शिमला, 05 नवंबर। हिमाचल प्रदेश सरकार राज्य के लोगों को 10 लाख रुपये तक का स्वास्थ्य बीमा कवर देने की नई योजना शुरू करने की तैयारी कर रही है। इसके तहत गंभीर बीमारियों के इलाज पर होने वाले खर्च में लोगों को आर्थिक राहत मिलेगी। सरकार इस योजना को निजी बीमा कंपनियों के सहयोग से लागू करने की दिशा में काम कर रही है। योजना के लिए करीब आठ बड़ी कंपनियों ने अपनी बोलियां जमा करवाई हैं। इनमें आदित्य बिरला ग्रुप की बोली सबसे कम रही है। हालांकि, कंपनी के साथ अभी बातचीत जारी है और योजना की शर्तों को अंतिम रूप दिया जाना बाकी है।
मुख्यमंत्री के प्रधान मीडिया सलाहकार नरेश चौहान ने वीरवार को शिमला में यह जानकारी दी। उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने योजना को लेकर कंपनी के साथ और बातचीत करने के निर्देश दिए हैं। सरकार चाहती है कि बीमा योजना को बेहतर शर्तों के साथ लागू किया जाए। उन्होंने उम्मीद जताई कि दिवाली के तुरंत बाद इस संबंध में अंतिम निर्णय ले लिया जाएगा। इसके बाद योजना को लागू करने की प्रक्रिया शुरू होगी।
नरेश चौहान ने कहा कि पिछली भाजपा सरकार के कार्यकाल में हिमकेयर योजना को लेकर भ्रष्टाचार और विजिलेंस जांच से जुड़े मामले सामने आए थे। इन मामलों से मिले अनुभवों को ध्यान में रखते हुए वर्तमान सरकार नई स्वास्थ्य बीमा योजना के लिए पारदर्शी और व्यवस्थित व्यवस्था तैयार कर रही है। सरकार का प्रयास है कि योजना का लाभ पात्र लोगों तक पहुंचे और इसके संचालन में किसी तरह की अनियमितता न हो।
उन्होंने बताया कि गरीब परिवारों, आईआरडीपी श्रेणी और कम आय वाले लोगों के बीमा प्रीमियम का पूरा खर्च प्रदेश सरकार उठाएगी। वहीं, सरकारी कर्मचारियों और अधिक आय वाले करदाताओं के लिए योजना की अलग व्यवस्था तय की जा रही है। हालांकि, इन श्रेणियों के लिए बीमा प्रीमियम और अन्य शर्तों का पूरा विवरण अभी सामने नहीं आया है।
इस बीच नरेश चौहान ने भाजपा सांसद अनुराग ठाकुर के कौरव-पांडव वाले बयान पर भी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि प्रदेश की जनता अब राजनीतिक बयानों और तंज से प्रभावित होने वाली नहीं है। आज का मतदाता और युवा पहले से अधिक जागरूक है। आने वाले समय में सरकारों का भविष्य जमीनी विकास, जनहित के फैसलों और लोगों के लिए किए गए काम के आधार पर तय होगा।
कांग्रेस सरकार के कामकाज का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि प्रदेश में सबसे पहले पुरानी पेंशन योजना (ओपीएस) लागू की गई और इससे 1 लाख 36 हजार कर्मचारियों को लाभ मिला है। उन्होंने हाल ही में कर्मचारियों को 5 प्रतिशत महंगाई भत्ता (डीए) देने के सरकार के निर्णय को भी कर्मचारी हित में उठाया गया कदम बताया।
नरेश चौहान ने पूर्व मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर पर निशाना साधते हुए कहा कि भाजपा सरकार के कार्यकाल में धन उपलब्ध होने के बावजूद कर्मचारियों के एरियर का भुगतान नहीं किया गया। उन्होंने दावा किया कि उस समय तत्कालीन मुख्य सचिव ने भी एरियर के भुगतान को लेकर सलाह दी थी, लेकिन इस दिशा में कदम नहीं उठाया गया।