नई दिल्ली, 18 फ़रवरी। रणजी ट्रॉफी के इतिहास में नया अध्याय जुड़ गया है। जम्मू और कश्मीर ने बुधवार को सेमीफ़ाइनल में बंगाल को छह विकेट से हराकर पहली बार खिताबी मुकाबले में जगह बना ली। यह मुकाबला कल्याणी स्थित बंगाल क्रिकेट अकादमी मैदान पर खेला गया।
मैच में टॉस हारकर पहले बल्लेबाजी करते हुए बंगाल की टीम पहली पारी में 328 रन पर सिमट गई थी, जिसके जवाब में जम्मू कश्मीर की टीम 302 रनों पर ऑल आउट हो गई।
पहली पारी के आधार पर बंगाल को 26 रन की बढ़त मिली। हालांकि दूसरी पारी में बंगाल की बल्लेबाजी पूरी तरह से विफल रही और केवल 99 रनों पर ही सिमट गई।
आकिब नबी का हरफनमौला कमाल
जम्मू-कश्मीर की ऐतिहासिक जीत के नायक रहे आकिब नबी। उन्होंने मैच में कुल नौ विकेट लिए और पहली पारी में 54 गेंदों पर 42 रनों की महत्वपूर्ण पारी खेली। दूसरी पारी में बंगाल की टीम मात्र 99 रन पर सिमट गई। नबी और सुनील कुमार ने चार-चार विकेट लेकर विपक्ष को पूरी तरह दबाव में ला दिया।
बंगाल द्वारा दिए गए 126 रनों के साधारण लक्ष्य का पीछा करते हुए जम्मू-कश्मीर ने संयमित बल्लेबाज़ी की।
वंशज शर्मा ने लगाया विजयी छक्का
लक्ष्य का पीछा करते हुए वंशज शर्मा ने धैर्य के साथ नाबाद 43 रन बनाए। उन्होंने मुकेश कुमार की गेंद पर छक्का लगाकर टीम को जीत दिलाई। वहीं अब्दुल समद ने 27 गेंदों पर 30 रन बनाकर अहम योगदान दिया।
पूरे सत्र में नबी का जलवा
आकिब नबी इस सत्र में जम्मू-कश्मीर की सफलता के केंद्र में रहे हैं। क्वार्टर फ़ाइनल में मध्य प्रदेश के खिलाफ भी उन्होंने 110 रन देकर 12 विकेट झटके थे, जिसमें पहली पारी में 7 विकेट पर 40 रन और दूसरी पारी में 5 विकेट पर 70 रन का प्रदर्शन शामिल था। उस मुकाबले में जम्मू-कश्मीर ने 56 रनों से जीत दर्ज की थी।
अब खिताबी मुकाबले में जम्मू-कश्मीर का सामना संभावित रूप से कर्नाटक से हो सकता है, जो दूसरे सेमीफ़ाइनल में उत्तराखंड के खिलाफ पहली पारी में बढ़त लेने की स्थिति में है।
जम्मू-कश्मीर की यह उपलब्धि राज्य के क्रिकेट इतिहास में एक ऐतिहासिक मील का पत्थर मानी जा रही है।