शिमला, 05 जनवरी। शिमला के ऐतिहासिक रिज मैदान पर आयोजित हिम एमएसएमई फेस्ट–2026 ने स्थानीय उत्पादों के लिए एक मजबूत बाजार के रूप में अपनी पहचान बनाई। तीन दिनों तक चले इस महोत्सव में 20 लाख रुपये से अधिक का कारोबार दर्ज किया गया। यह आंकड़ा हिमाचल प्रदेश के सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यमों के उत्पादों पर लोगों के बढ़ते भरोसे को दर्शाता है।
महोत्सव के दौरान रिज मैदान पर 50 से अधिक स्टॉल लगाए गए, जो लोगों के लिए विशेष आकर्षण का केंद्र बने रहे। इस बार आयोजन में पहली बार फैक्ट्री आउटलेट स्टॉल्स को भी शामिल किया गया। इन स्टॉल्स पर उपभोक्ताओं को नामी और भरोसेमंद ब्रांड्स के उत्पाद सीधे फैक्ट्री दरों पर उपलब्ध कराए गए। बाजार की तुलना में कम कीमत पर गुणवत्तापूर्ण सामान मिलने से आम लोगों और पर्यटकों ने जमकर खरीदारी की।
हिम एमएसएमई फेस्ट में हैंडलूम, लेदर उत्पाद, खाद्य सामग्री, वुड प्रोडक्ट्स और अन्य स्थानीय वस्तुओं के स्टॉल लगाए गए थे। देश के विभिन्न हिस्सों से आए पर्यटकों के साथ-साथ विदेशी सैलानियों ने भी इन स्टॉल्स पर रुचि दिखाई और स्थानीय उत्पादों की खरीदारी की। इससे हिमाचल के कारीगरों और उद्यमियों को अपने उत्पादों को नए बाजार तक पहुंचाने का अवसर मिला।
आयोजन ने ‘लोकल से ग्लोबल’ की सोच को आगे बढ़ाते हुए स्थानीय उत्पादकों को सीधे उपभोक्ताओं से जोड़ने का काम किया। इससे न केवल उत्पादों की पहचान बढ़ी, बल्कि छोटे उद्यमियों को अपने कारोबार को विस्तार देने का मंच भी मिला।
उद्योग विभाग की इस पहल की उपभोक्ताओं, पर्यटकों और उद्यमियों ने सराहना की। लोगों का कहना था कि ऐसे आयोजनों से स्थानीय उत्पादों को बढ़ावा मिलता है और प्रदेश के छोटे उद्योगों को मजबूती मिलती है।
इस मौके पर उद्योग विभाग के निदेशक डॉ. यूनुस ने हिम एमएसएमई फेस्ट–2026 की सफलता पर सभी उद्यमियों, सहभागियों और अधिकारियों को बधाई दी। उन्होंने कहा कि इस तरह के आयोजन प्रदेश की अर्थव्यवस्था को गति देने के साथ-साथ रोजगार के अवसर पैदा करने और उद्यमिता को बढ़ावा देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।