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हिमाचल में हिन्दू समाज को सौंपा जाए मंदिरों का नियंत्रण, ‘लैंड’ और ‘लव जिहाद’ पर सख्त कार्रवाई करे प्रदेश सरकार : विहिप

Himgiri Samachar:
शिमला, 30 अप्रैल। विश्व हिंदू परिषद (वीएचपी) ने हिमाचल प्रदेश सरकार पर कई मुद्दों को लेकर तीखा हमला बोला है। शिमला में वीरवार को आयोजित पत्रकार वार्ता में परिषद के केंद्रीय संगठन महामंत्री मिलिंद परांडे ने कहा कि प्रदेश के मंदिरों पर सरकार का नियंत्रण खत्म कर उन्हें हिंदू समाज को सौंपा जाना चाहिए। उन्होंने इसे “धार्मिक असमानता” का मामला बताते हुए कहा कि अन्य धर्मों के पूजा स्थलों का संचालन उनके समुदायों के पास है, जबकि हिमाचल में अब भी 37 प्रमुख मंदिर सरकारी नियंत्रण में हैं।


परांडे ने कहा कि इन मंदिरों में हर साल सैकड़ों करोड़ रुपये का चढ़ावा आता है। उनका कहना है कि यह धन श्रद्धालुओं द्वारा धार्मिक और सांस्कृतिक गतिविधियों, लंगर और मंदिरों के विकास के लिए दिया जाता है, लेकिन इसका उपयोग प्रशासनिक खर्चों में नहीं होना चाहिए। 


विहिप के मुताबिक सरकारी आंकड़ों के अनुसार साल 2024 में इन 37 मंदिरों की कुल आय 200.59 करोड़ रुपये रही, जबकि करीब 346.26 करोड़ रुपये की राशि फिक्स्ड डिपॉजिट में जमा है। इसके अलावा मंदिरों के पास सोना और चांदी भी पर्याप्त मात्रा में है।


उन्होंने यह भी कहा कि यह केवल मौजूदा सरकार का मुद्दा नहीं है, अगर भविष्य में भारतीय जनता पार्टी की सरकार भी बनती है, तो उनके सामने भी यह मांग मजबूती से रखी जाएगी। उनका कहना है कि मंदिरों का प्रबंधन समाज के हाथ में होना चाहिए, जिससे धन का उपयोग पारदर्शी और धार्मिक उद्देश्यों के लिए हो सके।


उन्होंने “लैंड जिहाद” का मुद्दा भी उठाया। परांडे ने आरोप लगाया कि प्रदेश के कई इलाकों में सरकारी जमीन पर अवैध कब्जे और निर्माण हो रहे हैं। उन्होंने शिमला के संजौली, मंडी और अन्य क्षेत्रों का उदाहरण देते हुए कहा कि इन मामलों में तुरंत सख्त कार्रवाई की जरूरत है। उनका कहना है कि यदि समय रहते इन गतिविधियों को नहीं रोका गया, तो इससे कानून व्यवस्था और सामाजिक संतुलन पर असर पड़ सकता है।


इसके साथ ही वीएचपी ने हिमाचल में कथित “लव जिहाद” और धर्मांतरण के मामलों को भी गंभीर बताते हुए सरकार से हस्तक्षेप की मांग की। परिषद का कहना है कि ऐसी घटनाओं से समाज में असुरक्षा और आक्रोश बढ़ रहा है, लेकिन सरकार इस पर पर्याप्त ध्यान नहीं दे रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि इन मुद्दों पर सरकार की चुप्पी लोगों की चिंता को और बढ़ा रही है।


परांडे ने कहा कि विहिप इन सभी मामलों को लेकर गंभीर है और अगर सरकार ने जल्द कोई ठोस कदम नहीं उठाया, तो संगठन प्रदेशभर में जनजागरण अभियान शुरू करेगा। उन्होंने चेतावनी दी कि जरूरत पड़ने पर आंदोलन भी किया जाएगा।

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