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आरडीजी मुद्दे पर घमासान के बीच दिल्ली गए सीएम सुक्खू, जेपी नड्डा से करेंगे मुलाकात

Himgiri Samachar:

शिमला, 10 फ़रवरी। हिमाचल प्रदेश में राजस्व घाटा अनुदान (आरडीजी) बंद होने को लेकर जारी राजनीतिक बहस के बीच मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू मंगलवार को दिल्ली दौरे पर रवाना हो गए। दिल्ली रवाना होने से पहले उन्होंने शिमला में पत्रकारों से अनौपचारिक बातचीत में बताया कि आरडीजी के मुद्दे पर केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा से मिलने के लिए समय मांगा गया है। इसके अलावा वे अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी की ओर से संगठन विस्तार को लेकर बुलाई गई बैठक में भी हिस्सा लेंगे।

 

मुख्यमंत्री सुक्खू ने कहा कि आरडीजी का मुद्दा प्रदेश के हित से जुड़ा हुआ है और इस पर सभी दलों को मिलकर केंद्र सरकार के सामने बात रखनी चाहिए। उन्होंने विपक्ष के नेता जयराम ठाकुर पर निशाना साधते हुए कहा कि विपक्ष को राजनीति से ऊपर उठकर प्रदेश के हित में प्रधानमंत्री से मिलकर यह मुद्दा उठाना चाहिए, लेकिन नेता प्रतिपक्ष प्रदेश हित के बजाय राजनीतिक बयानबाजी कर रहे हैं।

 

उन्होंने कहा कि जयराम ठाकुर यह कह रहे हैं कि प्रदेश में जल्द ही भाजपा की सरकार बनने वाली है, जो इस समय उचित नहीं है क्योंकि यह मुद्दा प्रदेश के आर्थिक हित से जुड़ा है।

 

मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि आरडीजी से जुड़े मुद्दे पर वित्त विभाग की ओर से आयोजित प्रेजेंटेशन में नेता प्रतिपक्ष शामिल नहीं हुए। उनके अनुसार जयराम ठाकुर यह कह रहे हैं कि उन्हें वित्त सचिव के माध्यम से पत्र भेजा गया था, जबकि उन्होंने स्वयं उन्हें पत्र लिखकर बैठक में आने का आग्रह किया था।

 

पूर्व सरकार के कार्यकाल का जिक्र करते हुए मुख्यमंत्री सुक्खू ने कहा कि जयराम ठाकुर के समय प्रदेश को लगभग 54 हजार करोड़ रुपये का आरडीजी और करीब 16 हजार करोड़ रुपये का जीएसटी मुआवजा मिला था, जबकि वर्तमान सरकार को पिछले तीन वर्षों में केवल लगभग 17 हजार करोड़ रुपये का आरडीजी मिला है।

 

उन्होंने आरोप लगाया कि पिछली सरकार के दौरान वित्तीय कुप्रबंधन हुआ और ठेकेदारों को भुगतान किया गया, जिससे कर्मचारियों और पेंशनरों की करीब 10 हजार करोड़ रुपये की देनदारियां बाकी रह गईं।

 

मुख्यमंत्री ने दावा किया कि वर्तमान सरकार ने राजस्व बढ़ाने के लिए कई कदम उठाए हैं, जिसके परिणामस्वरूप राजस्व में लगभग 3800 करोड़ रुपये की बढ़ोतरी हुई है। उन्होंने कहा कि आने वाले समय में सरकार प्रदेश की आर्थिक स्थिति को मजबूत करने के लिए आवश्यक और कड़े फैसले लेने से पीछे नहीं हटेगी। साथ ही उन्होंने भरोसा दिलाया कि विकास परियोजनाओं पर असर नहीं पड़ने दिया जाएगा और कर्मचारियों तथा पेंशनरों के वेतन और पेंशन का भुगतान भी नियमित रूप से जारी रहेगा।

 

मुख्यमंत्री सुक्खू ने कहा कि राज्य सरकार आरडीजी के मुद्दे पर अपनी लड़ाई जारी रखेगी और केंद्र सरकार क सामने प्रदेश का पक्ष मजबूती से रखा जाएगा। उन्होंने कहा कि उन्हें इस लड़ाई को लड़ना भी आता है और इसे जीतने का भरोसा भी है।

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