नई दिल्ली, 02 फ़रवरी। संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने चीन सीमा विवाद को लेकर लोकसभा में दिए गए बयान पर नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी पर तीखा हमला बोला है। रिजिजू ने आरोप लगाया कि राहुल गांधी ने सदन के नियमों का उल्लंघन किया और देश को कमजोर दिखाने की कोशिश की। उन्होंने कहा कि राहुल को चीन सीमा के मुद्दे पर कांग्रेस की “ऐतिहासिक गलतियों” के लिए देश से माफी मांगनी चाहिए।
रिजिजू का यह बयान सोमवार को लोकसभा में राष्ट्रपति के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव पर चर्चा के दौरान सरकार और विपक्ष के बीच हुए तीखे टकराव के बाद आया। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी ने अपने भाषण की शुरुआत से ही नियमों का पालन नहीं किया और एक ऐसी पुस्तक से उद्धरण देने लगे, जिसका न तो प्रकाशन हुआ है और न ही उसकी प्रामाणिकता स्पष्ट है।
उन्होंने बताया कि रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह सहित सरकार के सदस्यों ने आपत्ति जताई और लोकसभा अध्यक्ष ने नियम 349 के तहत स्पष्ट रूलिंग दी कि बिना सदन की अनुमति किसी अप्रकाशित पुस्तक या प्रकाशन का हवाला नहीं दिया जा सकता। इसके बावजूद राहुल ने अध्यक्ष के फैसले को चुनौती दी और बार-बार वही बात दोहराते रहे।
रिजिजू ने कहा, “राहुल गांधी ने लगभग आधे घंटे तक सदन का समय बर्बाद किया, नियमों का उल्लंघन किया और चीन सीमा के मुद्दे को उठाते रहे। क्या कांग्रेस 1959 और 1962 में चीन द्वारा कब्जाई गई जमीन वापस ला सकती है?”
उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में भारत ने सीमा क्षेत्रों में बुनियादी ढांचे को मजबूत किया है और सशस्त्र बल पूरी तरह सक्षम हैं। रिजिजू ने कहा, “भारत एक लोकतांत्रिक देश है और संसद नियमों से चलती है। कोई भी व्यक्ति, चाहे वह किसी भी प्रतिष्ठित परिवार में पैदा हुआ हो, संसद और उसके नियमों से ऊपर नहीं हो सकता।”
संसदीय कार्य मंत्री ने आरोप लगाया कि राहुल गांधी खुद को संसद से ऊपर समझते हैं और नियमों का पालन नहीं करते। उन्होंने कहा कि कांग्रेस नेताओं द्वारा सदन में ताली बजाना भी दुर्भाग्यपूर्ण दृश्य था।
रिजिजू ने राहुल गांधी से अपील की कि वे स्वयं नियमों का पालन करें और अपने सांसदों को भी ऐसा करने की सलाह दें। उन्होंने दोहराया कि चीन सीमा के मुद्दे पर कांग्रेस को अपने “पाप” स्वीकार कर देश से माफी मांगनी चाहिए।