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तीन बजट में घोषणाओं तक सीमित रही सुक्खू सरकार, जमीन पर विकास नहीं: बिंदल

Himgiri Samachar:

शिमला, 17 मार्च। हिमाचल प्रदेश में सत्तारूढ़ कांग्रेस सरकार के चौथे बजट से ठीक पहले सियासी बयानबाज़ी तेज हो गई है। भाजपा प्रदेश अध्यक्ष डॉ. राजीव बिंदल ने कांग्रेस सरकार पर निशाना साधते हुए कहा है कि सुखविंदर सिंह सुक्खू के नेतृत्व वाली सरकार पिछले तीन सालों में सिर्फ घोषणाओं तक सीमित रही है और धरातल पर विकास नजर नहीं आ रहा।

 

डॉ. बिंदल ने मंगलवार को कहा कि कांग्रेस सरकार अब अपना चौथा बजट पेश करने जा रही है, लेकिन उससे पहले यह सवाल खड़ा हो रहा है कि पिछले तीन बजटों में की गई घोषणाओं का क्या हुआ। उनके मुताबिक प्रदेश की जनता अब सरकार से इसका जवाब मांग रही है।

 

उन्होंने आरोप लगाया कि हर बजट में सरकार ने बड़े-बड़े वादे किए, लेकिन उन्हें लागू करने में नाकाम रही। उनका कहना है कि आज प्रदेश में अलग-अलग वर्गों में नाराज़गी दिखाई दे रही है। सेवानिवृत्त कर्मचारी सड़कों पर उतर रहे हैं, बेरोजगार युवा आंदोलन कर रहे हैं, जबकि महिलाएं, किसान और बागवान भी खुद को ठगा हुआ महसूस कर रहे हैं।

 

डॉ. बिंदल ने 2022 के विधानसभा चुनाव के दौरान कांग्रेस के घोषणा पत्र का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि उस समय किए गए वादों को सरकार ने कैबिनेट में सरकारी दस्तावेज के रूप में भी मंजूरी दी थी, लेकिन तीन साल बीतने के बाद भी उन वादों का कोई ठोस असर नहीं दिख रहा।

 

उन्होंने कहा कि कांग्रेस ने पहली कैबिनेट बैठक में एक लाख सरकारी नौकरियां देने और पहले साल में पांच लाख रोजगार उपलब्ध कराने का दावा किया था, लेकिन ये दोनों वादे अभी तक पूरे नहीं हुए। इसी तरह 28 लाख महिलाओं को हर महीने 1500 रुपये देने की गारंटी भी लागू नहीं हो पाई।

 

भाजपा नेता ने कहा कि किसानों, बागवानों और युवाओं से जुड़े कई अहम वादे आज भी अधूरे हैं। उन्होंने सवाल उठाया कि बजट में घोषित योजनाओं का क्रियान्वयन आखिर क्यों नहीं हो पाया और इसके लिए जिम्मेदारी किसकी है।

 

आर्थिक मुद्दों को उठाते हुए डॉ. बिंदल ने कहा कि राज्य सरकार ने पिछले तीन सालों में करीब 45 हजार करोड़ रुपये का कर्ज लिया है, लेकिन आम जनता को इसका कोई सीधा फायदा नहीं मिला। उन्होंने पूछा कि यह पैसा कहां खर्च हुआ और इसका लाभ किसे मिला।

 

उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि एक ओर सरकार कर्ज ले रही है, वहीं दूसरी ओर आम लोगों पर आर्थिक बोझ बढ़ाया जा रहा है। उनके अनुसार डीजल पर वैट बढ़ाया गया, स्टांप ड्यूटी और रजिस्ट्रेशन फीस में इजाफा हुआ, एचआरटीसी बस किराया बढ़ाया गया, बिजली और पानी की दरें बढ़ीं और सीमेंट समेत कई जरूरी चीजें महंगी हुई हैं।

 

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