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हिमाचल में बर्फबारी से जनजीवन ठप, शिमला-मनाली की रफ्तार थमी, फिर बर्फबारी का अलर्ट

Himgiri Samachar:

शिमला, 24 जनवरी। हिमाचल प्रदेश में भारी बर्फबारी ने फिर आम जनजीवन को बुरी तरह प्रभावित कर दिया है। शिमला, कुल्लू, चंबा और किन्नौर जैसे पहाड़ी जिलों में बर्फ का असर सबसे ज्यादा दिख रहा है। शिमला में जहां रात से बर्फबारी का दौर थम गया है, वहीं ऊंचाई वाले इलाकों में बर्फबारी का दौर फिर शुरू हो गया है। चम्बा, किन्नौर और कुल्लू जिलों के ऊंचे इलाकों में रुक-रुक कर बर्फबारी हो रही है। मौसम विभाग ने 27 जनवरी को राज्य में फिर भारी बर्फबारी, बारिश व तूफान चलने का येलो अलर्ट जारी किया है। राज्य के पर्वतीय इलाकों में बर्फबारी के कारण यातायात पूरी तरह ठप है और लोग मजबूरी में पैदल चलने को मजबूर हैं।

 

राजधानी शिमला में दूसरे दिन भी हालात सामान्य नहीं हो पाए हैं। शहर की लगभग सभी सड़कों पर यातायात पूरी तरह ठप है और लोग मजबूरी में पैदल चलने को मजबूर हैं। सरकारी दफ्तरों, कार्यस्थलों और बाजारों की ओर जाने वाले कर्मचारी और आम लोग फिसलन के बीच पैदल सफर कर रहे हैं। प्रशासन द्वारा सड़कों से बर्फ हटाने के लिए युद्धस्तर पर प्रयास किये जा रहे हैं।

 

शिमला से निचले जिलों हमीरपुर, बिलासपुर, मंडी और कांगड़ा को जोड़ने वाला राष्ट्रीय राजमार्ग शिमला से करीब 12 किलोमीटर दूर हीरानगर में बंद है। इस वजह से आईएसबीटी शिमला से बसों की आवाजाही पूरी तरह ठप है और बसें हीरानगर से ही वापस लौट रही हैं। यात्रियों को बस पकड़ने के लिए कई किलोमीटर पैदल चलना पड़ रहा है। शिमला-चंडीगढ़ हाइवे पर यातायात सुचारू है, लेकिन फिसलन बढ़ गई है।

 

ऊपरी शिमला के रोहड़ू, चौपाल, जुब्बल और कोटखाई क्षेत्रों का संपर्क लगातार दूसरे दिन भी जिला मुख्यालय से कटा हुआ है। हिमाचल पथ परिवहन निगम ने बर्फबारी प्रभावित रूटों पर बस सेवाएं स्थगित कर दी हैं। कई स्थानों पर पर्यटकों और स्थानीय लोगों के वाहन फंसे हुए हैं। गांवों से लेकर शहरों तक बिजली आपूर्ति बाधित है और कई इलाकों में पेयजल संकट भी गहरा गया है।

 

उधर, मनाली और आसपास के इलाकों में सुबह के समय बर्फबारी का दौर फिर तेज हो गया है। मनाली मॉल रोड पर करीब एक फुट तक ताजा बर्फ जम चुकी है, जिससे पर्यटन गतिविधियों की रफ्तार थम गई है। मनाली से पतलीकूहल के बीच कई पर्यटक वाहन फंसे हुए हैं। प्रशासन की ओर से फंसे लोगों को भोजन और अन्य जरूरी सुविधाएं उपलब्ध करवाई जा रही हैं। चंबा और किन्नौर के ऊंचाई वाले क्षेत्रों में भी फिर से बर्फबारी शुरू हो गई है, जिससे हालात और चुनौतीपूर्ण हो गए हैं।

 

मौसम विभाग के मुताबिक कुल्लू जिले के कोठी में 105 सेंटीमीटर, गोंदला में 85, केलंग में 75, खदराला में 68, कुफरी में 66, मनाली में 45, शिलारू में 45, कुकुमसेरी में 41, जोत में 32, हंसा में 30 और सांगला व शिमला में 27-27 सेंटीमीटर बर्फबारी दर्ज की गई है। वहीं बारिश की बात करें तो धर्मपुर में 91, सोलन में 68 और कंडाघाट में 67 मिलीमीटर वर्षा हुई है।

 

बर्फबारी और बारिश के बाद पूरे प्रदेश में भीषण ठंड पड़ रही है। शिमला, मनाली, कल्पा, कुकुमसेरी, नरकंडा, कुफरी, मशोबरा और ताबो सहित 11 शहरों का न्यूनतम तापमान शून्य से नीचे चला गया है। शिमला में न्यूनतम तापमान माइनस 0.5 डिग्री, मनाली में माइनस 0.4, कल्पा में माइनस 3.8 और कुकुमसेरी में माइनस 7.2 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया है।

 

मौसम विभाग ने आज और कल भी मौसम खराब रहने की संभावना जताई है और शीतलहर का अलर्ट जारी किया है। 26 जनवरी से एक और ताजा पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय होने की संभावना है, जिसके असर से 26 से 28 जनवरी तक फिर तेज बारिश और बर्फबारी हो सकती है। 27 जनवरी को भारी बर्फबारी, वर्षा और तेज हवाओं को लेकर यलो अलर्ट जारी किया गया है। विभाग के अनुसार 29 जनवरी से मौसम के साफ होने की उम्मीद है, लेकिन तब तक प्रदेश को ठंड और दुश्वारियों का सामना करना पड़ सकता है।

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