शिमला, 29 अप्रैल। धर्मशाला नगर निगम चुनाव को लेकर राजनीतिक सरगर्मी तेज हो गई है। भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष डॉ. राजीव बिन्दल ने बुधवार को पार्टी के अधिकृत उम्मीदवारों की सूची जारी कर दी है। धर्मशाला नगर निगम में कुल 17 वार्ड हैं और भाजपा ने सभी वार्डों में अपने प्रत्याशी उतारकर चुनावी मैदान में पूरी तैयारी के साथ उतरने का संकेत दिया है।
भाजपा की ओर से जारी सूची के अनुसार वार्ड 1 फरसेटगंज (महिला) से रेखा देवी, वार्ड 2 भागसूनाग (अनुसूचित जनजाति) से शमशेर नैहरिया, वार्ड 3 मैकलोडगंज (महिला) से आशा देवी, वार्ड 4 कश्मीरी हाउस (महिला) से नेहा सांगल, वार्ड 5 खजांची मोहल्ला (अनुसूचित जाति महिला) से अरूणा कुमारी, वार्ड 6 कोतवाली बाजार (महिला) से करिश्मा छेत्री, वार्ड 7 सैकरीटेरिएट (अनुसूचित जाति महिला) से आशु और वार्ड 8 खेल परिसर (महिला) से प्रेरणा गुलेरिया को उम्मीदवार बनाया गया है।
इसके अलावा वार्ड 9 सकोह (अनारक्षित) से राज चौधरी, वार्ड 10 श्याम नगर (अनारक्षित) से अमित भारद्वाज, वार्ड 11 रामनगर (अनारक्षित) से अनिश कुमार, वार्ड 12 बडोल (अनुसूचित जनजाति महिला) से मीना कुमारी, वार्ड 13 दाड़ी (अनारक्षित) से हर्ष ओबोरॉय, वार्ड 14 सिद्धपुर (महिला) से अनुपम कटोच, वार्ड 15 कंड (अनारक्षित) से शेखर आनंद, वार्ड 16 खनियारा (अनुसूचित जाति) से प्रवीण प्रकाश और वार्ड 17 सिद्धबाड़ी (अनारक्षित) से विशाल जमवाल को टिकट दिया गया है।
दूसरी ओर कांग्रेस भी अब तक 8 वार्डों में अपने उम्मीदवार घोषित कर चुकी है, जिससे साफ है कि इस बार चुनाव में सीधी टक्कर देखने को मिलेगी। दोनों प्रमुख दल अपने-अपने स्तर पर चुनावी रणनीति को अंतिम रूप देने में जुटे हैं। धर्मशाला नगर निगम में 17 मई को मतदान होगा और 31 मई को चुनाव परिणाम घोषित होगा।
अगर पिछले चुनाव की बात करें तो वर्ष 2021 में हुए नगर निगम चुनाव में भाजपा ने 17 में से 8 सीटें जीती थीं, जबकि कांग्रेस को 5 सीटों पर जीत मिली थी और 4 सीटें निर्दलीय उम्मीदवारों के खाते में गई थीं। इन नतीजों के बाद किसी भी दल को स्पष्ट बहुमत नहीं मिला था, जिसके चलते सियासी समीकरण लगातार बदलते रहे।
हालांकि शुरुआत के करीब ढाई साल तक नगर निगम धर्मशाला की सत्ता भाजपा के पास रही, लेकिन वर्ष 2023 में मेयर पद उसके हाथ से निकल गया। उस समय भाजपा के पास तीन निर्दलीय पार्षदों के समर्थन के साथ 10 पार्षद थे, जबकि कांग्रेस के पास 7 पार्षद थे। मेयर चुनाव के दौरान भाजपा के एक पार्षद की क्रॉस वोटिंग और विधायक सुधीर शर्मा के वोट के कारण दोनों दलों के पास 9-9 मत हो गए थे। इसके बाद पर्ची के जरिए फैसला हुआ और कांग्रेस पार्षद नीनू शर्मा मेयर बन गईं, जबकि डिप्टी मेयर पद भाजपा के पास ही रहा।