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हिमाचल प्रदेश में शीतलहर का प्रकोप, कई जिलों में माइनस तापमान

Himgiri Samachar:

शिमला, 10 जनवरी। हिमाचल प्रदेश में इस बार सर्दी बिना बर्फबारी के ही लोगों की परीक्षा ले रही है और शीतलहर ने पहाड़ से मैदान तक जनजीवन को जकड़ लिया है। प्रदेश के कई हिस्सों में तापमान माइनस और शून्य डिग्री के आसपास पहुंचने से सुबह-सुबह सड़कों पर पानी जम रहा है। इससे फिसलन बढ़ गई है और आम लोगों के साथ-साथ वाहन चालकों को भी परेशानी झेलनी पड़ रही है।

 

मौसम विभाग के ताजा आंकड़ों के मुताबिक प्रदेश के छह ज़िलों लाहौल स्पिति, किन्नौर, कुल्लू ,सोलन, मंडी औऱ बिलासपुर के 11 स्थानों पर न्यूनतम तापमान माइनस में दर्ज किया गया, जबकि 4 शहरों का पारा शून्य डिग्री के आसपास बना हुआ है। सबसे ठंडा इलाका लाहौल-स्पीति का कुकुमसेरी रहा, जहां न्यूनतम तापमान माइनस 10.9 डिग्री सेल्सियस दर्ज हुआ। इसके अलावा ताबो में माइनस 7.9 डिग्री, कल्पा में माइनस 3.6 डिग्री, सियोबाग में माइनस 2.5 डिग्री, भुंतर में माइनस 1.0 डिग्री, मनाली में माइनस 1.1 डिग्री, सुंदरनगर में माइनस 0.2 डिग्री, सोलन में माइनस 0.5 डिग्री, रिकांगपिओ में माइनस 0.8 डिग्री और बजौरा में माइनस 0.5 डिग्री तापमान रिकॉर्ड किया गया। इसके साथ ही कई जगह तापमान शून्य के बेहद करीब रहा। पालमपुर में न्यूनतम तापमान 0.5 डिग्री, मंडी में 0.8 डिग्री, हमीरपुर में 0.8 डिग्री, नारकंडा में 0.5 डिग्री और कुफ़री में 2.1 डिग्री दर्ज किया गया।

 

मैदानी इलाकों में भी ठंड का असर असामान्य रूप से तेज देखा जा रहा है। ऊना में न्यूनतम तापमान 2.2 डिग्री, कांगड़ा में 2.0 डिग्री, बिलासपुर में 2.5 डिग्री और नाहन में 5.1 डिग्री रहा, जबकि बिलासपुर, हमीरपुर, कांगड़ा और मंडी जैसे निचले जिलों का तापमान शिमला से भी कम दर्ज किया गया, जो सामान्य हालात से अलग माना जा रहा है।

 

राजधानी शिमला में न्यूनतम तापमान 2.6 डिग्री, जुब्बड़हट्टी में 5.5 डिग्री, कसौली में 3.8 डिग्री, पांवटा साहिब में 5.0 डिग्री, देहरा गोपीपुर में 5.0 डिग्री और नेरी में 5.9 डिग्री दर्ज किया गया। मौसम विभाग के अनुसार प्रदेश का औसत न्यूनतम तापमान सामान्य से करीब 2 डिग्री नीचे चल रहा है, जिससे कई जिलों में शीतलहर की स्थिति बनी हुई है। विभाग ने 14 जनवरी तक कई इलाकों में सुबह और देर रात घने कोहरे की चेतावनी जारी की है, जबकि 16 जनवरी तक मौसम के शुष्क रहने की संभावना जताई गई है। बीते तीन महीनों से प्रदेश में पर्याप्त बारिश और बर्फबारी नहीं हुई है। इससे सूखे जैसे हालात बनने लगे हैं। इसका सीधा असर किसानों और बागवानों पर पड़ रहा है, जो सेब सहित दूसरी नकदी फसलों के लिए जरूरी बर्फबारी और वर्षा का इंतजार कर रहे हैं।

 

शिमला और मनाली जैसे पर्यटन स्थलों पर भी अभी तक बर्फ नहीं गिरने से पर्यटन कारोबार से जुड़े लोग चिंतित हैं। लगातार सूखी और तेज ठंड के कारण लोगों को न केवल सुबह-शाम घरों से निकलने में दिक्कत हो रही है और खेत-खलिहानों और बागानों में भी काम प्रभावित हो रहा है।

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