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पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के आखिरी चरण में कल 142 सीटों के लिए मतदान

Himgiri Samachar:

नई दिल्ली, 28 अप्रैल। पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के दूसरे और आखिरी चरण के तहत बुधवार को होने वाले मतदान के लिए सभी तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। इस चरण में 142 विधानसभा सीटों पर वोट डाले जाएंगे। निष्पक्ष, शांतिपूर्ण और पारदर्शी मतदान सुनिश्चित करने के लिए संवेदनशील और अतिसंवेदनशील इलाकों में सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए गए हैं। इस चरण में 3.21 करोड़ से अधिक मतदाता अपने मताधिकार का प्रयोग करेंगे।

 

दूसरे चरण में कुल 3,21,73,837 मतदाता हैं। इनमें 1,64,35,627 पुरुष, 1,57,37,418 महिला और 792 थर्ड जेंडर मतदाता हैं। 18 से 19 वर्ष आयु वर्ग के 4,12,668 नए मतदाता पहली बार वोट डालेंगे।

 

चुनाव आयोग ने 1,96,801 ऐसे मतदाताओं की पहचान की है, जिनकी उम्र 85 वर्ष से अधिक है। वहीं 3,243 मतदाता 100 वर्ष की उम्र पार कर चुके हैं। इसके अलावा 57,783 दिव्यांग मतदाता भी लोकतंत्र के इस महापर्व में हिस्सा लेंगे।

 

इस चरण में कुल 1,448 प्रत्याशी चुनाव मैदान में हैं, जिनमें 1,228 पुरुष और 220 महिला उम्मीदवार शामिल हैं। दक्षिण 24 परगना जिले का भांगड़ विधानसभा क्षेत्र सबसे ज्यादा चर्चा में है, जहां 19 उम्मीदवार चुनाव लड़ रहे हैं। वहीं हुगली जिले के गोघाट में सबसे कम केवल 5 प्रत्याशियों के बीच मुकाबला होगा।

 

उत्तर 24 परगना की 33 सीटों पर इस बार बड़ा चुनावी मुकाबला देखने को मिलेगा, जहां 71 लाख से अधिक मतदाता बंगाल की राजनीतिक दिशा तय करेंगे।

 

क्षेत्रफल के हिसाब से कोलकाता का जोरासांको सबसे छोटा विधानसभा क्षेत्र है, जिसका क्षेत्रफल केवल 3.48 वर्ग किलोमीटर है। वहीं, नदिया जिले का कल्याणी विधानसभा क्षेत्र 135 वर्ग किलोमीटर के साथ सबसे बड़ा निर्वाचन क्षेत्र है। मतदाताओं की संख्या के हिसाब से भाटपाड़ा में सबसे कम 1,17,195 मतदाता हैं, जबकि हुगली के चुंचुड़ा में सबसे अधिक 2,75,715 मतदाता हैं।

 

निष्पक्ष चुनाव सुनिश्चित करने के लिए इस बार तकनीक का बड़े स्तर पर इस्तेमाल किया जा रहा है। महिलाओं के सम्मान में 8,845 मतदान केंद्र पूरी तरह महिला कर्मियों द्वारा संचालित किए जाएंगे। सभी 41,001 मतदान केंद्रों पर वेबकास्टिंग की जाएगी, ताकि हर गतिविधि पर निगरानी रखी जा सके।

 

चुनाव में 55,331 बैलेट यूनिट, 55,162 कंट्रोल यूनिट और 59,463 वीवीपैट मशीनों का उपयोग किया जाएगा। साथ ही ईवीएम और बैलेट पेपर पर उम्मीदवारों की रंगीन तस्वीरें, नाम, क्रमांक और चुनाव चिन्ह बड़े अक्षरों में दिए गए हैं, ताकि मतदाताओं को सुविधा हो।

 

दूसरे चरण के मतदान में कई संवेदनशील क्षेत्र हैं इसलिए चुनाव आयोग ने सुरक्षा को लेकर विशेष सतर्कता बरती है। शांतिपूर्ण मतदान सुनिश्चित करने के लिए केंद्रीय अर्धसैनिक बलों की 2,407 कंपनियां तैनात की गई हैं। इसके अलावा बंगाल पुलिस और कोलकाता पुलिस भी पूरी तरह सक्रिय रहेगी।

 

सबसे अधिक 507 कंपनियां उत्तर 24 परगना जिले में तैनात होंगी। बांग्लादेश सीमा और सुंदरबन क्षेत्र की संवेदनशीलता को देखते हुए दक्षिण 24 परगना और उत्तर 24 परगना जिलों में तटीय गश्त भी बढ़ा दी गई है।

 

संवेदनशील इलाकों और अंदरूनी गलियों में सुरक्षा बल लगातार गश्त करेंगे। इसके लिए 160 मोटरसाइकिलों पर केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बल के जवान तैनात किए जाएंगे, जो किसी भी आपात स्थिति में तुरंत मौके पर पहुंचेंगे।

 

मतदान से पहले माहौल बिगाड़ने की किसी भी कोशिश को रोकने के लिए तृणमूल कांग्रेस के एक पार्षद सहित कुल 1,543 लोगों को गिरफ्तार किया गया है। अधिकारियों के अनुसार, पूर्व बर्धमान जिले की बर्धमान नगरपालिका के वार्ड संख्या 22 से टीएमसी पार्षद नारू गोपाल भाकट को भाजपा नेता के घर पर हमले और धमकी देने के आरोप में गिरफ्तार किया गया है।

 

राज्य के मुख्य निर्वाचन अधिकारी मनोज कुमार अग्रवाल ने सोमवार को बताया कि मतदान के दौरान न तो फर्जी वोटिंग होगी और न ही किसी प्रकार की गड़बड़ी होने दी जाएगी। अंतिम चरण के लिए तैयारियों को और अधिक मजबूत किया गया है।

 

उल्लेखनीय है कि 23 अप्रैल को हुए पहले चरण के मतदान में पश्चिम बंगाल में रिकॉर्ड 93.19 प्रतिशत मतदान दर्ज किया गया था, जिसने चुनावी उत्साह को और स्पष्ट कर दिया। बुधवार को जिन 142 सीटों पर मतदान होना है, उनमें 23 सीटों पर महिला मतदाताओं की संख्या पुरुषों से अधिक है। इस सूची में जादवपुर सबसे ऊपर है।

 

पश्चिम बंगाल के साथ-साथ केरल, असम, तमिलनाडु और पुद्दुचेरी विधानसभा चुनावों की मतगणना भी 4 मई को होगी। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि बंगाल का यह सियासी ‘खेला’ बेहद रोमांचक मोड़ पर पहुंच चुका है। पहले चरण के भारी मतदान ने चुनावी समीकरणों को बदल दिया है और मुकाबले को बेहद कांटे का बना दिया है। अब सभी की नजरें 29 अप्रैल की वोटिंग, एग्जिट पोल और अंततः 4 मई को आने वाले अंतिम परिणाम पर टिकी हैं, जब यह तय होगा कि बंगाल की सत्ता किसके हाथों में जाएगी।

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