हमीरपुर, 15 फ़रवरी। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के केंद्रीय कार्यकारिणी सदस्य सुरेश सोनी ने कहा कि ठाकुर राम सिंह द्वारा शुरू की गई इतिहास संकलन योजना ने देश में सकारात्मक बौद्धिक वातावरण तैयार करने और राष्ट्रचेतना को मजबूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। वे रविवार को हमीरपुर जिले के नेरी में आयोजित राम सिंह की 111वीं जयंती समारोह में मुख्य वक्ता के रूप में संबोधित कर रहे थे।
सोनी ने कहा कि राम सिंह की प्रतिमा का अनावरण केवल श्रद्धांजलि नहीं है, बल्कि यह उस भारतीय परंपरा का प्रतीक है जिसमें समाज अपने महापुरुषों के आदर्शों से प्रेरणा लेकर आगे बढ़ता है। उन्होंने बताया कि राम सिंह ने कठिन परिस्थितियों में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के कार्य को आगे बढ़ाया और वर्ष 1988 में इतिहास संकलन योजना का शुभारंभ किया। उनका मानना था कि भारतीय इतिहास को भारतीय दृष्टिकोण से समझना और प्रस्तुत करना आवश्यक है।
उन्होंने कहा कि ब्रिटिश शासन के दौरान ऐसी कई धारणाएं स्थापित करने का प्रयास किया गया जिनसे देश और समाज को विभाजित किया जा सके। आर्यन आक्रमण सिद्धांत जैसे विचारों के माध्यम से यह दिखाने की कोशिश हुई कि भारत की परंपराएं बाहरी प्रभावों का परिणाम हैं, जबकि भारतीय स्रोतों, परंपराओं और शोध से इन धारणाओं को चुनौती मिली है। सोनी ने कहा कि भारतीय इतिहास की कालगणना, वंशावली परंपरा, लोक परंपराएं और प्राचीन ग्रंथ हमारे इतिहास के महत्वपूर्ण प्रमाण हैं और इन पर गंभीर शोध की आवश्यकता है।
कार्यक्रम में मुख्य अतिथि केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जगत प्रकाश नड्डा ने कहा कि ठाकुर राम सिंह एक कुशल संगठक, दूरदर्शी विचारक और लेखक थे। उन्होंने बताया कि राम सिंह ने अपने शोध कार्यों के माध्यम से भारतीय इतिहास के पुनर्लेखन की आवश्यकता पर जोर दिया और नेरी स्थित शोध संस्थान इसी दिशा में काम कर रहा है। उन्होंने यह भी कहा कि नई शिक्षा नीति में भारतीय दृष्टिकोण को महत्व दिया गया है और केंद्र सरकार द्वारा बड़ी संख्या में पांडुलिपियों का डिजिटलीकरण किया जा रहा है।
पूर्व मुख्यमंत्री प्रेम कुमार धूमल ने कहा कि राम सिंह का मानना था कि जो राष्ट्र अपने इतिहास को भूल जाता है, वह आगे नहीं बढ़ सकता। उन्होंने बताया कि राम सिंह के मार्गदर्शन में कई संस्थानों की स्थापना हुई, जो आज भी समाज में राष्ट्रचेतना को मजबूत करने का कार्य कर रहे हैं।
समारोह में बड़ी संख्या में शिक्षाविदों, सामाजिक कार्यकर्ताओं और स्थानीय लोगों ने भाग लिया और ठाकुर राम सिंह को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए उनके विचारों को आगे बढ़ाने का संकल्प लिया।