|

विधायक प्राथमिकता बैठक: आरआईडीएफ के तहत 758.81 करोड़ का प्रावधान : मुख्यमंत्री सुक्खू

Himgiri Samachar:

शिमला, 07 फ़रवरी। मुख्यमंत्री सुखविन्द्र सिंह सुक्खू ने कहा है कि प्रदेश सरकार ने वित्त वर्ष 2025-26 के लिए ग्रामीण आधारभूत ढांचा विकास निधि (आरआईडीएफ) के तहत 758.81 करोड़ रुपये का बजट प्रावधान किया है। उन्होंने विभागों को निर्देश दिए कि जिन परियोजनाओं की डीपीआर पहले ही किसी अन्य मद से स्वीकृत हो चुकी है, उन्हें नाबार्ड से वापस लेने की प्रक्रिया जल्द पूरी की जाए ताकि रिकॉर्ड का समुचित मिलान किया जा सके।

 

मुख्यमंत्री विधायकों की प्राथमिकताएं तय करने के लिए आयोजित बैठकों के पहले दिन के दूसरे सत्र में सोलन, चंबा, बिलासपुर, लाहौल-स्पीति और किन्नौर जिलों के विधायकों के साथ चर्चा कर रहे थे। उन्होंने कहा कि वर्ष 2023 और 2025 में भारी बारिश और बादल फटने की घटनाओं से प्रदेश को भारी नुकसान हुआ, लेकिन राज्य सरकार ने अपने संसाधनों से राहत और पुनर्वास के लिए पर्याप्त आर्थिक सहायता उपलब्ध करवाई।

 

उन्होंने बताया कि सरकार ने स्वास्थ्य, शिक्षा, ग्रामीण अर्थव्यवस्था, पर्यटन, ऊर्जा, खाद्य प्रसंस्करण और डेटा स्टोरेज को प्राथमिकता वाले क्षेत्र के रूप में चिन्हित किया है। लोगों को घर के नजदीक बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं देने के लिए रोबोटिक सर्जरी, स्टेट कैंसर इंस्टीट्यूट, एडवांस टेस्टिंग लैब और अन्य आधुनिक सुविधाएं स्थापित की जा रही हैं। रोबोटिक सर्जरी की सुविधा पहले चरण में चमियाणा अस्पताल और टांडा मेडिकल कॉलेज में शुरू की जा चुकी है और आने वाले समय में सभी मेडिकल कॉलेजों में इसे शुरू किया जाएगा। आईजीएमसी शिमला में दो महीने के भीतर और टांडा मेडिकल कॉलेज में छह महीने के भीतर पीईटी स्कैन मशीन उपलब्ध करवाई जाएगी, जबकि तीन महीने में सभी मेडिकल कॉलेजों में थ्री-टेस्ला एमआरआई मशीनें लगाने का लक्ष्य रखा गया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि अगले दो वर्षों में स्वास्थ्य क्षेत्र की हाई-एंड तकनीक पर लगभग 3000 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे।

 

शिक्षा क्षेत्र में 140 सीबीएसई स्कूल और चार राजीव गांधी डे-बोर्डिंग स्कूल खोलने की योजना है। पेयजल योजनाओं में पानी को शुद्ध करने के लिए ओजोनाइजेशन तकनीक शुरू की जाएगी। उन्होंने कहा कि सरकार गुड गवर्नेंस पर जोर दे रही है और पिछले तीन वर्षों में 5.70 लाख म्यूटेशन मामलों का निपटारा किया गया है तथा 31 मार्च तक 80 प्रतिशत दुरुस्ती मामलों को भी निपटाने का लक्ष्य है।

 

बैठक में विभिन्न जिलों के विधायकों ने अपने-अपने क्षेत्रों की प्राथमिकताएं मुख्यमंत्री के सामने रखीं। सोलन जिले के अर्की से विधायक संजय अवस्थी ने आपदा से क्षतिग्रस्त सड़कों की मरम्मत के लिए अतिरिक्त धनराशि की मांग की, जबकि नालागढ़ के विधायक हरदीप सिंह बावा ने क्षेत्र में ट्यूबवेल लगाने और डे-बोर्डिंग स्कूल खोलने का आग्रह किया। दून के विधायक राम कुमार ने बद्दी आईएसबीटी का कार्य शीघ्र शुरू करने और कार्यालय भवनों के निर्माण के लिए बजट उपलब्ध कराने की मांग की। कसौली के विधायक विनोद सुल्तानपुरी ने सड़कों और स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करने की आवश्यकता बताई।

 

चंबा जिले के विधायकों ने भी स्वास्थ्य सेवाओं, पर्यटन विकास और सड़कों के निर्माण से जुड़े मुद्दे उठाए। बिलासपुर जिले के विधायकों ने सिंचाई, पेयजल योजनाओं, सीवरेज कार्यों के बाद सड़कों के पक्कीकरण और पर्यटन गतिविधियों को बढ़ावा देने की मांग रखी। लाहौल-स्पीति की विधायक अनुराधा राणा ने क्षेत्र को हेली-टैक्सी सेवा से जोड़ने, कुंजुम सुरंग के निर्माण और पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए नियमों में ढील देने का आग्रह किया।

RELATED NEWS

0 Comments

leave a comment