|

महिलाओं और बच्चों के सशक्तिकरण के लिए प्रतिबद्ध प्रदेश सरकारः मुख्यमंत्री

Himgiri Samachar:

शिमला, 18 जनवरी। मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविन्द्र सिंह सुक्खू ने आज कहा कि पिछले तीन वर्षों में प्रदेश सरकार ने ‘व्यवस्था परिवर्तन’ के तहत बड़े और साहसिक कदम उठाए हैं। इसका उद्देश्य महिलाओं को सशक्त और आत्मनिर्भर बनाकर समावेशी विकास सुनिश्चित करना है।

 

उन्होंने कहा कि पिछले तीन वर्षों में राज्य का शिशु लिंग अनुपात 947 से बढ़कर 964 हो गया है। यह बदलाव बालिकाओं की सुरक्षा और सम्मान के लिए सरकार के निरंतर और गंभीर प्रयासों का परिणाम है। उन्होंने कहा कि इस सकारात्मक सुधार ने कई नए और महत्त्वपूर्ण कल्याणकारी कदमों की नींव रखी है।

 

मुख्यमंत्री ने कहा कि इंदिरा गांधी सुख सुरक्षा योजना के अंतर्गत गरीबी रेखा से नीचे बसर करने वाले परिवारों में जन्म लेने वाली बेटियों के लिए जन्म के समय 25,000 रुपये जमा किए जाते हैं। इसके साथ ही माता-पिता दोनों का 2-2 लाख रुपये का जीवन बीमा भी किया जाता है, जिसकी राशि बेटी के 18 वर्ष पूरे होने पर या उसकी इच्छा अनुसार 27 वर्ष की आयु तक मिल सकती है। उन्होंने कहा कि इस योजना से ‘बेटी है अनमोल योजना’ अधिक सुदृढ़ हुई है।

 

कामकाजी महिलाओं को सुरक्षा प्रदान करने के लिए सरकार ने सोलन, पालमपुर, बद्दी, गगरेट, नागरोटा-बगवां सहित विभिन्न जिलों में 13 नए महिला छात्रावास बनाने का निर्णय लिया है। इन पर लगभग 132 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे। ये छात्रावास महिलाओं को सुरक्षित और सस्ती आवास सुविधा प्रदान करेंगे।

 

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य के सभी 18,925 आंगनवाड़ी केंद्रों को ‘आंगनवाड़ी सह प्री-स्कूल’ के रूप में विकसित किया जा रहा है। यहां 3 से 6 वर्ष तक के बच्चों को खेल-आधारित प्रारंभिक शिक्षा दी जाएगी। आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं को विशेष प्रशिक्षण दिया जाएगा, ताकि बच्चों की शिक्षा की नींव मजबूत हो सके।

 

मुख्यमंत्री ने सरकार की प्रमुख ‘सुख आश्रय योजना’ का उल्लेख करते हुए कहा कि यह योजना अनाथ बच्चों और बेसहारा महिलाओं के लिए एक ऐतिहासिक कदम है। इसके तहत राज्य सरकार उनकी परवरिश, शिक्षा और आजीविका की पूरी जिम्मेदारी उठाती है ताकि कोई भी बच्चा या महिला आत्मनिर्भर बनने की राह में पीछे न रहे।

 

 

RELATED NEWS

0 Comments

leave a comment