शिमला, 15 फ़रवरी। हिमाचल प्रदेश में इलाज के लिए लोगों को बाहर जाने की मजबूरी कम करने और बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराने की दिशा में हिमाचल प्रदेश सरकार ने एक अहम कदम उठाया है। राज्य सरकार ने 3 हज़ार करोड़ रुपये की व्यापक स्वास्थ्य आधुनिकीकरण योजना के पहले चरण में 1,617 करोड़ रुपये की स्वीकृति दी है। इस योजना के तहत सरकारी मेडिकल कॉलेजों, सुपर स्पेशियलिटी संस्थानों और आदर्श स्वास्थ्य संस्थानों के बुनियादी ढांचे को आधुनिक बनाया जाएगा। यह परियोजना 1 अप्रैल 2026 से 30 अप्रैल 2031 तक चरणबद्ध तरीके से लागू होगी।
सरकार का मानना है कि समय पर सही जांच और इलाज न मिलने से न केवल मरीज की हालत गंभीर होती है, बल्कि इलाज का खर्च भी काफी बढ़ जाता है। अध्ययनों के अनुसार, यदि बीमारी का पता देर से चलता है तो इलाज पर होने वाला खर्च 30 से 50 प्रतिशत तक बढ़ सकता है। इसी को ध्यान में रखते हुए राज्य सरकार ने स्वास्थ्य संस्थानों को मजबूत करने और मरीजों को जल्दी विशेषज्ञ इलाज उपलब्ध कराने की योजना बनाई है।
सरकारी प्रवक्ता ने बताया कि इस पहल के तहत अस्पतालों और मेडिकल कॉलेजों में अत्याधुनिक जांच सुविधाएं विकसित की जाएंगी। इनमें आधुनिक डायग्नोस्टिक मशीनें, सिमुलेशन आधारित मेडिकल ट्रेनिंग सिस्टम, एआई तकनीक से लैस हैंडहेल्ड एक्स-रे उपकरण और एकीकृत डिजिटल हेल्थ प्लेटफॉर्म शामिल हैं। इसका उद्देश्य यह है कि मरीजों को समय पर विशेषज्ञ इलाज मिले, रेफरल पर होने वाला खर्च कम हो और दूरदराज क्षेत्रों में आपातकालीन स्वास्थ्य सेवाएं मजबूत हों। सरकार का दावा है कि इससे महिला स्वास्थ्य, समान अवसर और पर्यावरण के अनुकूल स्वास्थ्य सेवाओं को भी बढ़ावा मिलेगा।
परियोजना के पहले चरण में मेडिकल कॉलेजों की भौतिक संरचना को मजबूत किया जाएगा। इसके तहत नए भवनों का निर्माण, पुराने भवनों का नवीनीकरण, ओपीडी और आईपीडी सुविधाओं का विस्तार किया जाएगा। मेडिकल छात्रों के लिए हाई-टेक सिमुलेशन सेंटर, एआर और वीआर तकनीक पर आधारित प्रशिक्षण सुविधाएं, डिजिटल लाइब्रेरी और ई-लर्निंग प्लेटफॉर्म से जुड़ी स्किल लैब स्थापित की जाएंगी। इसके साथ ही एमआरआई, सीटी स्कैन, डिजिटल रेडियोलॉजी और आधुनिक जांच प्रयोगशालाएं भी स्थापित होंगी। अस्पतालों के डिजिटल सिस्टम को राष्ट्रीय डिजिटल स्वास्थ्य मानकों के अनुरूप जोड़ा जाएगा, ताकि मरीजों का डाटा सुरक्षित और आसानी से उपलब्ध हो सके।
दूसरे चरण में आईजीएमसी शिमला, एआईएमएसएस चमियाना और डॉ. राधाकृष्णन राजकीय चिकित्सा महाविद्यालय हमीरपुर जैसे बड़े संस्थानों में सुपर स्पेशियलिटी सेवाओं को और मजबूत किया जाएगा। यहां किडनी और बोन मैरो ट्रांसप्लांट, न्यूरोसर्जरी, हृदय शल्य चिकित्सा, उन्नत एंडोस्कोपी, बाल चिकित्सा और रोबोटिक सर्जरी जैसी सुविधाओं का विस्तार होगा। इसके लिए अत्याधुनिक मशीनें और तकनीक उपलब्ध कराई जाएंगी।
तीसरे चरण में आदर्श स्वास्थ्य संस्थानों को आधुनिक उपकरणों से लैस किया जाएगा। जिला और उपमंडल स्तर के अस्पतालों में सीटी स्कैन, मोबाइल एक्स-रे, अल्ट्रासाउंड, लैप्रोस्कोपिक सर्जरी और आंखों के ऑपरेशन की सुविधाएं बढ़ाई जाएंगी। साथ ही टेलीमेडिसिन और डिजिटल रेफरल सिस्टम को मजबूत किया जाएगा, ताकि मरीजों को जरूरत पड़ने पर बड़े अस्पतालों से तुरंत जोड़ा जा सके।