शिमला, 19 मई। पूर्व मुख्यमंत्री एवं पूर्व केंद्रीय मंत्री शांता कुमार ने नीट-यूजी परीक्षा के प्रश्नपत्र लीक मामले को देश की परीक्षा व्यवस्था पर कलंक बताते हुए इसे लाखों युवाओं के भविष्य के साथ किया गया बड़ा खिलवाड़ बताया है।
शांता कुमार ने मंगलवार को एक बयान में कहा कि प्रश्नपत्र लीक की घटनाएं पहली बार नहीं हुई हैं, बल्कि पहले भी कई बार ऐसी घटनाएं सामने आती रही हैं, जिससे देश की शिक्षा और परीक्षा प्रणाली की विश्वसनीयता पर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं। उन्होंने कहा कि भारत अंतरराष्ट्रीय स्तर पर लगातार सम्मान और प्रतिष्ठा हासिल कर रहा है तथा हाल के राजनीतिक और राष्ट्रीय स्तर की उपलब्धियां देश के लिए गर्व का विषय हैं। यदि आम लोगों और युवाओं से जुड़े मुद्दों पर सरकार पूरी सफलता प्राप्त नहीं कर पाती, तो बड़ी उपलब्धियां भी धूमिल हो जाती हैं।
उन्होंने केंद्र सरकार से इस मामले में कठोर और विशेष कदम उठाने की मांग करते हुए कहा कि प्रश्नपत्र लीक जैसे अपराध सामान्य अपराध नहीं हैं, बल्कि यह एक व्यक्ति की हत्या से भी सैकड़ों गुना अधिक गंभीर अपराध है, क्योंकि इससे लाखों छात्रों के सपने और भविष्य प्रभावित होते हैं।
पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा कि देश में होने वाले सैकड़ों अपराधों में से बहुत कम मामलों का ही खुलासा हो पाता है। ऐसे में आशंका है कि कई परीक्षाएं पेपर लीक के दाग से प्रभावित होती होंगी। उन्होंने मांग की कि प्रश्नपत्र लीक जैसे जघन्य अपराधों के लिए कानून में फांसी तक की सजा का प्रावधान किया जाना चाहिए, ताकि भविष्य में कोई ऐसी घटना दोबारा न हो।
शांता कुमार ने कहा कि यदि इस बार की घटना भारत के इतिहास में अंतिम पेपर लीक घटना साबित नहीं होती, तो यह उनकी अपनी सरकार से सबसे बड़ी शिकायत होगी।