिया शर्मा को गिरफ्तार किया था। दोनों के कब्जे से 562 स्टाम्प साइज एलएसडी स्ट्रिप बरामद हुई थीं। पुलिस के अनुसार बरामद एलएसडी का वजन 11.570 ग्राम था, जिसे कमर्शियल मात्रा माना गया है और अंतरराष्ट्रीय बाजार में इसकी कीमत एक करोड़ से अधिक है।  मामले में एनडीपीएस एक्ट की धारा 22 और 29 के साथ बीएनएस की धारा 238 के तहत केस दर्ज किया गया था।


जांच के दौरान पुलिस ने ड्रग्स सप्लाई नेटवर्क की बैकवर्ड लिंकेज खंगाली तो एलएसडी सप्लायर के रूप में केरल के कालीकट निवासी नविएल हैरिसन का नाम सामने आया। इसके बाद उसे 13 मार्च को हरियाणा के गुरुग्राम से गिरफ्तार किया गया।


मामले ने नया मोड़ तब लिया जब जांच में एसटीएफ के चार कर्मियों की भूमिका संदिग्ध पाई गई। पुलिस के अनुसार डिजिटल, तकनीकी और भौतिक साक्ष्यों के आधार पर चारों को 19 मार्च 2026 को गिरफ्तार किया गया था। बाद में विभागीय कार्रवाई के तहत उन्हें सेवा से बर्खास्त भी कर दिया गया। जांच एजेंसियां इस बात की पड़ताल कर रही हैं कि ड्रग्स नेटवर्क में उनकी क्या भूमिका थी और किस स्तर तक यह नेटवर्क फैला हुआ था।


आगे की जांच में पुलिस को पता चला कि आरोपी नविएल हैरिसन से एलएसडी की खेप जिला कुल्लू स्थित सी रॉक होटल में ली गई थी। पुलिस ने होटल परिसर से हार्ड डिस्क और डीवीआर जब्त कर फॉरेंसिक जांच के लिए भेजे। जांच रिपोर्ट में सामने आया कि होटल के सीसीटीवी फुटेज डिलीट कर दिए गए थे।


पुलिस के अनुसार होटल के पार्टनर मालिक संजीव कुमार, निवासी गांव बुशोणा, तहसील भुंतर, जिला कुल्लू, ने अन्य आरोपियों के साथ मिलकर सबूत मिटाने की कोशिश की। फॉरेंसिक रिपोर्ट, डिजिटल साक्ष्यों और जांच में सामने आए तथ्यों के आधार पर उसकी भूमिका आपराधिक साजिश और साक्ष्य नष्ट करने में पाई गई। इसके बाद अब उसे गिरफ्तार कर लिया गया।


एसएसपी शिमला गौरव सिंह ने इसकी पुष्टि करते हुए सोमवार को बताया कि मामले की जांच अभी जारी है और पूरे ड्रग्स नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की भूमिका भी खंगाली जा रही है। उन्होंने कहा है कि मादक पदार्थ तस्करी के खिलाफ “जीरो टॉलरेंस” नीति के तहत आगे भी सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।

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