|

हिमाचल के पर्यटन ढांचे के लिए केंद्र दे रहा ब्याज-मुक्त मदद : शेखावत

Himgiri Samachar:

शिमला, 08 फ़रवरी। केंद्रीय संस्कृति एवं पर्यटन मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत ने कहा है कि पर्यटन भारत की अर्थव्यवस्था का एक बड़ा ग्रोथ इंजन बन चुका है और हिमाचल प्रदेश जैसे राज्यों के लिए यह विकास का प्रमुख आधार है। शिमला में रविवार को आयोजित प्रेस वार्ता में उन्होंने बताया कि केंद्र सरकार पर्यटन से जुड़े बुनियादी ढांचे को मजबूत करने के लिए विशेष योजनाओं पर काम कर रही है। इससे हिमाचल प्रदेश को सीधा लाभ मिलेगा।

 

उन्होंने कहा कि हिमाचल प्रदेश की प्राकृतिक सुंदरता और समृद्ध सांस्कृतिक विरासत देश-विदेश के पर्यटकों को आकर्षित करती है, इसलिए केंद्र सरकार राज्य में पर्यटन आधारित इंफ्रास्ट्रक्चर के विकास को प्राथमिकता दे रही है। इसी दिशा में स्पेशल असिस्टेंस टू स्टेट्स फॉर कैपिटल इंफ्रास्ट्रक्चर योजना के तहत हिमाचल प्रदेश को पर्यटन क्षेत्र के विकास के लिए 50 वर्ष की अवधि का ब्याज-मुक्त ऋण स्वीकृत किया गया है। उन्होंने कहा कि यह सहायता व्यवहारिक रूप से अनुदान के समान है और इससे राज्य में पर्यटन सुविधाओं, कनेक्टिविटी और अन्य बुनियादी ढांचे को नई गति मिलेगी।

 

केंद्रीय मंत्री ने बताया कि बजट 2026 में पर्यटन क्षेत्र को बढ़ावा देने के लिए कई महत्वपूर्ण प्रावधान किए गए हैं। इसके तहत देश के 15 प्रमुख पुरातात्विक स्थलों को विश्वस्तरीय एक्सपीरियंस डेस्टिनेशन के रूप में विकसित किया जाएगा। उन्होंने कहा कि अब केवल उत्खनन कर स्थलों को छोड़ देने के बजाय उन्हें वैज्ञानिक तरीके से विकसित कर पर्यटन अनुभव केंद्र बनाया जाएगा, जैसा मॉडल गुजरात के वडनगर में सफलतापूर्वक लागू किया गया है। इसी तरह देशभर में नए हेरिटेज एक्सपीरियंस जोन विकसित किए जाएंगे।

 

शेखावत ने कहा कि तेजी से बढ़ते पर्यटन और होटल उद्योग को देखते हुए प्रशिक्षित मानव संसाधन की मांग भी बढ़ रही है। इस आवश्यकता को पूरा करने के लिए बजट में एक नेशनल हॉस्पिटैलिटी इंस्टीट्यूट स्थापित करने का प्रावधान किया गया है। इसके अलावा चयनित पर्यटन स्थलों पर लगभग 10 हजार टूरिस्ट गाइडों को आधुनिक तकनीक, एआर-वीआर और डिजिटल टूल्स के उपयोग का प्रशिक्षण दिया जाएगा, जिससे पर्यटकों को बेहतर सेवाएं मिल सकें।

 

उन्होंने बताया कि बजट में ट्रैकिंग ट्रेल्स, बर्डिंग ट्रेल्स और विशेष ईको-टूरिज्म सर्किट विकसित करने का भी प्रावधान किया गया है, जिसका विशेष लाभ हिमाचल प्रदेश जैसे पहाड़ी राज्यों को मिलेगा और स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर भी बढ़ेंगे।

 

केंद्रीय मंत्री ने कृषि क्षेत्र का उल्लेख करते हुए कहा कि किसानों की आय बढ़ाने के लिए बजट में हाई वैल्यू फसलों नारियल, काजू, कोको और चंदन पर विशेष फोकस किया गया है। साथ ही प्रोसेसिंग क्षमता बढ़ाने, वैकल्पिक आय स्रोत मजबूत करने तथा स्वयं सहायता समूहों, पशुपालन, मत्स्य पालन और मधुमक्खी पालन जैसे क्षेत्रों को प्रोत्साहन देने की व्यवस्था की गई है। उन्होंने कहा कि सरकार का लक्ष्य किसानों की आय को केवल पारंपरिक खेती तक सीमित न रखकर वैल्यू एडिशन, प्रोसेसिंग और निर्यात के माध्यम से ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत बनाना है।

 

शेखावत ने कहा कि बजट 2026 पर्यटन और कृषि दोनों क्षेत्रों को विकास के मजबूत स्तंभ के रूप में आगे बढ़ाने वाला बजट है और इससे हिमाचल प्रदेश सहित पूरे देश में विकास की नई संभावनाएं पैदा होंगी।

 

RELATED NEWS

0 Comments

leave a comment