शिमला, 28 अप्रैल। हिमाचल प्रदेश में सामने आए बड़े फर्जी डिग्री घोटाले के मामले में अहम कार्रवाई हुई है। प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) के शिमला उप-आंचलिक कार्यालय को विशेष न्यायालय (पीएमएलए), शिमला से आदेश मिला है। इसके तहत आरोपी मनदीप राणा की दो संपत्तियों को जब्त करने की मंजूरी दी गई है। इससे पहले 3 जनवरी 2026 को अदालत मनदीप राणा को भगोड़ा आर्थिक अपराधी घोषित कर चुकी है।
ईडी के एक प्रवक्ता ने मंगलवार को ये जानकारी दी। ईडी ने बताया कि यह जांच सोलन जिले के धर्मपुर थाने में दर्ज तीन एफआईआर के आधार पर शुरू की गई थी। मामला मानव भारती विश्वविद्यालय और उससे जुड़ी संस्थाओं में फर्जी डिग्रियां बेचने के बड़े नेटवर्क से जुड़ा है।
जांच एजेंसी के मुताबिक इस पूरे रैकेट को राज कुमार राणा ने अपने परिवार और सहयोगियों के साथ मिलकर चलाया, जिसमें उसकी पत्नी आशोनी कंवर और बेटा मनदीप राणा भी शामिल थे। आरोप है कि एजेंटों और बिचौलियों के जरिए छात्रों से पैसे लेकर मानव भारती यूनिवर्सिटी के नाम पर फर्जी डिग्रियां बेची जाती थीं।
ईडी के अनुसार इस घोटाले में करीब 387 करोड़ रुपये की धोखाधड़ी सामने आई है। एजेंसी का कहना है कि इस तरह की गतिविधियों से हजारों युवाओं के करियर और भविष्य पर गंभीर असर पड़ा। जांच में यह भी पाया गया कि इस अवैध कमाई को अलग-अलग लेनदेन के जरिए छुपाया गया और बाद में कई राज्यों में चल और अचल संपत्तियां खरीदने में लगाया गया। अब तक ईडी लगभग 200 करोड़ रुपये की संपत्तियां कुर्क कर चुकी है, जिनकी पुष्टि भी संबंधित प्राधिकरण द्वारा की जा चुकी है।
ईडी ने यह भी कहा कि जांच के दौरान मनदीप राणा को कई बार समन भेजे गए, लेकिन वह जानबूझकर पेश नहीं हुआ और लगातार जांच से बचता रहा। एजेंसी के मुताबिक उसने अदालत की प्रक्रिया का पालन नहीं किया और भारत के कानून के दायरे में आने से इनकार किया। इसी कारण उसके खिलाफ भगोड़ा आर्थिक अपराधी अधिनियम, 2018 के तहत कार्रवाई की गई और उसे भगोड़ा घोषित किया गया।
ईडी के अनुसार अदालत ने अब यह माना है कि जिन संपत्तियों को जब्त करने का आदेश दिया गया है, वे अपराध से अर्जित धन से खरीदी गई हैं। अदालत ने यह भी स्पष्ट किया कि ऐसे मामलों में पीएमएलए के तहत की गई कार्रवाई को आधार मानकर संपत्तियों की जब्ती की जा सकती है।
ईडी का कहना है कि भगोड़े आरोपियों को वापस लाने और उनकी संपत्तियों को जब्त करने की प्रक्रिया आगे भी जारी रहेगी। इस मामले में जांच अभी भी जारी है।