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हिमाचल में दो दिन बारिश-बर्फबारी के आसार, जनजातीय क्षेत्रों में शून्य के करीब पहुंचा पारा

Himgiri Samachar:
शिमला, 31 अक्टूबर। हिमाचल प्रदेश में अगले दो दिन मौसम के तेवर बदल सकते हैं। मौसम विभाग ने एक और दो नवंबर को राज्य के कई जिलों में बारिश और ऊंचाई वाले क्षेत्रों में बर्फबारी का अनुमान जताया है। हालांकि, इस दौरान भारी बारिश या बर्फबारी का कोई अलर्ट जारी नहीं किया गया है। तीन से छह नवंबर तक पूरे प्रदेश में मौसम साफ रहने की संभावना है। इस बीच जनजातीय क्षेत्रों में न्यूनतम तापमान शून्य के करीब बना हुआ है। शनिवार को लाहौल स्पीति जिला के ताबो में न्यूनतम तापमान 0.3 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जबकि केलांग में यह 1.1 डिग्री सेल्सियस रहा।


मौसम विभाग के अनुसार एक नवंबर को चम्बा, कांगड़ा, कुल्लू और लाहौल-स्पीति जिलों में कुछ स्थानों पर बारिश और बर्फबारी हो सकती है। दो नवंबर को इसका दायरा बढ़ने का अनुमान है। इस दिन चम्बा, कांगड़ा, कुल्लू, मंडी, किन्नौर और लाहौल-स्पीति में बारिश और ऊंचाई वाले क्षेत्रों में बर्फबारी की संभावना है। इसके बाद मौसम में सुधार होगा। तीन से छह नवंबर तक प्रदेश के सभी क्षेत्रों में मौसम साफ रहने का पूर्वानुमान है।


राज्य में न्यूनतम तापमान की बात करें तो शनिवार को ताबो प्रदेश का सबसे ठंडा स्थान रहा। यहां न्यूनतम तापमान 0.3 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। इसके बाद केलांग में 1.1, कल्पा में 4.4, मनाली में 5.9, कुफरी में 7.4, सेओबाग में 8.8, बजौरा में 9.6, भुंतर में 9.9, पालमपुर में 10.0, सोलन में 10.2 और शिमला में 10.5 डिग्री सेल्सियस न्यूनतम तापमान रहा।


इसी तरह बिलासपुर और चम्बा में न्यूनतम तापमान 11.5 डिग्री, भरमौर में 12.0, सुंदरनगर में 12.2, ऊना में 12.4, जुब्बड़हट्टी में 12.5, मंडी में 13.5, धर्मशाला और बर्थिन में 13.8, नाहन और देहरा गोपीपुर में 14.0, नेरी में 16.3 और पांवटा साहिब में 17.0 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। 


मौसम विभाग के आंकड़ों के अनुसार शनिवार को प्रदेश के औसत न्यूनतम तापमान में पिछले 24 घंटों के मुकाबले 0.5 डिग्री सेल्सियस की गिरावट दर्ज की गई। इसके बावजूद यह सामान्य से औसतन 1.1 डिग्री अधिक बना हुआ है। बीते 24 घंटों के दौरान प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में मौसम साफ रहा। शनिवार को शिमला और मनाली सहित कई क्षेत्रों में धूप खिली। मनाली में बारिश की मामूली मात्रा दर्ज की गई, जबकि अन्य दर्ज केंद्रों पर बारिश नहीं हुई। सुबह और शाम के समय ठंड का असर बढ़ने लगा है। ऊंचे पर्वतीय और जनजातीय क्षेत्रों में तापमान शून्य के करीब पहुंचने से सर्दी का प्रभाव अधिक महसूस किया जा रहा है।

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